SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

UN में जयशंकर का PAK पर निशाना! ‘कुछ सरकारें आतंक को बढ़ा रही हैं’; निर्दोष लोग भुगत रहे युद्ध का खामियाजा

S. Jaishankar UN Speech: संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने दुनिया में शांति-सुरक्षा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि युद्ध के प्रभाव पूरी दुनिया में महसूस किए जा रहे हैं.

Written By Devinder Kumar
Published: Sep 26, 2026, 11:07 PM IST | Updated: Sep 26, 2026, 11:25 PM IST
Join

S. Jaishankar's speech at the UN: न्यूयार्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में शनिवार को भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संबोधित किया. इस संबोधन में उन्होंने पाकिस्तान समेत वैश्विक युद्ध, एआई, क्लाइमेट चेंज समेत तमाम मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी.

उन्होंने कहा,'हम इस महासभा में ऐसे समय में एकत्र हुए हैं जब संयुक्त राष्ट्र अपने नौवें दशक में प्रवेश कर रहा है. इसकी स्थापना अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने तथा उस उद्देश्य के लिए सामूहिक कार्रवाई करने के लिए की गई थी. सदस्य देश मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने और सार्वभौमिक शांति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध थे. फिर भी, जब हम मिल रहे हैं, तब भी संघर्ष और टकराव हमारी प्राथमिक चिंता बने हुए हैं. शांति बनाए रखने में असमर्थता न केवल सुरक्षा को कमजोर कर रही है बल्कि प्रगति के लिए खतरा पैदा कर रही है और विकास में बाधा डाल रही है. एक वैश्वीकृत दुनिया में, युद्ध के प्रभाव पूरी दुनिया में महसूस किए जाते हैं.'

'संघर्ष से दूर वाले देश भी किए जा रहे दंडित'

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'संघर्षों से दूर रहने वाले देशों को बिना किसी गलती के दंडित किया जा रहा है. जिन पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है, उनकी बात अक्सर सबसे कम सुनी जाती है. इस महासभा को वास्तविक स्थिति का सामना करना होगा. इस वर्ष, हम खाड़ी क्षेत्र में एक संघर्ष देख रहे हैं, जो पहले से ही एक कठिन स्थिति को और गंभीर बना रहा है. हम जारी शत्रुता को लेकर अत्यंत चिंतित हैं. अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है. भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा एवं वाणिज्य के निर्बाध प्रवाह को बनाए रखने का आह्वान करता है...'

अंतहीन युद्ध अब बंद होने चाहिए- जयशंकर

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'यूक्रेन का संघर्ष, जो अब अपने पांचवें वर्ष में है, उतना ही चिंताजनक है. जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, अंतहीन युद्ध की जगह अब युद्ध के अंत को लेनी चाहिए. भारत शांति लाने के लिए चल रहे प्रयासों का समर्थन करता है. भले ही यह प्रक्रिया जारी है, लेकिन नाविकों की सुरक्षा तथा भोजन, अनाज और ऊर्जा की आपूर्ति को संबोधित करने की तत्काल आवश्यकता है.'

'शांति लाने के लिए भारत अपना सहयोग देने को तैयार'

डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'भारत इस स्थिति को सुधारने के लिए हरसंभव प्रयास करने को तैयार है, विशेषकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में. पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व में भी तनाव और हिंसा दुर्भाग्य से जारी है. हमारा दृढ़ विश्वास है कि एक टिकाऊ और स्थायी शांति के लिए दो-राज्य समाधान आवश्यक है. इस बीच, भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है. आइए हम यह पहचानें कि शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है. यदि दुनिया लगातार खतरों और दबावों के अधीन है, तो हम वास्तव में एक अथाह खाई के मुहाने पर जी रहे हैं. हमें इसके पार धकेलने के लिए बस एक और कदम की जरूरत है. इसलिए, स्थिरता, सुरक्षा और पूर्वानुमेयता को मजबूत करना अनिवार्य है. ये शांति के अनुकूल माहौल के लिए महत्वपूर्ण तत्व हैं...'

'आतंकवाद का अभिशाप शांति के लिए निरंतर खतरा'

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'आतंकवाद का अभिशाप शांति के लिए एक निरंतर खतरा बना हुआ है. सीमा पार के उद्देश्यों के साथ इसका राज्य-प्रायोजित होना इसे वैश्विक व्यवस्था के लिए एक सीधी चुनौती बनाता है. ऐसी प्रथाओं में लिप्त सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. आतंकवाद के प्रति हमारे शून्य-सहिष्णुता (जीरो-टॉलरेंस) के दृष्टिकोण में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए. विशेष रूप से इसके वित्तीय पहलुओं को उजागर किया जाना चाहिए और उनका मुकाबला किया जाना चाहिए...'
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES