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बिहार में आए दिन धरना प्रदर्शन होता रहा है. पुलिस और प्रदर्शनकारियों बीच संघर्ष भी होता है. प्रदर्शनकारी जब पुलिस की तरफ से रोके जाते हैं और वह नहीं रुकते, तो पुलिस उन पर वाटर कैनन का इस्तेमाल करती है. पुलिस ऐसा इसलिए करती है, ताकि प्रदर्शनकारी वहां से चले जाए और कानून-व्यवस्था बनी है, लेकिन जब प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की जाती है, तब वह एंजॉय करने लगते हैं पानी की बौछार में वह स्नान करने लगते हैं. अभी हाल के दिनों में पटना में जब पुलिस ने छात्रों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, तो छात्र डांस करने लगे. इसी बीच कुछ वाटर कैनन खराब होने की भी खबर सामने आई थी. इसी को देखते हुए सम्राट सरकार ने 30 वाटर कैनन खरीदने वाली है.
दरअसल, बिहार में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार 30 वाटर कैनन और 86 नए वज्र वाहनों की खरीद करेगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इसके लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. बैठक में ऊर्जा, सड़क, आवास, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य विभागों से जुड़े कुल 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, 30 वाटर कैनन की खरीद के लिए प्रति वाहन 88 लाख रुपए की दर से 26.40 करोड़ रुपए तथा 86 नए वज्र वाहनों के लिए प्रति वाहन 42 लाख रुपए की दर से 36.12 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. दोनों मदों को मिलाकर कुल 62.52 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है.
सरकार का उद्देश्य कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों में पुलिस बल की त्वरित कार्रवाई और संसाधनों को मजबूत करना है. बैठक में ऊर्जा विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए.
मंत्रिपरिषद ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी. इसके अलावा कैमूर और रोहतास जिलों की 177 बसावटों (जिनमें 132 गांव शामिल हैं) के 21,644 घरों को ग्रिड से विद्युतीकरण करने के लिए आरडीएसएस के तहत स्वीकृत योजना की पुनरीक्षित लागत 117.80 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 351.85 करोड़ रुपए करने की मंजूरी दी गई.
इनपुट: आईएनएस