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पहले डीजल पर डील, फिर स्टारलिंक रुका... क्या यूक्रेन से दोस्ती तोड़ रूस को राहत देने लगे ट्रंप; जेलेंस्की बोले- ये धोखा से कम नहीं

रूस से जारी जंग के बीच यूक्रेन को ट्रंप के देश से एक बड़ा झटका लगा है. एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन के सैन्य ग्रेड स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट टर्मिनलों पर अचानक पाबंदियां लगा दीं, जिसने कीव को हैरान किया है. इस फैसले के बाद यूक्रेन ने यह आरोप लगाया की ट्रंप राजनीतिक दवाब में हैं.

Written Byabhinav tripathi
Published: Oct 15, 2026, 09:11 AM IST|Updated: Oct 15, 2026, 09:21 AM IST
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पहले डीजल पर डील, फिर स्टारलिंक रुका... क्या यूक्रेन से दोस्ती तोड़ रूस को राहत देने लगे ट्रंप; जेलेंस्की बोले- ये धोखा से कम नहीं
Image Credit: डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में ही यूक्रेन में फिर से चुनाव कराने की बात कही है. (फोटो- एआई)

About the Author

abhinav tripathi

abhinav tripathi

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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Russia-Ukraine War: हाल में ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से किए गए कुछ ऐलानों के बाद माना जा रहा था कि यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष कम हो सकता है, लेकिन वास्तव में इससे विपरीत दिख रहा है. पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति ने रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा कर दी. इसके बाद सवाल खड़ा होने लगा कि वह क्या अब वह रूस के साथ दोस्ती की नई परिभाषा लिखने की कोशिश कर रहे हैं.

यूक्रेन अब ट्रंप की ओर से लिए गए इस फैसले को डिकोड कर ही रहा था, तभी कीव को युद्ध के मैदान में एक और झटका लगा. एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन के सैन्य ग्रेड स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट टर्मिनलों पर अचानक पाबंदियां लगा दीं, जिसने यूक्रेनी राष्ट्रपति को भी हैरान कर दिया.

स्टारलिंक की पाबंदियों से भड़का यूक्रेन

दावा किया जा रहा है कि इन पाबंदियों के कारण रूस की ओर से किए जा रहे हमलों को रोकने वाली यूक्रेनी एयर डिफेंस और फ्रंटलाइन पर तैनात स्ट्राइक ड्रोन्स अपने ऑपरेशन को अंजाम नहीं दे पा रहे हैं. बताया गया कि स्पेसएक्स ने अपनी 'स्टारशील्ड' सैन्य सेवा के अंतर्गत काम कर रहे टर्मिनलों पर बिना किसी पूर्व सूचना के ही 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड लिमिट लागू कर दी है. यूक्रेन की ओर से इसे धोखा बताया गया.

हैरान करने वाली बात है धीमी गति से चलने वाले इंटरसेप्टर और स्ट्राइक ड्रोन्स के कनेक्शन में अचानक व्यवधान भी आया है. यूक्रेनी सेना के '7th एयर असॉल्ट कॉर्प्स' की ओर से कहा गया कि  इंटरनेट ब्लैक आउट के कारण हुलियाईपोल सेक्टर में उनके ड्रोन दस्तों को कई अहम सैन्य मिशन को रद्द करना पड़ा है. यूक्रेन ने यह आरोप लगाया है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि ट्रंप प्रशासन की ओर से रूस तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने के लिए बनाया जा रहा एक तरीके का राजनीतिक दबाव है.

इंटरनेट स्पीड कम होने से क्यों भड़का यूक्रेन?

गौरतलब है कि यूक्रेन रूसी ठिकानों की निगरानी करने, सैन्य ठिकानों की निगरानी करने, सैन्य आपूर्ति मार्गों को बाधित करने और हमले करने के लिए अलग-अलग तरीके ड्रोन का इस्तेमाल करता है. इन सभी अभियानों में ड्रोन संचालकों और उड़ान के दौरान काम कर रहे उपकरणों के बीच भरोसेमंद संपर्क जरूरी होता है. चूंकि, स्टारलिंक उन इलाकों में भी नेटवर्क  कनेक्टिविटी उपलब्ध करा देता है, जहां पर पारंपरिक संचार व्यवस्था नष्ट हो चुकी है. इससे युद्ध के दौरान यूक्रेनी सेना को काफी राहत मिलती है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति की अहम बातें

ध्यान देने वाली बात है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने हाल के दिनों में ही कई अहम बातें कहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि कीव को रूसी मिसाइल हमलों की चेतावनी पहले नहीं दी गई. चूंकि, सामान्य स्थिति में अमेरिका अपने सहयोगियों को ऐसी जानकारी काफी पहले देता है. बता दें कि अमेरिका की ओर से अपने सैटेलाइट के जरिए रूसी हमलों की जानकारी जुटाता है, जो यूक्रेन के लिए अहम मानी जाती है.

यूक्रेन के लोगों को इस जानकारी की मदद से शेल्टर में छिपने के लिए कुछ वक्त मिल जाता है. हालांकि, इससे इतर ट्रंप की ओर से मंगलवार को कहा गया कि वह यूक्रेन की मदद कर रहे हैं और खुफिया जानकारी साझा कर रहे हैं. इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि केवल ट्रंप के कह देने मात्र से जानकारी पूरी दी जा रही हो, यह बात सही हो.  

ट्रंप के बदलते बयानों ने भरोसा कम किया

गौरतलब है कि यूक्रेन और यूरोपीय अधिकारी पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यूक्रेन ने अगर रूसी तेल के ठिकानों पर अपना हमला नहीं रोकता है, तो अमेरिका अपनी मदद सीमित कर सकता है. हाल के समय में ट्रंप ने यह भी कहा था कि यूक्रेन के इन हमलों के कारण अमेरिका में भी डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं. हैरान करने वाली बात है कि वह इस बात को नजरअंदाज कर रहे हैं कि तेल के दाम बढ़ने में होर्मुज स्ट्रेट पर रुकावट भी अहम वजह है.

जेलेंस्की को लेकर बदला ट्रंप का रुख

पिछले कुछ समय में ट्रंप के राष्ट्रपति ने यक्रेन को लेकर अपना रुख बदला है. पहले वह यूक्रेन को खुद की पैट्रियट मिसाइल बनाने देने वाले थे. इसको एक ट्रंप की ओर से लिया गया एक अहम फैसला माना जा रहा था. हालांकि, वह अब कह रहे हैं कि शांति के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट खुद जेलेंस्की है. इससे पहले ट्रंप यह भी दावा कर चुके हैं कि यूक्रेन में फिर से चुनाव होना चाहिए और नई सरकार बननी चाहिए. उधर, जेलेंस्की खुद एक साल से अधिक समय से युद्धविराम पर बात करने के लिए तैयार हैं.

ट्रंप और पुतिन के लिए कैसे घाटे का सौदा

भले ही ट्रंप ने रूस के साथ डीजल डील करने का ऐलान किया हो, लेकिन ट्रंप का रूस की ओर ये झुकाव काफी रहस्य भरा है. कुछ आलोचकों का कहना है कि ट्रंप के इस फैसले से कोई शांति समझौता नहीं होगा. यह अमेरिका के हितों के खिलाफ है. चूंकि रूस लगातार ईरान की मदद कर रहा है, जिस कारण अमेरिकी सैनिकों को नुकसान हो रहा है.  

इस परिस्थिति में ट्रंप और पुतिन दोनों के लिए एक बड़ा जोखिम है. अगर ट्रंप ऐसा करते रहे, तो उनके यूरोपीय साथी अगले 18 महीने के लिए उनसे दूर हो सकते हैं. इतना ही नहीं, यह रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक बड़ा खतरा है. ऐसे में अगर अमेरिका पीछे हटता है, तो यूरोप और यूक्रेन खुद को मजबूत करेंगे. वह रक्षा बजट पर विशेष फोकस करेंगे और लड़ने के लिए नए तरीके खोज लेंगे. 

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