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Bettiah News: बिहार के पश्चिम चंपारण के डीएम तरनजोत सिंह एक्शन मोड में हैं. जिले के अंचल और प्रखंड कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है. पश्चिम चंपारण जिला के बैरिया अंचल में बंदोबस्ती अभिलेखों से छेड़छाड़ के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. इस मामले में बैरिया अंचल के चार कर्मियों समेत कुल 7 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. आरोप है कि बंदोबस्ती अभिलेखों में छेड़छाड़ कर उन्हें ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए थे.
मिली जानकारी के अनुसार, बैरिया अंचल में बंदोबस्ती अभिलेखों में हेरफेर की शिकायत डीएम तरनजोत सिंह को मिली थी. इसके बाद उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की. इस जांच के दौरान अभिलेखों में हुई गड़बड़ी की जांच की गई. जांच रिपोर्ट आने के बाद इसमें संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई.
इस मामले में पूर्व नाजिर अनिल कुमार, वर्तमान नाजिर आम्रेश्वर प्रसाद और ऑपरेटर बिट्टू कुमार समेत सात लोगों के नाम शामिल हैं. इन सभी के खिलाफ बैरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में कांड संख्या 503/26 दर्ज किया गया है. पुलिस अब मामले की जांच कर आरोपों से जुड़े तथ्यों का पता लगा रही है.
डीएम तरनजोत सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि अंचल और प्रखंड कार्यालयों में भ्रष्टाचार, लापरवाही या किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायत मिलने पर प्रशासन गंभीरता से जांच करेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. बैरिया अंचल में बंदोबस्ती अभिलेखों से छेड़छाड़ के मामले में हुई इस कार्रवाई से पूरे जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. खासकर उन अंचल और प्रखंड कर्मियों के बीच चिंता बढ़ गई है, जिन पर सरकारी कामकाज में गड़बड़ी करने के आरोप लगते रहे हैं. डीएम की इस सख्ती को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है. प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी अभिलेखों में हेरफेर और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. अब जिले के लोगों की नजर इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.
रिपोर्ट: धनंजय द्विवेदी