भारत से 75 किमी दूर आतंक का 'गोदाम', बांग्लादेश में तुर्किये का डर्टी गेम, फूंके 25000 करोड़
तुर्किये पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश में ड्रोन यूनिट लगाने जा रहा है. इसके लिए बोगुरा में 25000 करोड़ रुपये की लागत से यूनिट लगाई जाएगी. यह भारत के बॉर्डर से महज 75 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. ऐसे में भारत के लिए मुश्किलें बढ़ गई है.
पाकिस्तान के बाद अब तुर्किये अपनी ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बांग्लादेश में भी फैलाने में जुटा है. तुर्किये मानवरहित लड़ाकू ड्रोन बायराक्टर TB2 और सोंगर की यूनिट को पड़ोसी मुल्क में लगा रहा है.
बांग्लादेश के बोगुरा में 25,000 करोड़ की एक यूनिट लगाने का फैसला हो चुका है और इसके लिए जमीन भी दे दी गई है. तुर्किये बांग्लादेश को टेक्नोलॉजी भी देगा, ताकि वहां ड्रोन बनाकर इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे पूर्वी एशियाई देशों को एक्सपोर्ट किया जा सके.
बांग्लादेश की सेना पहले से ही तुर्किये में बने रॉकेटसन कपलान मल्टीपल-लॉन्च रॉकेट सिस्टम और ओटोकार कोबरा आर्मर्ड पर्सनल कैरियर का इस्तेमाल करती है.
बांग्लादेश में तुर्किये ने लगाई ड्रोन यूनिट्स
बांग्लादेश सरकार ने पिछले 6 महीनों में तुर्किये के साथ कई डिफेंस समझौते किए हैं. तुर्किये ने पाकिस्तान में अटक, खारियन और कराची में भी बायराक्टर TB2 ड्रोन यूनिट्स लगाई हैं, जहां स्टील्थ और ज्यादा देर तक उड़ने वाले ड्रोन बनाए जा रहे हैं.
तुर्किये ने पिछले 6 महीनों में बांग्लादेश में 12 कल्चरल सेंटर खोले गए हैं. कट्टरपंथी छात्र गुटों और जमात-ए-इस्लामी के साथ मिलकर चलाए जा रहे ये सेंटर भारत-विरोधी एजेंडा को बढ़ावा दे रहे हैं. ढाका में यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट और एक खास तुर्किये कल्चरल सेंटर खोलने की तैयारी चल रही है. तुर्किये के तुर्किये स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत, इस साल 3,000 बांग्लादेशी छात्रों को हायर एजुकेशन के लिए तुर्किये भेजा जा चुका है.
बांग्लादेश के साथ 4000 किमी की सीमा
भारत की सबसे लंबी 4,000 किमी की सीमा बांग्लादेश के साथ है. यह किसी भी पड़ोसी देश के साथ भारत की सबसे लंबी सीमा है और किन्हीं दो देशों के बीच दुनिया की पांचवीं सबसे लंबी जमीनी सीमा है. बोगुरा ड्रोन यूनिट भारतीय सीमा से सिर्फ 75 किमी दूर है.
भारत के नजरिए से, बांग्लादेश के तुर्किये के साथ डिफेंस संबंध भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए खतरा बढ़ा सकते हैं. बांग्लादेश भारत के साथ अपनी सीमा पर ड्रोन तैनात करने की भी योजना बना रहा है और सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान वाले 'मक्का डिफेंस पैक्ट' में शामिल होने की कोशिश कर रहा है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाता है.
बोगुरा एयरपोर्ट को अपग्रेड कर रहा बांग्लादेश
इससे पहले जुलाई में बांग्लादेश के मंत्री मीर शाह आलम ने कहा था तुर्किये के साथ मिलकर बनाई जाने वाली ड्रोन इंडस्ट्री बोगुरा एयर बेस के पास लगाई जाएगी. द डेली स्टार के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि अभी उत्तरी बांग्लादेश में ऐसा कोई एयरपोर्ट नहीं है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता हो, इसलिए मौजूदा बोगुरा एयरपोर्ट को उसी हिसाब से अपग्रेड किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा था कि सरकार ने उत्तरी इलाके में देश के पहले बांग्लादेश एयरफोर्स बेस को भी मंजूरी दे दी है, जहां नए शामिल किए गए फाइटर जेट तैनात किए जाएंगे.
राज्य मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान के दौर में बना बोगुरा एयरपोर्ट देश के सबसे पुराने एयरपोर्ट्स में से एक है. उन्होंने कहा था कि हालांकि पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के कार्यकाल में इसके विकास की पहल की गई थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से उन कोशिशों को जारी नहीं रखा जा सका.