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महंगाई से बेहाल, सड़कों पर बवाल; फ्रांस में फिर बिगड़े हाल! पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, छोड़ने पड़े आंसू गैस के गोले

सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली, महंगाई के खिलाफ फ्रांस में लगातार चौथे हफ्ते प्रदर्शन हुए. इस दौरान राजधानी पेरिस में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई. पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया.

महंगाई से बेहाल, सड़कों पर बवाल; फ्रांस में फिर बिगड़े हाल! पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, छोड़ने पड़े आंसू गैस के गोले
Image Credit: फ्रांस में प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.

पेरिस में शनिवार (7 नवंबर) को प्रदर्शनकारी दंगा-रोधी पुलिस से भिड़ गए. ये लोग बढ़ती महंगाई और खराब होती सार्वजनिक सेवाओं के खिलाफ विरोध कर रहे थे. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.

पेरिस में 'येलो वेस्ट' प्रदर्शनकारियों ने अपनी रैली पर लगे बैन को नहीं माना, जिसके चलते पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई और दो आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया गया. शनिवार को पूरे फ्रांस में कम से कम 1,46,000 लोगों ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ मार्च निकाला. यह लगातार चौथा हफ्ता है, जब इस तरह के विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.

तीन दिन पहले भी हुए थे प्रदर्शन

फ्रांस की राजधानी में हुईं ये झड़पें, पूरे देश में हुए उन प्रदर्शनों के तीन दिन बाद हुईं, जो काफी हद तक शांतिपूर्ण रहे थे. हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ एक नई चुनौती के रूप में सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल के दौरान, पेरिस और ल्योन में पुलिस के साथ कुछ झड़पें भी हुई थीं.

ये विरोध-प्रदर्शन, जीवन-यापन की लागत, सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा के मुद्दों को लेकर हो रहे हैं, जिनकी वजह से फ्रांस में पिछले कई वर्षों का सबसे गंभीर नागरिक अशांति का माहौल पैदा हो गया है.

कूड़ेदान में लगा दी आग

पुलिस ने बताया कि जब वे एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार कर रहे थे, जिसने चौराहे पर कूड़ेदान में आग लगा दी थी, तब 200 उपद्रवियों के एक समूह ने पुलिस अधिकारियों पर हमला कर दिया.

17 अक्टूबर को हुए बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के बाद फ्रांस में कई सालों के सबसे भीषण दंगे भड़क गए थे. इसे देखते हुए, शनिवार को सुरक्षा बलों के लगभग 70,000 जवानों को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी स्थिति में वे तुरंत कार्रवाई कर सकें.

यूनियनों ने एक पारंपरिक रास्ते पर मार्च निकाला था, यानी मध्य पेरिस के 'प्लेस डे ला रिपब्लिक' से लेकर शहर के पूर्वी हिस्से में स्थित 'प्लेस डे ला नेशन' तक. प्रदर्शन के अंत में यहीं पर झड़पें शुरू हो गईं.

लेकिन 'येलो वेस्ट्स' आंदोलन ने मध्य पेरिस के 'प्लेस डे ला कॉनकॉर्ड' में एक और प्रदर्शन करने का ऐलान किया. यह जगह राष्ट्रपति के 'एलिसी पैलेस' और संसद के निचले सदन से बहुत करीब है.

अधिकारियों ने इस प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी, और शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण प्रदर्शनकारी वहां तक ​​नहीं पहुंच सके. AFP के एक रिपोर्टर के मुताबिक, वहां पहुंचे लगभग 100 लोगों को पुलिस ने घेर लिया. पुलिस ने इस आंदोलन के समन्वयकों में से एक बेंजामिन बॉल और इसकी प्रवक्ता एज़ेलमा सिगॉक्स सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया. दक्षिण-पूर्वी शहर ल्योन में, एक अवैध सभा के दौरान सड़क जाम कर रहे सैकड़ों लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.

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Rachit Kumar

Rachit Kumar

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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