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समंदर के बाद अब जमीन से ईरान का दम घोंटने की तैयारी! अमेरिका ने उतारे 20 'सीक्रेट' खिलाड़ी, क्या है मकसद?

अमेरिका की इस स्पेशल फोर्स की खासियत यह है कि इसमें सेना के जवानों के साथ-साथ आम नागरिक (सिविलियन) एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं, जो फ्लोरिडा से बैठकर काम करेंगे.

समंदर के बाद अब जमीन से ईरान का दम घोंटने की तैयारी! अमेरिका ने उतारे 20 'सीक्रेट' खिलाड़ी, क्या है मकसद?
Image Credit: US Iran War

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 8 महीने से संघर्ष चल रहा है. अब यह जंग एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. समंदर के रास्ते ईरान की नाकेबंदी करने के बाद अब अमेरिका जमीन से भी उसकी सप्लाई लाइन काटने की तैयारी में है. इसके लिए अमेरिकी सेना ने 20 लोगों की एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया है. इसका मकसद ईरान में हथियारों और अवैध सामान की एंट्री रोकना है.

अमेरिकी सेना ने ऐलान किया है कि वह ईरान में हथियारों और अवैध सामान की सप्लाई रोकने के लिए 20 मेंबर्स की एक नई टास्क फोर्स बनाएगी. यह टास्क फोर्स ईरान की तरफ जाने वाले उन जमीनी रास्तों को बंद करने या रोकने के तरीके ढूंढेगी, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर इस तरह के सामान की तस्करी के लिए किया जाता है.

ईरान ने  'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के जरिए सीमित किया रास्ता

ये नई पाबंदियां दोनों देशों के बीच पिछले आठ महीने से चल रही जंग के दौरान ईरानी पोर्ट्स पर लगाई गई अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी का ही अगला कदम होंगी. इस जंग में तेहरान ने भी अहम ट्रेड रूट 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले रास्तों को सीमित कर दिया है, जिससे दुनिया भर की एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है.

आतंकवाद की फंडिंग और सैन्य ताकत पर लगेगी लगाम

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख ब्रैड कूपर ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक बयान जारी करके इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस टास्क फोर्स का काम 'आतंकवाद को वित्तपोषित करने, हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों का पुनर्निर्माण करने और अपनी सेना को फिर से मजबूत करने की ईरान की क्षमता को और सीमित करेगा.'

फ्लोरिडा से होगा संचालन, कैस्पियन सागर पर भी नजर

बयान में आगे बताया गया कि फ्लोरिडा से काम करने वाली इस टीम में आम नागरिकों (सिविलियन) के साथ-साथ सेना के जवान भी शामिल होंगे. यह टीम अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि ईरान की जमीनी सीमाओं और कैस्पियन सागर के रास्ते आधुनिक हथियारों, संदिग्ध तकनीकों, बैन किए गए सामान और अवैध कमाई की आवाजाही को रोका जा सके.

25 अरब डॉलर के तेल निर्यात पर लगा ब्रेक

दरअसल, अमेरिका ने जंग की शुरुआत में ही ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी थी. यह कदम ईरान की उस कोशिश के जवाब में उठाया गया था, जिसमें उसने अहम समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की थी. आम दिनों में दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस समुद्री नाकेबंदी की वजह से ईरान का करीब 25 अरब डॉलर का कच्चा तेल एक्सपोर्ट नहीं हो पाया है.

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About the Author

Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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