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अमेरिका के सिएटल में दिवाली के जश्न के बीच उस वक्त हंगामा मच गया, जब कुछ कट्टरपंथी हिंदू विरोधी और नस्लीय पोस्टर लेकर कार्यक्रम में घुस आए. इस दौरान वहां बच्चों का कार्यक्रम चल रहा था, जिसे रोकने की कोशिश की गई. इस घटना पर अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल और भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे नफरत फैलाने वाली हरकत बताया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...
आरोप है कि जेक लैंग ने सिएटल में आयोजित एक दिवाली समारोह में बाधा डाली और इस दौरान उनके हाथों में "डॉट हेड्स को वापस भेजो" (Deport All Dot Heads) और "ईसाइयों की जगह हिंदुओं को बसाना बंद करो" जैसे नस्लीय नारे लिखे पोस्टर थे. इस मामले में अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने शनिवार को कट्टरपंथी (फार-राइट) एक्टिविस्ट जेक लैंग की कड़ी निंदा की है.
इसी हफ्ते वॉशिंगटन के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए फिर से चुनी गईं जयपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर इस घटना के एक कथित वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से नस्लीय था और भारतीय-अमेरिकी समुदाय को बिना किसी डर के अपने त्योहार मनाने की आजादी होनी चाहिए.
I am beyond disgusted by this vile and racist display. Diwali is an important holiday and our community should feel safe to celebrate it. This hateful display has no place in our city or this country.
— Rep. Pramila Jayapal (@RepJayapal) November 8, 2026
जयपाल ने लिखा, 'मैं इस घिनौने और नस्लीय प्रदर्शन से बेहद आहत और गुस्से में हूं. दिवाली एक महत्वपूर्ण त्योहार है और हमारे समुदाय को इसे मनाते समय सुरक्षित महसूस करना चाहिए. हमारे शहर या इस देश में इस तरह की नफरत के लिए कोई जगह नहीं है.'
अब जानते हैं आखिर दिवाली सेलिब्रेशन समारोह में क्या हुआ? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि लैंग ने कार्यक्रम में खलल डाला. जबकि इस कट्टरपंथी एक्टिविस्ट लैंग ने उल्टा आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उसके और उसके साथियों के साथ मारपीट की.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में जेक लैंग और कुछ अन्य प्रदर्शनकारी हिंदू विरोधी नारे लिखे पोस्टर लिए नजर आ रहे हैं. कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने उनका विरोध किया और कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकाल दिया.
लैंग ने हिंदुओं के खिलाफ भड़ास निकालते हुए उन पर डेमोक्रेट्स को टेक्सास में जीत दिलाने का आरोप भी लगाया. उसने लिखा, 'सिएटल दिवाली फेस्टिवल में दर्जनों एंटीफा (ANTIFA) और हिंदुओं ने हम पर हमला किया. लगता है उन्हें हमारा 'Deport All Dot Heads' वाला पोस्टर पसंद नहीं आया. हिंदुओं ने टेक्सास को ब्लू कर दिया. भाड़ में जाएं वे.'
We were just ASSAULTED by dozens of ANTIFA & HINDUS @ the Seattle Diwali Festival!!!! I guess they didn’t like our “Deport All Dot Heads” sign!!! 🇮🇳✈️ Hindus flipped Texas blue. Fuck them. https://t.co/mS3oBdEAYZ
— Jake Lang - January 6 Political Prisoner 🇺🇸 (@JakeLang) November 8, 2026
कार्यक्रम स्थल के बाहर बात करते हुए लैंग ने अपने इस प्रदर्शन का बचाव किया और दावा किया कि वह विरोध करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहा था. उसने कहा, 'हम टेक्सास और वॉशिंगटन राज्य में ईसाइयों की जगह हिंदुओं के बसने के खिलाफ अपने 'फर्स्ट अमेंडमेंट' (अभिव्यक्ति की आजादी) के तहत प्रदर्शन कर रहे थे और कुछ भारतीयों व श्वेत उदारवादियों की भीड़ ने हमें घेर लिया और हमला कर दिया, उन्होंने मुझे मारा. उन्होंने मेरा झंडा तोड़ दिया, अमेरिका में यही सब हो रहा है.'
भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन अजय जैन भुटोरिया ने भी इस घटना की निंदा की है. उन्होंने इसे कट्टरता की कार्रवाई बताया और कहा कि अमेरिका में हिंदुओं और भारतीय प्रवासियों को निशाना बनाने वाली नस्लीय टिप्पणियों के लिए कोई जगह नहीं है.
उन्होंने कहा, 'बेहद शर्मनाक. जेक लैंग और थॉमस एलन का सिएटल में एक शांतिपूर्ण दिवाली समारोह में 'Deport All Dot Heads' और 'Stop Hindu Replacement of Christians' लिखे पोस्टर लेकर घुसना शुद्ध नफरत और कट्टरता है. दिवाली रोशनी, परिवार और खुशियों का त्योहार है, कोई खतरा नहीं. हिंदू अमेरिकियों और भारतीय प्रवासियों को नस्लीय गालियों और साजिश की बातों से निशाना बनाने की इस देश में कोई जगह नहीं है. हम इस नस्लवाद के खिलाफ हैं और हर अमेरिकी के अपनी विरासत को आजादी से मनाने के अधिकार के साथ खड़े हैं.'
इस बवाल के बाद कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) ने भी एक कम्युनिटी अलर्ट जारी किया है, जिसमें सिएटल और आसपास के इलाकों के लोगों से दिवाली समारोह के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है.
'एक्स' पर एक पोस्ट में संगठन ने इस घटना को 'हिंदूफोबिक कट्टरता' का उदाहरण बताया और कहा कि एक्टिविस्ट जेक लैंग और थॉमस एलन ने एक ऐसे हिंदू दिवाली समारोह में बाधा डाली, जहां बच्चे परफॉर्म कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों के हाथों में "Deport all Dotheads" और "Stop Hindu Replacement of Christians" जैसे नारे लिखे पोस्टर थे.
CoHNA ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकाल दिया. घटना की निंदा करते हुए संगठन ने समुदाय के लोगों से सावधान रहने को कहा और चेतावनी दी कि इन एक्टिविस्ट्स ने अन्य दिवाली समारोहों में भी बाधा डालने की योजना का ऐलान किया है.
जेक लैंग एक अमेरिकी धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता है, जो 'व्हाइट रिप्लेसमेंट' नाम का एक संगठन चलाता है. वह 6 जनवरी, 2021 को यूएस कैपिटल (US Capitol) पर हुए हमले में शामिल लोगों में से एक था. उसने चार साल जेल में बिताए थे, जिसके बाद जनवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन उसे माफी दे दी थी.