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बेतिया में नगर निगम में कार्यरत कनीय अभियंता सुजय सुमन की मुश्किलें बढ़ गई है. बिहार सरकार के अवर सचिव राजेश्वर राज की ओर से कनीय अभियंता पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किए हैं. साथ ही, हाई कोर्ट के आदेश और विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कमिश्नर शिवाक्षी दीक्षित को निर्देश जारी किए गए हैं. जेई सुजय सुमन से भुगतान के वसूली करने का निर्देश जारी हुआ है. जेई पर विधि सम्मत कार्रवाई के लिए अवर सचिव ने नगर आयुक्त को विभागीय पत्राचार किया है.
तीन सदस्यीय टीम से मामले की जांच
बता दें कि नगर निगम की उपमेयर गायत्री देवी ने जूनियर इंजीनियर (JE) सुजय सुमन पर गंभीर आरोप लगाए थे और जांच की मांग की थी. उपमेयर गायत्री देवी की शिकायत पर सांसद डॉक्टर संजय जायसवाल ने अनुशंसा की थी. वहीं, शिकायत पर नगर विकास एवं आवास विभाग ने तीन सदस्यीय टीम से मामले की जांच कराई थी. जांच में सुजय सुमन के खिलाफ गंभीर आरोपों की सत्यता पाई गई.
कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश
बता दें कि उपमेयर ने जेई सुजय सुमन की नियुक्ति को लेकर शिकायत की थी, जिसकी 11 जून 2026 को तीन सदस्यीय जांच कमिटी ने जांच की. जांच में पाया गया कि 20 मार्च 1997 को सुजय सुमन की दैनिक पारिश्रमिक के आधार पर नियुक्ति हुई थी, उस समय नियुक्ति को लेकर विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया था. 28 सितंबर 2004 को जेई की सेवा स्थाई करना सरकारी नियमों का अनुरूप नहीं पाया गया. अब अतिरिक्त सचिव ने जूनियर इंजीनियर (JE) से अवैध रूप से प्राप्त भुगतान की वसूली करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं.
'मुझे बदनाम करने की साजिश रची जा रही'
इस मामले में जेई सुजय सुमन ने बताया है कि मेरे पक्ष में हाईकोर्ट के डबल बेंच से फैसला आ चुका है. यह आरोप बेबुनियाद है. पत्र में न्यायालय के आदेश के बारे में भी जिक्र किया गया है. मुझे बदनाम करने की साजिश रची गई है. वहीं, इस पूरे मामले में नगर आयुक्त शिवक्षी दीक्षित का कहना है कि अपर सचिव का पत्र प्राप्त हुआ है. कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन मेयर को भेजा गया है. पत्र को बोर्ड में रखा जाएगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वही, इस मामले में उपमेयर गायत्री देवी का कहना है कि 17 अगस्त 2026 को अपर सचिव का पत्र नगर निगम के आयुक्त को आया है, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी जेई पर नगर आयुक्त के द्वारा कार्रवाई नहीं की गई है. सचिव के पत्र को बोर्ड में भेज दिया गया है. जेई को बचाने के लिए साजिश रची जा रही है. नियम के अनुसार, अभी तक नगर आयुक्त को पत्र के निर्देश में कार्रवाई कर देनी चाहिए थी.
रिपोर्ट: धनंजय द्विवेदी