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जिस ब्रिटिश हुकूमत ने भारत पर 200 साल और दुनिया के अलग-अलग देशों पर कई शताब्दियों तक राज किया, वही मुल्क आज अपने लोगों को इमरजेंसी के लिए तैयार रहने को कह रहा है. यूके सरकार ने अपने नागरिकों से कहा है कि वह राष्ट्रीय आपातकाल के लिए तैयार रहें. सरकार ने लोगों से खाने-पीने के सामान का जरूरी स्टॉक रखने और सरकारी मदद के लिए रजिस्ट्रेशन कराने को कहा है.
गुरुवार को एक सरकारी वेबसाइट पर नई एडवाइजरी पोस्ट की गई. इसमें कहा गया कि परिवारों के पास इमरजेंसी की स्थिति में तीन दिनों का खाने-पीने का सामान होना चाहिए.सुरक्षा मंत्री डैन जार्विस ने संसद में एक लिखित मिनिस्टर लेवल बयान भी दिया.
दरअसल, यूके को खराब मौसम, सूखे और बाढ़ के साथ-साथ AI और रूस-ईरान की तरफ से 'दुश्मनी वाली गतिविधियों' के खतरों का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए, ब्रिटेन के लोगों से अपनी तैयारियों को बेहतर करने के लिए कहा गया है. इस अभियान की योजना प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम के पूर्ववर्ती, कीर स्टारमर ने साल की शुरुआत में ही बना ली थी. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, बर्नहम ने इसे लॉन्च करने में देरी की, क्योंकि उन्हें डर था कि उनके कार्यकाल की शुरुआत में ही इसे बहुत निराशावादी कदम के रूप में देखा जा सकता है.
बर्नहम ने अपने कार्यकाल के पहले तीन महीने पूरे यूके में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश में बिताए हैं. उनकी नीतिगत घोषणाओं में रक्षा खर्च और यूके के सामने मौजूद खतरों जैसे कठिन मुद्दों के बजाय, बस किराए को सीमित करने और ताकत के डिसेंट्रलाइजेशन जैसे लोगों को राहत देने वाले कदमों पर ज्यादा जोर दिया गया है.
लेकिन, लोगों को इमरजेंसी के लिए तैयार रहने और तीन दिन का स्टॉक रखने को कहना जैसा कदम बताता है कि सरकार अब वोटर्स को उन मुश्किल फैसलों के लिए तैयार करना चाहती है, जो अगले हफ्ते जॉन हीली के बजट में सामने आ सकते हैं. चांसलर इस बात पर विचार कर रहे हैं कि रक्षा खर्च बढ़ाने की जरूरत और सरकार की अन्य खर्च प्राथमिकताओं के बीच कैसे संतुलन बनाया जाए.
'स्काई' से बात करते हुए पेमास्टर जनरल जेम्स मरे ने कहा, 'हर परिवार खुद को ज्यादा सक्षम और तैयार बनाने में अपनी भूमिका निभा सकता है, लेकिन यह सरकार को तय करना होगा हमारे पास सही सुरक्षा इंतजाम हों.' उन्होंने कहा,'कई सालों से और भविष्य में भी, हमारा मुख्य फोकस हमारी सैन्य क्षमता और रक्षात्मक क्षमता पर रहा है और रहेगा.'
ऑनलाइन चेकलिस्ट में ब्रिटेन के लोगों को सलाह दी गई है कि वे तीन दिनों के लिए बोतलबंद पानी और खराब न होने वाले खाने के सामान का स्टॉक रखें. उनके पास हैंड सैनिटाइजर, टॉर्च, बैटरी और एक रेडियो भी होना चाहिए. साथ ही, उन्हें अपने पास कुछ कैश, जरूरी दस्तावेजों की कॉपीज, कंबल और गर्म कपड़े रखने की भी सलाह दी गई है.
जार्विस ने कहा,'पिछली सर्दियों के तूफानों और इस गर्मी की जंगलों की आग ने दिखा दिया है कि मौसम की गंभीर घटनाएं हमारे रोजमर्रा के जीवन में कितनी बड़ी दिक्कतें पैदा कर सकती हैं. ये उन सर्विसेज पर भी असर डालती हैं, जिन पर हम निर्भर हैं जैसे कि फोन, बिजली, पानी और इंटरनेट.'
मंत्रियों पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को एडवांस बनाने और भविष्य के लिए तैयारी करने के लिए बड़े कदम उठाने का दबाव है. गर्मियां और ज्यादा गर्म हो रही हैं और डेटा सेंटर बनाने की योजनाओं के कारण पानी की मांग बढ़ रही है. लेकिन, 1992 में जल क्षेत्र के प्राइवेटाइजेशन के बाद से ब्रिटेन में कोई नया जलाशय नहीं बनाया गया है. बड़े डिफेंस एक्सपर्ट्स ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि उसे अपनी सेना में भारी निवेश करने की जरूरत है, क्योंकि किसी बड़े युद्ध की स्थिति में वह अपना बचाव करने के लिए तैयार नहीं है.
जिस तरह से यह सलाह जारी की गई है, उससे पता चलता है कि सरकार लोगों में बहुत ज्यादा घबराहट पैदा नहीं करना चाहती. कोविड महामारी के शुरुआती दिनों में सुपरमार्केट की अलमारियों के खाली हो जाने की यादें अभी भी लोगों के मन में ताजा हैं.