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उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की धमकीः विदेशियों को दी नौकरी, तो कंपनी पर लगेगा भारी-भरकम टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कंपनियों को अमेरिका में ही प्रोडक्शन करने और अमेरिकियों को ही नौकरी देने की धमकी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो फिर उन्हें सजा के तौर पर भारी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.

Edited By K. Raj Mishra
Published: Oct 10, 2026, 12:00 PM IST | Updated: Oct 10, 2026, 12:06 PM IST
Image Credit: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Photo- Getty Images)
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिकी कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने अमेरिकियों की जगह विदेशी नागरिकों को नौकरी दी, तो फिर उन्हें भारी-भरकम टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने अमेरिका से बाहर मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों पर भी टैरिफ लगाने की बात कही. वहीं, जो कंपनियां अमेरिकियों को नौकरी देंगी और अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग करेंगी, उन्हें सरकार की ओर से समर्थन दिया जाएगा. वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करना और देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है.

ओहायो के लीमा शहर में एक रिपब्लिकन मिडटर्म चुनावी रैली को संबोधित करते हुए वेंस ने कहा कि अगर आप अमेरिका में सामान बना रहे हैं और अमेरिकी नागरिकों को रोजगार दे रहे हैं, तो हम आपको बड़ा टैक्स कट देंगे. आपको अपना उत्पादन बढ़ाने और कारोबार विस्तार के लिए सरकार की ओर से पूरा समर्थन मिलेगा. लेकिन अगर आप अमेरिकी नौकरियां को विदेश भेज रहे हैं, तो टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई कंपनी अपना कारखाना किसी विदेशी कंपनी को ट्रांसफर कर रही है या अमेरिकी कर्मचारियों की जगह किसी विदेशी नागरिक को नौकरी देने की कोशिश की, तो फिर सजा के तौर पर भारी टैरिफ का सामना करना पडे़गा.

अब हम अपनों के लिए लड़ेंगे- वेंस

वेंस ने अपने गृह नगर मिडलटाउन, ओहायो का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने फैक्ट्रियों को बंद होते और नौकरी जाने के बाद परिवारों को संघर्ष करते देखा है. उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि जब एक मां या पिता अपनी नौकरी खो देता है तो उसके परिवार पर क्या असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि अब हम अपनों के लिए लड़ेंगे. वेंस ने कहा कि सरकारी नीतियां ऐसी होनी चाहिए, जो कंपनियों को विदेशों में नौकरियां भेजने के बजाय अमेरिका में निवेश और उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करें.

खरबों डॉलर के निवेश का दावा

वेंस की यह टिप्पणी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अमेरिकी नौकरियों की सुरक्षा की बात करते हुए कानूनी अप्रवासियों का भी स्पष्ट रूप से जिक्र किया. हालांकि, उपराष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि कानूनी अप्रवासियों को रोजगार देने वाली कंपनियों पर किसी नए टैरिफ को कैसे लागू किया जाएगा या ऐसी कोई नई नीति कब लाई जाएगी. उनकी टिप्पणियों से यह साफ संकेत मिला कि प्रशासन रोजगार के मामले में अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता देने और कंपनियों को अमेरिका के भीतर उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है. वेंस ने यह भी दावा किया कि प्रशासन की आर्थिक नीतियों के कारण खरबों डॉलर का निवेश आया है और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नई नौकरियां पैदा हुई हैं.

पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी साधा निशाना

वेंस ने ओहायो में ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और दवा कंपनियों के प्रस्तावित निवेश का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अमेरिका में विनिर्माण गतिविधियां बढ़ेंगी. इन परियोजनाओं में उन्होंने स्टेलांटिस की ओर से ऑटोमोबाइल निर्माण में 40 करोड़ डॉलर, एयरोस्पेस क्षेत्र में 85 करोड़ डॉलर और दवा निर्माण में 2.2 अरब डॉलर के निवेश का उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व बाइडेन प्रशासन ने अवैध इमीग्रेशन (Immigration) को बढ़ावा दिया, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों की मजदूरी और रोजगार के अवसर प्रभावित हुए.

रिपोर्ट- आईएएनएस

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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