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बांग्लादेश के दो नागरिकों को सऊदी में फांसी: मक्का की मस्जिद में आखिर क्या किया था ऐसा, ढाका को भी नहीं लगी भनक

सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी की सजा दी गई. इन दोनों पर मक्का के एक मस्जिद में धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगा है. सबसे खास बात है कि जेद्दा में मौजूद बांग्लादेश के वाणिज्य दूतावास को भी इस घटना की जानकारी नहीं थी.

Written By abhinav tripathi
Published: Oct 16, 2026, 08:25 AM IST | Updated: Oct 16, 2026, 08:32 AM IST
Image Credit: मक्का की मस्जिद में अनैतिक काम करने के आरोप में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी. (फोटो- सोशल मीडिया)
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सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का की एक मस्जिद में कथित तौर पर अनैतिक काम करने और और धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने के आरोप में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दी गई. दोनों बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान नजरुल इस्लाम अब्दुल बसीर और सिटी अख्तर के तौर पर हुई है. सऊदी अरब के गृह मंत्रालय की ओर से दोनों दो बुधवार (14 अक्टूबर) को फांसी दी गई.

हैरान करने वाली बात है कि जेद्दा में मौजूद बांग्लादेश के वाणिज्य दूतावास को भी इस घटना की जानकारी नहीं थी. दूतावास का कहना है कि उन्हें फांसी दिए जाने से पहले कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई. बताया जाता है कि इस खबर की जानकारी सऊदी न्यूज एजेंसी की ओर से प्रसारित की गई और सऊदी समचार आउटलेट अजेल और बांग्लादेश के द बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित हुई.

पहले गिरफ्तार किए गए दोनों बांग्लादेशी नागरिक

सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया. इसके बाद जांच की गई और उनपर औपचारिक रूप से आरोप लगाए और उन्हें कोर्ट भेजा गया. कोर्ट ने दोनों को दोषी पाया और मौत की सजा दी. रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि समय और स्थान की पवित्रता के उल्लंघन और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस्लामिक कानून के 'ताजीर' (स्वेच्छाचारी दंड) के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए मौत की सजा दी.

इसके बाद संबंधित न्यायिक अधिकारियों की ओर से भी इस सजा को बरकरार रखा गया. फिर शाही आदेश जारी होने के बाद मक्का क्षेत्र में फांसी दी गई. हालांकि, इस दौरान सऊदी के अधिकारियों ने यह नहीं स्पष्ट किया है कि उन दोनों ने कौन-सा अनैतिक कृत्य किया था. उन्हें कब और कहां से पकड़ा गया था.

सरकार ने दी चेतावनी

इस एक्शन के बाद सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने साफ किया कि सरकार देश में सुरक्षा को बनाए रखने, न्याय कायम करने और मस्जिदों की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी. सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी कि इस प्रकार का अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को सऊदी कानून के तहत कठोर कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ेगा.

बांग्लादेश ने जताई नाराजगी

इधर, जेद्दा स्थित बांग्लादेशी दूतावास ने ढाका ने समाचार पत्र 'द डेली स्टार' को बताया कि उन्हें इस फांसी के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई. अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय की ओर से हमें पहले सूचित नहीं किया गया था. बांग्लादेश के अधिकारी ने इस संबंध में बनाया कि हमने विदेश मंत्रालय को एक आधिकारिक कूटनीतिक पत्र भेजकर औपचारिक जानकारी मांगी है.

इस फैसले पर क्यों उठे सवाल

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय पर हुई, जब मृत्युदंड के इस्तेमाल के लिए सऊदी अरब को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. इस घटना से एक दिन पहले ही सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने एक श्रीलंकाई हिंदू नाररिक, शिवराजा एनोजन की मौत की सजा को रद्द किया था. बताया जाता है कि इस श्रीलंकाई नागरिक पर फेसबुक कमेंट को लेकर ईशनिंदा का मुकदमा चल रहा था. 

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About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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