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ब्रिटेन को दुनिया के विकसित देशों में से एक माना जाता है. वहां की स्वास्थ्य सुविधाएं भी विश्वस्तरीय हैं. इसके बावजूद वहां पर कई ऐसी बीमारियों के फैलने की घटनाएं सामने आती हैं, जो कई लोगों की जान लेकर ही विदा होती हैं. अब वहां पर लोगों में स्वाइन फ्लू का डर तेजी से बढ़ रहा है. इसकी वजह स्वाइन फ्लू के H1N1 स्ट्रेन में हुआ म्यूटेशन है, जिसके चलते यह अब ज्यादा संक्रामक हो गया है. इसके चलते वहां पर लोगों को जल्द से जल्द 'वैक्सीन लगवाने' की सलाह दी जा रही है, जिससे वे इस बीमारी की चपेट में आने से खुद को बचा सकें.
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, इस साल स्वाइन फ्लू के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. पिछले चार सालों की तुलना में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा है. यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के एसोसिएट प्रोफेसर साइमन क्लार्क कहते हैं कि अगर फ्लू के ये मामले ऐसे ही बढ़ते रहते हैं तो इसका मतलब यह होगा कि फ्लू का मौसम सामान्य से पहले शुरू हो रहा है.
प्रोफेसर साइमन क्लार्क के मुताबिक, यह बीमारी अक्सर सर्दियों में लोगों के लिए मुसीबत लेकर आती रही है. वर्ष 2009-10 में तो H1N1 ने यूके में महामारी का रूप ले लिया था. तब इस बीमारी की चपेट में आकर 457 लोगों की जान चली गई थी. इस बार सर्दी आने में अभी वक्त है लेकिन वहां पर इस बीमारी का प्रकोप अभी से नजर आने लगा है.
वे कहते हैं कि इस साल फैल रहे स्वाइन फ्लू के H1N1 वायरस में कुछ बदलाव आए हैं. जिसकी वजह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा वैक्सीन किस हद तक लोगों को इस खतरे से बचा पाएगी. फिर भी लोगों को जल्द से जल्द यह वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए. जिससे शरीर को इस बीमारी से बचाव में मदद मिल सके.
प्रोफेसर साइमन क्लार्क कहते हैं कि मौजूदा स्वाइन फ्लू वैक्सीन को इस बीमारी के तीन प्रमुख प्रकारों इन्फ्लूएंजा A(H1N1), A(H3N2) और इन्फ्लूएंजा B से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है. यह तीनों प्रकार से फ्लू से सुरक्षा प्रदान करती है. ऐसे में नई वैक्सीन आने तक लोगों को इस वैक्सीन को जरूर लगवा लेना चाहिए वरना जान के लिए खतरा हो सकता है.
प्रोफेसर के मुताबिक, इस वैक्सीन को लगवाने के लिए शरीर में इम्यूनिटी बनने में 10 से 14 दिन का समय लग सकता है. तब तक सर्दियां आ जाएंगी. लिहाजा लोगों के लिए बेहतर होगा कि विंटर सीजन में यह टीका लगवाने के बजाय अभी से ही यह वैक्सीन लगवा लें. जिससे शरीर को इस वायरस के खिलाफ सुरक्षा कवच बनाने में पर्याप्त समय मिल सके.
एक अन्य प्रोफेसर डॉ. गोल्डिन कहते हैं कि फ्लू के वायरस बदलते और म्यूटेट होते रहते हैं. इसलिए फ्लू वैक्सीन का फॉर्मूला हर साल अपडेट किया जाता है. यही वजह है कि आपको हर साल नया टीका लगवाने की जरूरत होती है. जिससे आपके शरीर में किसी भी वायरस से मुकाबले के लिए इम्यूनिटी बनी रहे.