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श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार की मुसीबतें समाप्त होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पत्नी शिरंथी राजपक्षे को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक चाइल्ड हास्पिटल के लिए सीटी स्कैनर मशीन खरीदने के नाम पर चंदा जुटाया और इस रकम का गलत इस्तेमाल किया. श्रीलंका की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था (CIABOC) के मुताबिक, शिरंथी राजपक्षे ने जिस सीटी स्कैनर मशीन को खरीदने के लिए 10 मिलियन रुपये चंदा जुटाया, वह चीन की ओर से पहले ही दान में दिया जा चुका था. आरोप है कि चैरिटी संस्था ने दान मांगना जारी रखा और धन का दुरुपयोग किया. वहीं, राजपक्षे परिवार ने इन आरोपों से साफ इनकार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया.
पूरा मामला क्या है?
CIABOC के अनुसार, फर्स्ट लेडी के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान शिरंथी ने शांति और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'कार्लटन सिरिलिया सविया फाउंडेशन' के नाम से एक गैर-सरकारी संगठन बनाया था. शिरंथी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी चैरिटी को मिले फंड का गलत इस्तेमाल किया. उन्होंने एक सरकारी अस्पताल के लिए सीटी स्कैनर खरीदने के मकसद से चंदा जुटाया और फिर उस रकम का गलत इस्तेमाल किया. CIABOC ने अपनी जांच में पाया कि इस फाउंडेशन ने सीटी स्कैनर खरीदने के 10 मिलियन रुपये जमा किए.
स्वदेश लौटते ही हुईं गिरफ्तार
आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल टोरिंगटन में एक घर खरीदने के लिए किया गया था. पूर्व फर्स्ट लेडी सोमवार (5 अक्टूबर) को ही अपना इलाज कराकर स्वदेश लौटी थीं और विदेश से लौटते ही CIABOC ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें कोलंबो कोर्ट में पेश किया गया, अदालत ने उन्हें 13 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. शिरंथी राजपक्षे के वकीलों ने गिरफ्तारी रोकने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट से राहत नहीं मिली.
राजपक्षे परिवार पर कसता शिकंजा
बता दें कि श्रीलंका की राजनीति में राजपक्षे परिवार का कभी दबदबा हुआ करता था. साल 2005 से 2015 तक महिंदा राजपक्षे खुद राष्ट्रपति रह चुके हैं. उनके छोटे भाई गोटाबाया राजपक्षे भी 18 नवंबर 2019 से 14 जुलाई 2022 तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं. हालांकि, साल 2022 में हुए जन-आंदोलन के कारण उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. वहीं, महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे और सांसद नामल राजपक्षे भी इस समय भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में बंद हैं. उन्हें 70 मिलियन श्रीलंकाई रुपये की रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, राजपक्षे परिवार हमेशा से इन सभी आरोपों को खारिज करता आया है.