पाकिस्तानी पासपोर्ट बना मुसीबत! इजरायल के कहने पर एयर फ्रांस ने पायलटों को ड्यूटी से हटाया, क्रू मेंबर्स से भी छीना काम
इजरायल के निशाने पर अब आतंक की फैक्ट्री के रूप में चर्चित पाकिस्तान आ गया है. उसने पाकिस्तानी मूल के पायलटों और क्रू मेंबर्स को अपने आसमान में उड़ने पर बैन लगा दिया है. इस निर्देश के बाद एयर फ्रांस ने अपने ड्यटी रोस्टर से पाकिस्तान मूल के पायलटों को ड्यटी से हटा दिया है.
फ्लाईदुबई अटैक की घटना के बाद से इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त हो गया है. उसने उन सभी देशों के पायलट और क्रू मेंबर पर इजरायल आने पर बैन लगा दिया गया है, जिनके साथ तेल अवीव के राजनयिक संबंध नहीं है. इसके लिए उसने मेमो जारी कर सभी एयरलाइंस ताकीद कर दिया है कि वह प्रतिबंधित किए गए देशों के पायलटों और क्रू मेंबर्स को इजरायल जाने पर वाली फ्लाइट पर ड्यूटी न दें वरना उन्हें लौटा दिया जाएगा.
इजरायल के इस आदेश की मार पाकिस्तान पर भी पड़ी है. एयर फ्रांस ने इजरायली आदेशों का पालन करते हुए तेल अवीव जाने वाली अपनी सभी सभी फ्लाइटों से पाकिस्तानी मूल के पायलटों और क्रू मेंबर्स को डयूटी से हटा दिया है.
इजरायल ने देशों के पायलटों और क्रू मेंबर्स पर लगाया बैन
इजरायली ब्रॉडकास्टर N12 ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, देश के परिवहन और सड़क सुरक्षा मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर विमानन सुरक्षा से जुड़े नए निर्देशों की जानकारी दी है. मंत्रालय की ओर से यह सर्कुलर 1 अक्टूबर को जारी किया गया था. उसमें कहा गया था कि विदेशी एयरलाइंस को स्पष्ट किया गया कि जिन पायलटों और केबिन क्रू के पास इजरायल से राजनयिक संबंध न रखने वाले देशों की राष्ट्रीयता या दोहरी राष्ट्रीयता है, वे इजरायल के आसमान में उड़ान नहीं भर सकते.
इसके साथ ही इजरायल ने उन 31 देशों की सूची जारी की, जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध नहीं हैं. इस सूची में पाकिस्तान, बांग्लादेश, सऊदी अरब, कतर, क्यूबा, इंडोनेशिया, इराक, मालदीव, माली, नाइजर, सोमालिया, अल्जीरिया, अफगानिस्तान, ब्रुनेई, कोमोरोस, जिबूती, ईरान, कुवैत, लेबनान, लीबिया, सूडान, सूरिया, यमन, वेनेजुएला, ट्यूनीशिया, मलेशिया, मालदीव, माली, मॉरिटानिया, नाइजर, उत्तर कोरिया, ओमान और वेनेजुएला शामिल हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो इन देशों के पायलट और क्रू मेंबर अब फ्लाइट के जरिए इजरायल नहीं आ सकते.
एयर फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों को ड्यटी से हटाया
इजरायल के इन निर्देशों के बाद एयर फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों और केबिन क्रू को इजरायल के लिए उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगा दिया है. उसने निर्देश जारी किया है कि अगर उसके किन्हीं कर्मियों के पास दोहरी नागरिकता हो तो वह उसका खुलासा करे वरना उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.
एयर फ्रांस के साथ ही अमेरिका की यूनाइटेड एयरलाइंस भी इस तरह के प्रतिबंधों की जानकारी दी है. उसने उन पायलटों और क्रू मेंबर्स को इजरायल जाने वाली उड़ानों में ड्यूटी देने से प्रतिबंधित कर दिया है, जिनके पास दोहरी नागरिकता है या फिर वे दूसरे देशों के मूल निवासी हैं. इस सूची में इजरायल के साथ राजनयिक संबंध न रखने वाले 29 देश शामिल हैं.
चेक गणराज्य बोला- हम भी करेंगे निर्देशों का पालन
चेक गणराज्य की सबसे बड़ी एयरलाइन, स्मार्टविंग्स ने भी इजरायली नियमों को मानने की बात कही है. एयरलाइंस ने कहा कि वह इजरायल के साथ राजनयिक संबंध न रखने वाले देशों के पायलटों और क्रू मेंबर्स को इजरायल वाली उड़ानों में ड्यूटी नहीं देगा.
इथियोपियन विमान को भुगतना पड़ा खामियाजा
इजरायल के नए विमानन नियमों का पालन न करने का खामियाजा अफ्रीकी देश इथियोपिया की इथियोपियन एयरलाइंस को भुगतना पड़ा. 'द जेरूसलम पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन के प्लेन ने मंगलवार को इजरायल की राजधानी तेल अवील के लिए उड़ान भरी थी. वह अभी इथियोपिया की सीमा में ही था. तभी इजरायली अधिकारियों को प्लेन उड़ा रहे पायलट के इंडोनेशियाई होने का पता चला.
चूंकि इंडोनेशिया ने इजरायल को मान्यता नहीं दी है और दोनों मुल्कों के बीच राजयनिक संबंध नहीं है. इसलिए इजरायली अधिकारियों ने प्लेन को तुरंत वापस लौट जाने का निर्देश दिया. निर्देश मिलने के बाद प्लेन इथियोपिया की राजधानी आदिस अबाबा पहुंचा और वहां से पायलट चेंज करके दोबारा से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी.
इथियोपियन एयरलाइंस ने इस घटना को एक भूल बताया और कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि पायलट को इज़राइल के लिए उड़ानें संचालित करने से प्रतिबंधित किया गया है.
मुस्लिम पायलटों और क्रू मेंबर्स पर 'साख' का संकट
रिपोर्टों के मुताबिक, विमानन सुरक्षा को लेकर इजरायल के कठोर रुख की वजह से अब दुनियाभर की तमाम एयरलाइंस को अपने क्रू ड्यूटी रोस्टर में बदलाव करना पड़ रहा है. इसकी वजह से मुस्लिम पायलटों को चुन-चुनकर पायलट और क्रू मेंबर की ड्यूटी के हटाया जा रहा है.
इजरायल के मित्र देश भारत पर इसका कोई असर नहीं है. यहां के सभी सभी धर्मों के पायलटों को इजरायल के लिए उड़ान भरने की आजादी है. हालांकि, भारत के पड़ोसी पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, मालदीव ऐसे भाग्यशाली नहीं है. इजरायल के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैये की वजह से इन देशों के पायलटों को अपनी ड्यटी गंवानी पड़ रही है.
इस साल 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?
बताते चलें कि कुछ दिनों पहले 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उस फ्लाइट को भारतीय पायलट स्मित मच्छार उड़ा रहे थे. जबकि ओमानी मूल का अल-हम्मामी को-पायलट के रूप में साथ में था. उड़ान भरने के बाद नमाज पढ़ने के बहाने से हम्मामी ने पीछे से स्मित मच्छार के ऊपर कुल्हाड़ी से हमल कर दिया. वह मच्छार को मारकर प्लेन को तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत पर टकराकर सैकड़ों लोगों को मारना चाहता था.
हालांकि, अपनी जान की परवाह न कर मच्छार उनसे भिड़ गए और बुरी तरह लहूलुहान होने के बावजूद कॉकपिट का गेट खोल दिया. जिसके बाद प्लेन में सवार इजरायली यात्रियों ने हम्मामी को पकड़ लिया. उस विमान में दो पायलट यात्री के रूप में सफर कर रहे थे. उन्होंने तुरंत प्लेन का कंट्रोल संभाला और उसे रास्ते में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतार दिया. जहां पर स्मित मच्छार का इलाज किया गया और हम्मामी को कस्टडी में ले लिया गया. बाद में दूसरा प्लेन मंगाकर यात्रियों को तेल अवीव भिजवाया गया.