Punjab News: पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या कर दी गई है. पुलिस ने इस मामले में सफलता पाते हुए 24 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. वह राजस्थान के सालासर में छिपा हुआ था. पंजाब पुलिस उस धर दबोचकर कोर्ट में पेशी के लिए वापस राज्य में ला रही है. इस घटना के बाद से मनसा में तनाव बढ़ गया है. लोग आरोपी के घर पर तोड़फोड़ कर रहे हैं.
मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के बाद मुख्य आरोपी शूटर अश्विन के घर पर निहंग सिखों ने जमकर हंगामा काटा है. आरोपी के घर में तोड़फोड़ की गई, उसका सारा सामना बाहर फेंका गया और उकसी दुकान में भी आग लगाई गई. पंजाब की भगवंत मान सरकार ने आरोपी अश्विन के घर बुलडोजर कार्रवाई भी की है.
बता दें कि मंगलवार ( 13 अक्टूबर 2026) को एक फार्मेसी में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. झोटा ने दुकान के मालिक से उस शख्स के बारे में पूछा था, जिसने सुबह उसके यहां से ड्रग्स खरीदे थे.
परविंदर झोटा ड्रग सेलर्स से सवाल करते हुए लाइव वीडियो भी बनाते थे. घटना से पहले मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से उनका सामना हुआ था. झोटा ने उस पर सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगाया था.
सामने आए घटना से जुड़े वीडियो में आरोपी झोटा को पिस्तौल लेकर डराते-धमकाते भी नजर आता है. झोटा की ओर से इपनी हत्या से कुछ दिन पहले ही अवैध ड्रग्स-नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर CBI से जांच की अपील की गई थी.
पंजाब में इससे पहले भी अन्य कई जिलों में नशा-विरोधी समितियों से जुड़े लोग लगातार नशे के कारोबार के खिलाफ विरोध करते आए हैं. हालांकि, उनकी मौत के भी कई मामले सामने आए हैं.
मनसा में हुई इस घटना ने राज्य सरकार के नशा-विरोधी अभियान 'युद्ध नशीयान विरुद्ध' पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ओर सरकार लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, तो वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर प्रशासन इस तरह की कार्रवाई देखने में विफल होता है.
इस घटना के बाद से परविंदर झोटा का परिवार सदमे में हैं. वहीं, गुस्साई भीड़ ने मेडिकल स्टोर में आग लगा दी. पुलिस भीड़ को काबू करने में नाकाम रही और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें पीछे हटना पड़ा. मौके पर दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं. आग बुझाने की कोशिशें अभी भी जारी हैं.