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पैगंबर पर एक कमेंट, करोड़ों का जुर्माना और फांसी का फरमान... जानिए सऊदी के फंदे से कैसे बचा श्रीलंकाई हिंदू?

सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने श्रीलंका के हिंदू वर्कर अनोजन शिवरासा की मौत की सजा को रद्द कर दिया है. अनोजन पर फेसबुक पर एक कमेंट करने को लेकर ईशनिंदा का केस दर्ज हुआ था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...

Written By Bhoopendra Rai
Published: Oct 14, 2026, 03:58 PM IST | Updated: Oct 14, 2026, 04:29 PM IST
Image Credit: श्रीलंका के हिंदू वर्कर अनोजन शिवरासा की मौत की सजा को रद्द किया गया.
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कभी-कभी सोशल मीडिया पर की गई एक गलती किसी की जान पर कैसे बन सकती है, इसका उदाहरण सऊदी अरब में देखने को मिला है. यहां 24 साल के एक श्रीलंकाई हिंदू युवक ने फेसबुक पर पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी. हालांकि उसने फौरन माफी मांगी और पोस्ट हटा दी, लेकिन बात नहीं बनी और उसे गिरफ्तार कर फांसी की सजा सुना दी गई.

यह खबर सामने आते ही श्रीलंका में हड़कंप मच गया. हालांकि अब उसकी फांसी का फैसला पलट दिया गया है, यानी सऊदी की सुप्रीम कोर्ट ने उसकी फांसी की सजा रद्द कर दी है.

जिस श्रीलंकाई हिंदू युवक की फांसी की सजा रद्द की गई है उसका नाम अनोजन शिवरासा है. श्रीलंका सरकार की लगातार कोशिशों और कानूनी मदद के चलते सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने फैसला पलटा है. बुधवार को श्रीलंका के विदेश और रोजगार मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की.

क्या है पूरा विवाद?

ब्रिटिश और श्रीलंकाई मीडिया आउटलेट्स की रिपोर्टों के अनुसार, यह विवाद इसी साल जून के आखिर में शुरू हुआ था, जब श्रीलंका में एक हिंदू तीर्थयात्रा निकली थी. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक मुस्लिम युवक तीर्थयात्रियों के पीछे चल रहे एक कुत्ते को लात मारते दिखा था. यह वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर दो पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई.

इसी बहस के दौरान एक यूजर ने देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक कमेंट किए, जिसके जवाब में सऊदी अरब में नौकरी कर रहे अनोजन शिवरासा ने तमिल भाषा में पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक विवादित कमेंट किया,  हालांकि  अपनी गलती का अहसास होने पर उसने कमेंट डिलीट की और एक वीडियो जारी कर माफी भी मांगी. उसने सोचा था मामला शांत हो जाएगा, लेकिन विवाद बढ़ गया.

पुलिस ने कंपनी में जाकर किया अरेस्ट

अनोजन ने जितना वक्त अपनी विवादित कमेंट हटाने में लिया, तब तक उसके स्क्रीनशॉट वायरल हो चुके थे. अनोजन के भाई हम्सीदन ने बीबीसी को बताया, श्रीलंका में बैठे कुछ लोगों ने वे स्क्रीनशॉट सऊदी अरब में अनोजन की कंपनी को ईमेल कर दिए, जिसके बाद कंपनी ने वहां की पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और मोबाइल-लैपटॉप जब्त कर लिया.

5 साल की जेल से सीधे फांसी तक पहुंचा मामला

श्रीलंकाई आउटलेट न्यूजवायर में छपी खबर के अनुसार, यह मामला 15 जुलाई को अल-अहसा क्रिमिनल कोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने उसे 5 साल की जेल और करीब 8 लाख डॉलर (30 लाख सऊदी रियाल) का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया. फिर 17 सितंबर को वहां की अपील कोर्ट ने शरिया कानून के तहत ईशनिंदा का दोषी मानते हुए इस सजा को सीधे मौत की सजा यानी फांसी में बदल दिया.

कैसे बची युवक की जान?

जैसे ही मौत की सजा के फरमान की खबर आई, श्रीलंका में हड़कंप मच गया. 21 सितंबर को अनोजन की फैमिली नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मिलने पहुंची और उसे बचाने की गुहार लगाई. सरकार ने भरोसा दिया कि वे अपने नागरिक की जान बचाने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे. इसके बाद कोलंबो ने सऊदी अरब पर चौतरफा कूटनीतिक दबाव बनाया.

तमिल गार्जियन के अनुसार, इस मामले में श्रीलंका के 6 दिग्गज तमिल और मुस्लिम सांसदों रऊफ हकीम, रिशाद बदीउद्दीन, वी. राधाकृष्णन, जीवन थोंडामन, सेल्वम अदैकलनाथन और शनाक्यन रसमनिकम ने 24 सितंबर को सऊदी विदेश मंत्री को चिट्ठी लिखकर दया की अपील की.

बौद्ध धर्मगुरुओं और हिंदू संतों ने भी राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की.

राजदूत की जेल विजिट और वकीलों का डेलिगेशन

ब्रिटेन स्थित समाचार आउटलेट, द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सऊदी में श्रीलंका के राजदूत अमीर अजवाद ने दम्माम सेंट्रल जेल जाकर अनोजन से मुलाकात की, जो रियाद से 400 किमी दूर है. मुलाकात के दौरान पता चला कि जेल में उसके साथ एक कैदी ने मारपीट भी की है.

सिर्फ इतना ही नहीं, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आजाद नवावी और सीनियर वकीलों का एक स्पेशल डेलिगेशन अपील करने के लिए रियाद पहुंचा.

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, लेकिन आगे क्या?

इस पूरे मामले में श्रीलंकाई वकीलों की टीम ने 11 अक्टूबर को सऊदी सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी. 13 अक्टूबर को अदालत ने सुनवाई करते हुए मौत की सजा को खारिज किया. अनोजन को राहत तो मिल गई, लेकिन अभी उसकी मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं.

राजनयिक सूत्रों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि अनोजन को साइबर क्राइम कानून के तहत शुरुआती 5 साल की जेल काटनी होगी या फिर सुप्रीम कोर्ट ने उस पर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. इतना जरूर कन्फर्म हो चुका है कि श्रीलंका ने फिलहाल अपने नागरिक को फांसी के फंदे से खींच निकाला है.

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पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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