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Measels Outbreak In America: अमेरिका में एक समय पर मीजल्स यानी खसरा की समस्या लगभग पूरी तरह समाप्त हो गई थी, लेकिन अब एक बार फिर इस बीमारी ने वहां तांडव मचाना शुरू कर दिया है. स्थिति ये है कि वहां के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क ने खसरा के प्रकोप को लेकर इमरजेंसी घोषित कर दी है. वहां लगातार इसके मामले बढ़ रहे हैं.
'अल जजीरा' की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने सोमवार ( 5 अक्टूबर 2026) को कहा कि वह हेल्थ प्रोफेश्नल्स की ओर से मीजल्स, मम्प्स और रूबेला (MMR) के वैक्सीनेशन की क्षमता को अस्थायी रूप से बढ़ा रही हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक होचुल ने कहा,' वैक्सीनेशन से रोकी जा सकने वाली बीमारी से किसी को भी गंभीर रूप से बीमार नहीं होना चाहिए या मरना नहीं चाहिए.' उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर तक तक न्यूयॉर्क में मीजल्स के 108 मामले दर्ज किए गए हैं. ऐसे में 4 नवंबर 2026 तक शहर में इमरजेंसी लागू रहेगी. बता दें कि गवर्नर ने साल 2025 में मीजल्स के बढ़ते मामलों के बीच पहली बार इस तरह की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क सिटी में 7 मामले और राज्य में अन्य जगहों पर 101 मामले दर्ज किए गए हैं.
अमेरिका में न्यूयॉर्क के अलावा पेंसिल्वेनिया में भी इस साल मीजल्स के 1,000 से ज्यादा मामले देखने को मिले हैं, जो अमेरिका में पिछले 3 दशकों में सबसे ज्यादा हैं. इसके अलावा टेक्सास, यूटा, ओहियो और साउथ कैरोलिना में भी इसके कई मामले दर्ज किए गए. 'अल जजीरा' की रिपोर्ट के मुताबिक, हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैक्सीनेशन में गिरावट के चलते इंफेक्शन के दोबारा फैलने में बढ़ोत्तरी हुई है. बता दें कि अमेरिका ने अपने देश में साल 2000 तक मीजल्स के फैलने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी. यहां आखिरी बार 1990 के दशक की शुरुआत में ही न्यूयॉर्क में मीजल्स के 1,000 से ज्यादा मामले देखे गए थे.
बता दें कि मीजल्स यानी मम्प्स एक वायरल इंफेक्शन है, जो मम्प्स वायरस के चलते होती है. अधिकर किशोरों और बच्चों में इसका ज्यादा खतरा देखने को मिलता है. हालांकि, कई मामलों में व्यसक भी इस इंफेक्शन से संक्रमित हो सकते हैं. आमतौर पर मीजल्स इंफेक्टेड व्यक्ति के खांसने-छींकने से फैलता है. मीजल्स में मुख्य रूप से सूखी खांसी, नाक बहने, आंखों में रेडनेस और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं होने लगती हैं. कई मामले में इसमें मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे भी होने लगते हैं. मीजल्स के गंभीर मामले में रोगी को डायरिया, कान में इंफेक्शन, ब्रेन में सूजन और निमोनिया जैसी परेशानी भी हो सकती है.
मीजल्स से बचने के लिए वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है. इसके अलावा हेल्दी डाइट, विटामिन से भरपूर खाना और हाईड्रेशन बेहद जरूरी है. इसमें इम्युनिटी बढ़ाने वाली डाइट लेना बेहद जरूरी है. इसके अलावा मीजल्स से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. इसके लिए छींकते-खासते समय नैपकिन का इस्तेमाल करें और इसे डस्टबिन में फेंक दें. हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथ साफ करते रहें और अपने आसपास की चीजों को भी साफ रखें.