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18 डिग्री तापमान, फिर क्यों हाथों में दस्ताने और विंटर कोट पहनकर शी से मिले ट्रंप? क्या छिपा रहे US राष्ट्रपति

शी जिनपिंग अमेरिकी दौरे पर हैं. उनको रिसीव करने जब डोनाल्ड ट्रंप एयरपोर्ट आए तो उन्होंने हाथों में दस्ताने पहने हुए थे. जबकि बाहर तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस था, जो सोशल मीडिया पर सर्दियों के कपड़े पहनने के लिए मुफीद नहीं माना जा रहा है.

18 डिग्री तापमान, फिर क्यों हाथों में दस्ताने और विंटर कोट पहनकर शी से मिले ट्रंप? क्या छिपा रहे US राष्ट्रपति
Image Credit: डोनाल्ड ट्रंप के फैशन ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिकी दौरे पर हैं. जब मैरीलैंड के एक मिलिट्री बेस पर उनका जहाज उतरा तो स्वागत करने के लिए खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खड़े थे. लेकिन इस रेड कार्पेट सेरेमनी ने लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए. दरअसल, 80 साल के डोनाल्ड ट्रंप ने लंबे विंटर कोट और लेदर ग्लव्स पहने हुए थे. जबकि तापमान 18 डिग्री सेल्सियस था. शी जिनपिंग कोट-पैंट में नजर आए. इतना ही नहीं, डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने हल्की कैजुअल जैकेट और स्कर्ट पहनी थी. उन्होंने कोई ग्लव्स या कोट नहीं पहना था.

शी के उतरने के बाद, ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति से हाथ मिलाने के लिए अपने दाहिने हाथ से ग्लव उतारा. एक अन्य तस्वीर में ट्रंप को अपना ग्लव वापस पहनते हुए दिखाया गया है, जिसमें उनके हाथ पर गहरा बेज रंग का मेकअप साफ दिख रहा था.

ट्रंप के दस्तानों ने खींचा ध्यान

हालांकि, UCLA के अनुसार, उम्र बढ़ने से शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता (थर्मोरेगुलेशन) कम हो सकती है, इसलिए बुजुर्गों को सलाह दी जाती है कि वे ग्लव्स पहनें, ताकि शरीर की जरूरी गर्मी हाथों-पैरों से बाहर न निकले. ट्रंप के अजीब फैशन च्वॉइस ने ऑनलाइन लोगों का ध्यान खींचा. पत्रकार एरन रूपर ने राष्ट्रपति की मुलाकात का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'अभी ज्वॉइंट बेस एंड्रयूज पर तापमान 18 डिग्री है और फिर भी ट्रंप ने ग्लव्स पहने हुए हैं.' पॉलिटिकल कमेंटेटर एड क्रासेनस्टीन ने X पर पूछा, 'जब बाहर तापमान 18 डिग्री सेल्सियस है तो ट्रंप ग्लव्स क्यों पहने हुए हैं? क्या वह अपने हाथों पर कुछ छिपा रहे हैं?'

हालांकि, जब डेली बीस्ट ने व्हाइट हाउस से राष्ट्रपति के कपड़ों के चुनाव के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. ट्रंप का दोनों हाथों पर लगातार बने रहने वाले निशानों (ब्रूजिंग) को छिपाने के लिए गलत शेड के कंसीलर का इस्तेमाल करने का पुराना इतिहास रहा है.

'हाथ मिलाने से पड़ते हैं निशान'

व्हाइट हाउस ने पहले दावा किया था कि ये निशान ट्रंप के हाथ मिलाने की वजह से पड़ते हैं. ट्रंप के प्रवक्ता डेविस इंगल ने पहले 'डेली बीस्ट' को एक पुराना बयान दोहराते हुए कहा था, 'राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी इतिहास के सबसे तेज, सबसे आसानी से मिलने वाले और ऊर्जावान राष्ट्रपति हैं. राष्ट्रपति जनता के आदमी हैं और वे इतिहास के किसी भी अन्य राष्ट्रपति की तुलना में रोजाना ज्यादा अमेरिकियों से मिलते हैं और उनसे हाथ मिलाते हैं. हाथ मिलाने वाली बात से ट्रंप के बाएं हाथ पर लगी चोट (निशान) की वजह साफ नहीं हुई.

ट्रंप के डॉक्टर शॉन बारबाबेला ने कहा कि ट्रंप अपनी सेहत बनाए रखने के लिए रोजाना 325 मिलीग्राम एस्पिरिन लेते हैं. मेयो क्लिनिक के अनुसार, एस्पिरिन की कम डोज आमतौर पर 81 मिलीग्राम होती है. राष्ट्रपति ने इस साल 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' को बताया था कि वे खून को 'गाढ़ा' होने से बचाने के लिए खून पतला करने वाली दवा की बहुत ज्यादा डोज लेते हैं.

 

डोज लेते हैं ट्रंप

ट्रंप ने अपनी डोज के बारे में 'जर्नल' से कहा था, 'वे चाहते हैं कि मैं कम डोज वाली दवा लूं. मैं ज्यादा डोज वाली दवा लेता हूं, लेकिन मैं सालों से ऐसा कर रहा हूं, और इससे चोट के निशान पड़ जाते हैं.'

जब ट्रंप ज्वॉइंट बेस एंड्रयूज जाने के लिए मरीन वन में सवार हुए, तो उन्होंने काले चमड़े के दस्ताने नहीं पहने थे. पिछले हफ्ते जब ट्रंप नॉर्थ कैरोलिना जा रहे थे, तो उनके दोनों हाथों पर चोट के निशान साफ दिख रहे थे.

 

जब राष्ट्रपति ने एयरफोर्स की रेलिंग पकड़ी, तो उनके बाएं हाथ पर गहरे बैंगनी रंग के चोट के निशान थे, जिन पर कोई मेकअप नहीं लगाया गया था. पत्रकारों से बात करते समय, ट्रंप के दाहिने हाथ पर कंसीलर लगा हुआ था. चोट वाले हाथों के अलावा, इस महीने की शुरुआत में ट्रंप की बांह पर भी चोट के निशान देखे गए थे. अगस्त में बेडमिंस्टर में LIV गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान गोल्फ कार्ट चलाते समय भी उनकी बांह पर अजीब तरह के चोट के निशान देखे गए थे, जिसमें चोट और खरोंच के साथ-साथ दो उंगलियों पर बैंड-एड भी लगे हुए थे.

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About the Author

Rachit Kumar

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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