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पूर्व केंद्रीय मंत्री की बेटी स्वीडन में बनीं सांसद, कौन हैं नीला पाटील, जिनके चाचा भी महाराष्ट्र सरकार में हैं मंत्री? ग्रीन पार्टी से जीतीं चुनाव

महाराष्ट्र के राजनीतिक परिवार से ताल्लुकात रखने वाली नीला विखे पाटील को स्वीडन में सांसद चुना गया है. उन्होंने ग्रीन पार्टी से चुनाव में जीत हासिल की है. नीला के चाचा राधाकृष्ण विखे पाटील महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं.

Written By abhinav tripathi
Published: Sep 20, 2026, 08:03 AM IST | Updated: Sep 20, 2026, 08:18 AM IST
Image Credit: नीला पाटिल ने ग्रीन पार्टी से चुनाव जीता और वह स्वीडन में संसद बनीं. (फोटो- एआई)
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Who Is Neela Patil: महाराष्ट्र के एक राजनीतिक परिवार से नाता रखने वाली नीला विखे पाटील ने स्वीडन की राजनीति में बड़ी सफलता अपने नाम की है. वह स्वीडन में स्टॉकहोम शहर से सांसद चुनी गईं.  ग्रीन पार्टी की नेता पर स्थानीय लोगों ने भरोसा जताया. जीत के बाद वह 349 सदस्यीय रिक्स्डैग (स्वीडिश संसद) का हिस्सा बन गईं.

दरअसल, नीला विखे पाटील महाराष्ट्र से ताल्लुक रखती हैं. नीला पाटील का जन्म स्वीडन में ही हुआ है. हालांकि, उन्होंने अपने बचपन का एक हिस्सा महाराष्ट्र के अहमदनगर में बिताया. 41 वर्षीय नीला पाटील स्वीडन राजनीति में कई साल से सक्रिय हैं.  लंबे समय तक नीला का परिवार महाराष्ट्र की राजनीति, शिक्षा और सहकारी आंदोलन से जुड़ा रहा है. नीला के पिता अशोक विखे पाटील एक शिक्षाविद् हैं.

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं नीला के चाचा

नीला पाटील पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटील की पोती हैं और उनके चाचा राधाकृष्ण विखे पाटील महाराष्ट्र सरकार में जल मंत्री हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि स्वीडन के इस चुनाव में जीत हासिल करने के बाद नीला ने अपने दादाजी को याद किया और उम्मीद जताई की वह अपने दादा जी को गर्व महसूस कराएंगी. नीला का कहना है कि उनके दादा ने उन्हें केवल 15 साल की उम्र में बजट पढ़ना सिखाया.

पीएम कार्यालय में कर चुकी हैं काम

पिछले कई सालों से नीला स्वीडिश राजनीति में सक्रिय हैं. स्वीडन के पूर्व पीएम स्टीफन लोफवेन के कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वीडिश पीएम कार्यायल में सलाहकार के तौर पर काम भी किया. अपने इस कार्यकाल के दौरान नीला वित्त, कराधान और आवास से जुड़े पर काम करती थीं. इसके बाद वह स्टॉकहोम नगर परिषद के लिए चुनी गईं. नीला ने इस शहर में ग्रीन पार्टी के चुनाव समितियों के लिए भी काम किया. इसके साथ ही वह स्वीडिश यंग ग्रीन्स, ग्रीन पार्टी गोथेनबर्ग और ग्रीन स्टूडेंट्स ऑफ स्वीडन में भी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं.

कितनी पढ़ी-लिखीं हैं नीला

रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून में ग्रेजुएशन किया है. इसके साथ ही उन्होंने एमबीए की डिग्री भी हासिल की है. उन्होंने मैड्रिड के कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय से भी शिक्षा ली है. एक सांसद के तौर पर वह बच्चों के कल्याण और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहती हैं. नीला का मानना है कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जो वोट नहीं दे सकते हैं. साथ ही देश के विकास के मसले पर भी योगदान देंगी.

भारत से रखती हैं विशेष लगाव

नीला पाटील भले ही स्वीडन में रहती हैं और वहां की राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन वह भारत से विशेष लगाव रखती हैं. उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि वह भारत से काफी प्यार करती हैं और उससे काफी जुड़ाव महसूस करती हैं. उनके कई दोस्त भारत के हैं. बता दें कि नीला का परिवार भारत की राजनीति में काफी सक्रिय है. नीला के परदादा विखे पाटील ने एशिया की पहली सहकारी चीनी फैक्ट्री की स्थापना की थी.  विखे पाटील परिवार का महाराष्ट्र की राजनीति, शिक्षा और सरकारी आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. 

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About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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