गेरेन-5 का तांडव: 960 KM रेंज, 19,700 फीट ऊंची उड़ान और 600 KM/H की स्पीड; यूक्रेन की 100 साल पुरानी साइंस अकादमी तबाह, खिड़कियों से कूदे लोग
यूक्रेन में नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस की बिल्डिंग पर रूस के 'जेट पावर्ड' ड्रोन अटैक में दो की मौत हो गई. बचाव के लिए लोग बिल्डिंग से कूदते लगे थे. जंग के मोर्चे अलसुबह कैसे हैं हालात और कितना घातक है ये ड्रोन जानिए.
Kyiv Drone Attack: रूस और यूक्रेन के आसमान में हफ्तेभर से घातक ड्रोन हमलों की बारिश हो रही है. मास्को के ताजा और ताबड़तोड़ हमलों के चलते कीव में मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है. अपने हमलों की तीव्रता बढ़ाते हुए रूस ने कीव पर लेटेस्ट जेट-पावर्ड ड्रोन गेरेन-5 से हमला किया. इसमें एक ड्रोन का टारगेट कीव की नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस की 100 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत बनी, जिसे भारी नुकसान पहुंचा. बिल्डिंग की ऊपर की दो मंजिलों में भयानक आग लग गई. जिससे वहां मौजूद स्टाफ जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आया. इन हमलों में एक मेडिकल सेंटर समेत कई अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है.
इस हमले का डरावना वीडियो सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि अंदर मौजूद वैज्ञानिक और कर्मचारी आग की लपटों और धुएं से बचने के लिए खिड़कियों से बाहर लटक रहे थे और किसी तरह बाहर कूदकर अपनी जान बचा रहे थे.
हैरान कर रहा वीडियो
11 सेकेंड के एक वीडियो में हमले की भयावहता देखी जा सकती है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस पर हुए हमले में जिन दो लोगों की मौत हुई है, उसमें यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख वलोडिमिर होर्बुलिन समेत कई अन्य लोग घायल हुए हैं. घातक हमले में उनके असिस्टेंट की मौत हो गई है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक 24 घंटों में हुए हमलों में 9 लोगों की मौत हुई और 90 घायल हैं. इसी दौरान रूस ने कीव के अलावा ओडेसा की ओर जा रहे मालवाहक जहाजों और बंदरगाह को निशाना बनाने का दावा किया.
गेरेन-5 की ताकत
यूक्रेनी सेना के मुताबिक रूसी गेरेन-5 ड्रोन की रेंज करीब 960 किलोमीटर है. एंटी जैमर नेविगेशन सिस्टम से लैस गेरेन करीब 20,000 मीटर तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है. इसकी रफ्तार भी पुराने ड्रोन से कहीं ज्यादा है. यह पलक झपकते ही 450 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है.
इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग प्रूफ इस ड्रोन को धोखा देकर सही दिशा से नहीं भटकाया जा सकता. तेज रफ्तार, ज्यादा ऊंचाई और लंबी दूरी की वजह से गेरेन-5 यूक्रेन की एयर डिफेंस के लिए नई चुनौती बन गया है.
यूक्रेन ने वापस ली जमीन
उधर यूक्रेन ने मोर्चे पर तीन बस्तियों को वापस लेने की जानकारी दी है. पोलैंड ने भी रूसी ड्रोन-मिसाइल खतरे से निपटने के नियमों में बदलाव शुरू किया है.