‘मुझे मेरी बेटी चाहिए, जिंदा या मुर्दा...’ सऊदी में स्वीटी को फांसी की खबर से टूटा परिवार, घर पर मां का इंतजार कर रही 4 साल की मासूम
सऊदी अरब में जिस स्वीटी नाम की लड़की को फांसी दी गई है, उसका परिवार आज भी अपनी बेटी का इंतजार कर रहा है. साथ ही उसकी 4 साल की बच्ची भी अपनी मां की राहें देख रही है.
सऊदी अरब ने दो बांग्लादेशियों को चुपचाप फांसी दे दी. फांसी दिए जाने वालों में सऊदी प्रेस एजेंसी के जरिए जारी एक बयान में मंत्रालय ने दोनों के नाम नजरुल इस्लाम अब्दुल बसीर और स्वीटी अख्तर बताए गए. दोनों को फांसी दिए जाने की खबर 14 अक्टूबर को आई. हालांकि, फांसी क्यों दी गई इस बारे में किसी का भी आधिकारिक बयान नहीं है, जबकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि दोनों एक दूसरे के साथ संबंध में थे और नजरुल ने और स्वीटी को मक्का शहर की मस्जिद में कथित तौर पर माथे पर चुंबन किया था.
लगभग चार साल पहले, फजल मियां ने अपनी सबसे छोटी बेटी स्वीटी अख्तर को सऊदी अरब भेजा था. इसके लिए उन्होंने 1.5 लाख टका उधार लिए थे. फजल मियां एक दिहाड़ीदार मजदूर हैं और वो अभी तक उस खबर की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहा है, जिसे कोई भी पिता सुनना नहीं चाहेगा कि उसकी बेटी को कथित तौर पर फांसी दे दी गई है.
झगड़े में फंसाकर जेल में डलवा दिया- स्वीटी
फजल ने 'द डेली स्टार' के साथ बात करते हुए याद किया कि कैसे उनकी बेटी ने पहले घर पैसे भेजे थे, लेकिन बाद में परिवार को परेशान करने वाली खबर मिली. पहले 5 महीनों तक उसने घर पैसे भेजे, एक दिन उसने फोन करके बताया कि उसे जेल भेज दिया गया है. फजल के मुताबिक,'स्वीटी ने बताया कि सऊदी अरब में अन्य महिला कामगारों के साथ झगड़े के बाद उसे फंसाकर जेल में डाल दिया गया था. इसके बाद परिवार का उससे लगभग एक साल तक कोई संपर्क नहीं रहा.'
15 दिन पहले हुई थी बेटी से बात
फजल के मुताबिक,'लगभग एक वर्ष के बाद स्वीटी ने फिर से घर पर फोन करना शुरू कर दिया, आमतौर पर महीने में एक बार वो परिवार से बात कर लेती थी लेकिन उसने अपने मुकदमे या सजा के बारे में कभी जिक्र नहीं किया.' फजल ने बताया,'अपनी आखिरी फोन कॉल में से एक के दौरान, उसने कहा कि उसे दो महीने में जेल से रिहा किया जा सकता है. उसने 15 दिन पहले ही जेल से हमें फोन किया था. तब भी उसने अपनी सजा के बारे में कुछ नहीं कहा.'
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मुझे मेरी बेटी चाहिए, जिंदा या मुर्दा
उन्होंने बताया कि हमें कुछ दिन पहले ही यह जानकारी मिली है कि स्वीटी को फांसी की सजा सुना दी गई है. जबकि बांग्लादेश की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. स्वीटी की मां, जोहुरा के मुताबिक,'उनकी बेटी का तलाक हो चुका था और उसकी एक चार साल की बेटी थी. स्वीटी के सऊदी अरब चले जाने के बाद उसकी बड़ी बहन ब्यूटी ने बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली.' उन्होंने मांग करते हुए कहा,'मुझे मेरी बेटी चाहिए जिंदा या मुर्दा.'