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भारत समेत कई अन्य देशों को रूसी तेल खरीदने से मना करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब खुद रूस से डीजल खरीदने जा रहे हैं. उन्होंने यह घोषणा ऐसे वक्त में की है, जब अमेरिका ने कई देशों पर रूसी तेल खरीदने को लेकर काफी सख्त टैरिफ लगा रखे हैं. अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद रूस की ओर से तुरंत 3 लाख से ज्यादा डीजल भेजने की तैयारी कर रहा है. रूस के साथ हुए इस करार पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि रूस के साथ हुआ ऊर्जा समझौता अमेरिकी सप्लाई और वैश्विक तेल बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि आपने रूस के साथ हुए तेल समझौते के बारे में सुना होगा. यह बहुत बड़ा समझौता है. हमारे देश में भारी मात्रा में तेल आ रहा है और मैं ईमानदारी से राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देना चाहता हूं.
जेंलेंस्की ने इस डील पर क्या कहा?
वहीं, ट्रंप के इस कदम की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि मॉस्को इस रकम का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में खर्च करेगा. उन्होंने मॉस्को को पेट्रोलियम प्रोडक्ट बेचने की अनुमति देने का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि यह रूस के हित में है. इससे वह ज्यादा लोगों को मार सकेगा और दुनिया को ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा. जेलेंस्की की आपत्ति के बाद भी ट्रंप ने इस डील का समर्थन किया है.
जेलेंस्की की आलोचना पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने जेलेंस्की से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका को ऊर्जा सप्लाई की जरूरत है और खास तौर पर डीजल की अहम भूमिका है. उन्होंने दावा किया कि इस समझौते की वजह से ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आ रही है. उधर, ईरान के मुद्दे पर ट्रंप ने अतिरिक्त अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज नहीं किया. ट्रंप ने ईरान को एक ऐसे देश के रूप में पेश किया जो सैन्य और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सेना हार चुकी है. उनके पास नौसेना नहीं है. उनके पास वायुसेना नहीं है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में महंगाई 300 प्रतिशत तक पहुंच गई है. सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एक हवाई अड्डे पर कथित हमले के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने असंतोष जताया.
सरेआम सजा देने पर क्या बोले ट्रंप?
इसके अलावा जब पत्रकारों ने ट्रंप से सरेआम सजा देने और उसके प्रसारण को लेकर सवाल किया तो ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिक चिंता यह है कि मौत की सजा को अमल में लाया जाए. उन्होंने कहा कि मुझे इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि उसे कैसे फांसी दी जाती है. मेरा मानना है कि उसके लिए मौत की सजा बिल्कुल उचित है.
रिपोर्ट- आईएएनएस