मिडिल ईस्ट क्षेत्र में जारी संघर्ष अब और भी खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. रविवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद, ओमान का समुद्री मार्ग और यमन के रिहाइशी इलाके भारी हमलों और हादसों की चपेट में आ गए. यमन के हूती विद्रोहियों, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्य क्षेत्रीय ताकतों के बीच जारी यह जंग अब आम लोगों के साथ-साथ आर्थिक और रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बना रही है.
हालिया घटनाक्रम से जुड़े तीन मुख्य अपडेट्स इस प्रकार हैं:
रियाद के अरामको टावर से टकराया मलबा, खिड़कियां टूटीं
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के सबसे प्रीमियम व्यापारिक क्षेत्र 'किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट' (KAFD) में स्थित प्रसिद्ध 'अरामको टावर' में जोरदार धमाके की खबर आई है. चश्मदीदों के मुताबिक, इमारत की कई मंजिलों के कांच टूटकर नीचे आ गिरे.
- मिसाइल इंटरसेप्ट के बाद हुआ हादसा: सऊदी ऊर्जा मंत्रालय और रक्षा बलों के अनुसार, रियाद को निशाना बनाकर यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया था. इस इंटरसेप्शन के बाद मिसाइलों का मलबा टावर पर आ गिरा, जिससे यह नुकसान हुआ.
- कम नुकसान का दावा: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इमारत को सीमित नुकसान हुआ है और स्थिति नियंत्रण में है. हालांकि, घटना के वक्त पूरे शहर में एक के बाद एक कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई.
- बढ़ते हमले: फरवरी में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद से पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है. जुलाई से जंग दोबारा तेज होने के बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल संयंत्रों पर ड्रोन व मिसाइल हमलों की रफ्तार बढ़ा दी है.
ओमान के तट पर टैंकर में लगी भीषण आग, क्रू रेस्क्यू
समुद्री सुरक्षा एजेंसी 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' (UKMTO) के अनुसार, ओमान के खसाब शहर से लगभग 15 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में एक तेल/रासायनिक टैंकर में अचानक भीषण आग लग गई.
- आपातकालीन रेस्क्यू: आग की लपटें उठते ही टैंकर पर सवार पूरे चालक दल (क्रू) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
- जांच जारी: यह घटना शनिवार देर रात घटी थी, जिसकी आधिकारिक सूचना सैन्य अधिकारियों के जरिए UKMTO को थोड़ा देरी से मिली. आग लगने की असली वजह और टैंकर की पहचान को लेकर जांच की जा रही है.
- हाई अलर्ट जारी: फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों को विशेष सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की चेतावनी जारी की गई है.
यमन पर भीषण हवाई हमले, 72 लोगों की मौत की खबर
दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि सऊदी अरब की अगुआई वाले सैन्य गठबंधन ने उनके नियंत्रण वाले आठ राज्यों (प्रोविंस) में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं.
- सना के पास सबसे ज्यादा तबाही: हूती मीडिया और अल जजीरा के ग्राउंड रिपोर्टर के मुताबिक, सबसे घातक हमले राजधानी सना के पूर्वी इलाके 'बनी हुशैश' में हुए.
- नागरिक ठिकानों पर निशाना: हूतियों का आरोप है कि इन हवाई हमलों में आम नागरिकों के घरों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जिससे अब तक कम से कम 72 लोगों की जान जा चुकी है. मलबे में दबे लोगों को देखते हुए मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
- गठबंधन की चुप्पी: यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अदन सरकार का समर्थन कर रहे सऊदी गठबंधन ने इन हमलों और मौतों के दावों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
मिडिल ईस्ट का ये संकट अब सिर्फ सीमाओं तक नहीं...
अरामको टावर पर हुए हमले, ओमान की खाड़ी में टैंकर में आग और यमन में हुई भारी मौतों से साफ है कि मिडिल ईस्ट का यह संकट अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा. यह सीधे तौर पर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और आम लोगों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है. आने वाले दिनों में अगर कूटनीतिक रास्ते नहीं निकाले गए, तो इस क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है.