Brazil Presidential Election: ब्राजील में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में मतदान पूरा हो चुका है. कुल 98.81 प्रतिशत लोग उम्मीदवार चुनने के लिए वोट कर चुके हैं. वोटों की गिनती पूरी होने तक लूला को 44.91 प्रतिशत, बोल्सोनारो को 47.24 प्रतिशत और बोल्सोनारो को 47.24 प्रतिशत वोट मिल चुके हैं. चुनाव तो ब्राजील में हुए हैं, लेकिन इसमें पूरी लाइमलाइट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खींच ली है. आखिर इसकी वजह क्या है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील में हुए चुनाव को लेकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने इसमें ब्राजील की जगह गलती से भारत का नाम लिखा दिया. शायद ट्रंप को याद नहीं रहा कि चुनाव ब्राजील में हो रहे हैं भारत में नहीं.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा,' आज भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया. वोटिंग खत्म होने के कुछ ही देर बाद, उसी दिन नतीजे भी आ गए. डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में, जहां वोटिंग की संख्या बहुत कम होती है, वहां नतीजों की गिनती करने में अक्सर हफ्तों लग जाते हैं. अमेरिका में वोटिंग में धांधली होती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप.'
बता दें कि ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव में पहले दौर कि काउंटिंग में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा पिछड़ रहे हैं. उन्हें दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो से हार का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, बोल्सोनारो के पास अभी विजयी होने के लिए जरूरी 50 फीसदी वोट नहीं मिले हैं.
25 अक्टूबर 2026 को दोनों उम्मीदवारों के बीच दूसरे दौर का मुकाबला होगा. फिलहाल ये जरूर है कि बोल्सोनारो लुइज इनासियो लूला को कांटे की टक्कर जरूर दे रहे हैं.
बता दें कि फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व दक्षिणपंथी नेता जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं. उन्होंने बीते साल चुनाव के नजीतों को मिलिट्री तख्तापलट के जरिए पलटने की कोशिश की थी. हालांकि, उनका ये प्रयास नाकाम रहा और उन्हें षड्यंत्र रचने के आरोप में दोषी ठहराया गया और अब वह 27 साल के लिए जेल भेज दिए गए हैं. चुनाव प्रचार के दौरान लूला ओपिनियन पोल में मामूली बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन अब उनके लिए मुकाबला कठिन बनता जा रहा है.