भागलपुर के विक्रमशिला सेतु को दोबारा चालू करने और उसकी मजबूती बढ़ाने के लिए निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है. सेतु पर क्षतिग्रस्त स्पैन को ग्राइंडर और कटर से काटकर हटाया जा रहा है. वहीं, मुंबई से पहुंची विशेषज्ञ तकनीकी टीम कार्बन प्लेटिंग यानी स्ट्रेंथनिंग तकनीक के जरिए पुल के कमजोर ढांचे को अतिरिक्त मजबूती देने में जुटी है. दावा है कि इस आधुनिक तकनीक से पुल की उम्र करीब 25 साल तक बढ़ाई जा सकती है, लेकिन सवाल यह है कि जब पुल की मरम्मत का काम चल रहा है, तो भागलपुर की जनता को इस बड़ी परेशानी से कब राहत मिलेगी?
भागलपुर - विक्रमशिला सेतु की मरम्मत तेज
दरअसल, विक्रमशिला सेतु के तीन कमजोर और क्षतिग्रस्त स्पैन को काटकर हटाया जा रहा है. इसके लिए पुल की रेलिंग और सड़क की सतह यानी स्लैब की कटिंग की जा रही है. एक स्लैब पहले ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गंगा में समा चुका है. अब कुल चार स्पैन पर स्टील ट्रस ब्रिज स्थापित कर उसके ऊपर सड़क का निर्माण किया जाएगा, ताकि पुल को फिर से मजबूत और सुरक्षित बनाया जा सके.
एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही निर्माण कार्य
करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी इस निर्माण कार्य को अंजाम दे रही है. निर्माण कार्य पूरा करने के लिए मकर संक्रांति तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन पूर्ण निर्माण निगम के एमडी ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को इससे पहले काम पूरा करने का निर्देश दिया है. ऐसे में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या निर्माण एजेंसी निर्धारित समय से पहले काम पूरा कर पाएगी या फिर लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा.
पुल बंद होने से लोगों को हो रही समस्या
विक्रमशिला सेतु बंद होने का असर अब केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आम जनजीवन और कारोबार पर भी पड़ रहा है. लोगों को गंगा पार करने के लिए जहाज का सहारा लेना पड़ रहा है. रोजाना सफर करने वाले यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और छोटे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पहले जिस दूरी को लोग कुछ ही मिनटों में तय कर लेते थे, अब उसी सफर में घंटों लग रहे हैं.
आवागमन की बहाली का इंतजार कर रही जनता
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस पुल पर लाखों लोगों की आवाजाही और कारोबार की निर्भरता है, उसकी मरम्मत में लगने वाले समय का बोझ आखिर कब तक आम जनता उठाएगी? क्या निर्माण कार्य की लगातार निगरानी कर तय समय से पहले पुल को चालू किया जा सकेगा? अब भागलपुर की जनता को आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द से जल्द राहत और सुरक्षित आवागमन की बहाली का इंतजार है.
रिपोर्ट: अश्वनी कुमार