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अमेरिका के शिकागो में एक हिंदू मंदिर पर हमले की नाकाम कोशिश ने दुनियाभर के हिंदुओं को चिंता में डाल दिया है. अब इस घटना को लेकर अमेरिकी सांसदों ने भी चिंता जताई है. अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य रिच मैक्कोर्मिक और 'हाउस इंडिया कॉकस' के सह-अध्यक्ष एवं सांसद रो खन्ना ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और FBI से पूरे मामले की गहन जांच करने की मांग की है. दोनों सांसदों ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश और FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर इस घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई है. मैक्कोर्मिक ने हिंदू और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ते खतरों पर चिंता जताते हुए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी अमेरिकी नागरिक को अपने धर्म या विरासत के कारण जान का डर नहीं होना चाहिए.
'सभी को हासिल है धार्मिक स्वतंत्रता'
रिच मैक्कोर्मिक ने कहा कि इलिनोइस के एक हिंदू मंदिर में जो कुछ होने ही वाला था, वह बेहद चौंकाने वाला और डरावना है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में सभी को अपनी धार्मिक स्वतंत्रता का पूरा अधिकार है. यह अधिकार उनको अमेरिका का संविधान देता है. उन्होंने कहा कि देश में नफरत और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. मैक्कोर्मिक ने कहा कि अमेरिका में किसी को भी सिर्फ अपने धर्म या अपनी विरासत की वजह से अपनी जान का डर नहीं होना चाहिए. हमारे देश में धार्मिक स्वतंत्रता एक बुनियादी अधिकार है. हमारे देश में नफरत और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है.
'संघीय हेट क्राइम का मामला'
उधर, हाउस इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष और सांसद रो खन्ना ने भी अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच और FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर इस मामले की जांच कराने की अपील की है. उन्होंने आग्रह किया कि इस मामले की संभावित संघीय हेट क्राइम के तौर पर जांच की जानी चाहिए. साथ ही यह पता लगाया जाए कि क्या आरोपी को किसी दूसरे व्यक्ति ने उकसाया? क्या उसके साथ कोई दूसरा व्यक्ति भी इस साजिश में शामिल था या नहीं? खन्ना ने दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरती कंटेंट प्रसारित होने पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि 'X' (पहले ट्विटर) पर जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली पोस्ट में लगभग 240 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
हेट क्राइम के बढ़ते मामलों पर चिंता
अमेरिकी सांसदों ने अपने पत्र में लिखा कि इलिनोइस की घटना, कोई अकेली या पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी हिंदू और भारतीय समुदाय के खिलाफ इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. उन्होंने पत्र में लिखा कि FBI के आंकड़ों में 2025 के दौरान सिख, हिंदू और बौद्ध समुदायों को निशाना बनाने वाले दर्ज हेट क्राइम में बढ़ोतरी दिखाई गई है. सांसदों ने कहा कि इन घटनाओं से लोगों में अपने ही पूजा स्थलों पर असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है. पत्र में आखिरी में कहा गया कि अमेरिका में किसी को भी अभी अपनी पूजा-पद्धति को लेकर डरने की जरूरत नहीं है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि अमेरिका के शिकागो में एक हिंदू मंदिर में मास शूटिंग की साजिश रची गई थी, लेकिन बंदूक के जाम होने से हमलावर इस घटना को अंजाम देने में सफल नहीं हो सका. हमलावर को पुलिस ने पकड़ लिया. केवल 19 साल के हमलावर ने बताया कि उसने जान-बूझकर रविवार का दिन चुना था, क्योंकि नवरात्रि के कारण इस दिन मंदिर में ज्यादा से ज्यादा हिंदुओं के जुटने की संभावना थी. आरोपी के घर से पुलिस ने काफी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए. पुलिस ने पाया कि इन हथियारों की मदद से वह एक बड़े नरसंहार की योजना पर काम कर रहा था.