गया के सर्किट हाउस के रूम में एसी ब्लास्ट से लगी आग, बाल-बाल बचे भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर
गया के सर्किट हाउस के रूम में बुधवार की दोपहर एसी ब्लास्ट हो गया, जिसकी वजह से आग लग गई. इस सर्किट हाउस में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ ठहरे हुए थे. हालांकि, वह इस घटना में बाल-बाल बच गए. किसी को कोई हानि नहीं हुई है.
गया सर्किट हाउस के रूम नंबर 3 में एसी फटा और आग लगने की घटना हुई. एसी ब्लास्ट होते ही कमरे में आग लग गई. रूम नंबर 3 में आग लगते ही सर्किट हाउस में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. बगल में रूम नंबर 2 था, जहां भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ ठहरे हुए थे. संयोग से यह घटना सर्किट हाउस के रूम नंबर 3 में हुई. इसके कारण मनोज कुमार एक तरह से बाल-बाल बच गए. उन्हें रूम नंबर 2, जो कि सर्किट हाउस के प्रथम तल पर है. वहां से नीचे सुरक्षित अग्निशमन विभाग के पदाधिकारी लेकर आए.
वहीं, सर्किट हाउस का तीन नंबर रूम मनोज कुमार के लिए अलॉट किया गया था. इस कमरे में वीवीआईपी का ठहरना होता है. 21 अक्टूबर, 2026 दिन बुधवार को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार को भी कमरा नंबर 3 अलॉट किया गया था. मगर, मनोज कुमार ने कमरा नंबर तीन के बजाय कमरा नंबर दो को चुना और उसी में ठहरे थे. इसी बीच बुधवार दोपहर को मनोज कुमार जिस कमरे में ठहरे थे, उसके बगल में स्थित तीन नंबर कमरे में एसी ब्लास्ट हुआ और आग लग गई.
आग धीरे-धीरे फैलने लगी थी. रूम नंबर 2 में मौजूद मनोज कुमार कुछ समझ नहीं पा रहे थे. वहीं, सर्किट हाउस के कर्मी मौके पर पहुंचे और इसकी जानकारी अग्निशमन विभाग और पुलिस अधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. अग्निशमन दल द्वारा मनोज कुमार और उनकी पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि वे सर्किट हाउस में ही थे. घटना की जानकारी मिलने पर वे वहां पहुंचे और देखा कि आग लगी हुई है. उन्होंने जानकारी ली तो पता चला कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ घटना वाले कमरे के बगल में स्थित रूम नंबर 2 में ठहरे हुए थे. वे अपनी पत्नी के साथ सुरक्षित हैं. समय रहते मनोज कुमार को सुरक्षित निकाल लिया गया और आग पर काबू पा लिया गया.
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार को रूम नंबर 3 दिया जा रहा था. जिला प्रशासन के द्वारा यह अलॉट किया गया था. हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें दो नंबर रूम चाहिए. संयोग की बात है कि तीन नंबर आवंटित हुआ था, लेकिन उनकी इच्छा थी कि वह दो नंबर में रहें. अग्निशमन विभाग के लोगों के द्वारा उन्हें सुरक्षित रूप से नीचे उतारा गया. हालांकि, कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं घटी.
रिपोर्ट: जय प्रकाश कुमार
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