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किराएदार को घर से निकलने पर गिरी स्पेन की सरकार! बुजुर्ग नहीं चुका पाई पेंशन से दोगुना किराया, 8 महीने पहले ही चुनाव का ऐलान

स्पेन में एक बुजुर्ग महिला को किराए के घर से निकालने पर इतना बवाल बढ़ा कि देश में आम चुनाव की घोषणा करनी पड़ी. स्पेन के शहरों इस समय किराए के घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं.

Written By abhinav tripathi
Published: Oct 06, 2026, 11:26 AM IST | Updated: Oct 06, 2026, 12:44 PM IST
Image Credit: स्पेन में आम चुनाव का ऐलान. (फोटो-एआई)
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स्पेन में एक 87 साल की महिला को घर से निकालने का मुद्दा ऐसा गरमाया कि यहां पर समय से पहले चुनावों की घोषणा करनी पड़ी. स्पेन के कई शहरों में मकानों के किराए इतने बढ़ चुके हैं कि किरायदारों को लिए इसको वहन करना मुश्किल होता जा रहा है. कुछ ऐसा ही एक मामला भी सामने आया है. एक 87 साल की महिला को घर ले बाहर निकाल दिया,क्योंकि वह महंगा किराया देने में असमर्थ रही. इसके बाद लोगों का गुस्सा फूटा और वह सरकार के विरोध में सड़क पर उतरे.

महंगे किराए का मामला ऐसा बढ़ा कि सरकार को किराएदारों को राहत देने के लिए संसद में बिल लाना पड़ा. हालांकि, बहुमत नहीं होने का कारण यह पारित नहीं हो सका. अब स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज से देश में समय से पहले चुनाव कराने की घोषणा कर दी. स्पेन में आम चुनाव 29 नवंबर 2026 को होंगे. पिछले कई महीनों से स्पेन में महंगे किराए का मामला गरमाया हुआ है.  

क्या है बुजुर्ग महिला को घर से निकालने का मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 23 सितंबर 2026 को हुई. मैड्रिट में 87 साल की मारिया डेल कार्मेन अबास्कल को घर से निकाल दिया गया. बताया जाता है कि यह महिला इस घर में करीब 70 साल से रह रही थी. अबास्कल परिवार कई दशकों से किराए के घर में था. साल 2018 में घर के मूल मालिक ने पूरी इमारत को रियल एस्टेट कंपनी को बेच दी. इसी के बाद कंपनी और अबास्कल के बीच किराए को लेकर विवाद शुरू हो गया.

कंपनी ने मकान का किराया 500 यूरो से बढ़ाकर सीधे 2650 यूरो कर दिया. हैरान करने वाली बात है अबास्कल की मासिक पेंशन ही 1350 यूरो थी. इस स्थिति में ये मामला कोर्ट पहुंच गया. बाद में अबास्कल को घर से निकाल दिया गया. अबास्कल को घर से निकाले जाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली.

लोगों ने कहा कि अगर एक बूढ़ी महिला अपनी पूरी पेंशन देने के बाद भी किराया नहीं चुका सकती है, तो यह केवल एक परिवार की समस्या नहीं है. इसके बाद मैड्रिड समेत कई शहरों में महंगे किराए और बेदखली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. अबास्कल परिवार का मामला धीरे-धीरे स्पेन के अलग-अलग शहरों में बढ़ते आवास संकट का प्रतीक बन गया.

सरकार ने लिया एक्शन

देश भर में प्रदर्शन के बाद सरकार पर दबाव बढ़ने लगा, जिसके बाद स्पेन की सरकार दो बिल लेकर आई. स्पेन के पीएम  पेड्रो सांचेज ने कहा कि बुजुर्गों और दूसरे कमजोर किराएदारों को घर से निकालने के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 29 सितंबर को दो बिल पेश किए.

पहले बिल में प्रावधान था कि साल 2030 तक घर से निकालने से रोकने की योजना रहेगी. वहीं, दूसरे बिल के अनुसार, एग्रीमेंट पूरा होने के बाद भी तुरंत किराएदार को घर से नहीं निकाला जा सकेगा. सरकार के उम्मीद जताई कि दूसरी पार्टिंया बिल का समर्थन करेंगी, लेकिन इसके विपरीत हुआ और वोटिंग में दोनों प्रस्ताव पास नहीं हो सके.

समय से पहले आम चुनाव कराने का ऐलान

इसके बाद पीएम पेड्रो सांचेज ने एक बड़ा ऐलान करते हुए देश में आम चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी. वैसे तो सरकार का कार्यकाल अगले साल यानी 2027 में पूरा हो रहा था, लेकिन इससे कई महीने पहले ही सरकार ने आम चुनाव कराने की घोषणा कर दी. आलम यह है कि सांचेज सरकार साल 2023 के बाद से नया बजट पारित नहीं करा सकी है. इससे पता चलता है कि पेड्रो सांचेज के लिए समर्थन जुटाना काफी मुश्किल हो गया है. 

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About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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