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लंदन के एक घर में बिस्तर के नीचे रखे एक पुराने डिब्बे से 100 साल से भी पुराना और बेहद दुर्लभ खजाना मिला है. डिब्बे की जांच करने पर उसमें एक विलुप्त हो चुके जीव, तस्मानियाई टाइगर (थायलासीन) का संरक्षित रखा हुआ सिर मिला. यह दुनिया भर में मौजूद थायलासीन के सिर के गिने-चुने तीन नमूनों में से एक है. बाथ (यूके) के प्रसिद्ध 'ऑक्शनियम' नीलामी घर के विशेषज्ञों के अनुसार, इस दुर्लभ सिर की कीमत 30,000 से 50,000 पाउंड (भारतीय रुपयों में लगभग 32 से 53 लाख रुपये) के बीच लग सकती है.
लंदन के इस परिवार को सालों तक अंदाजा भी नहीं था कि उनके बिस्तर के नीचे पड़े लकड़ी के बक्से में क्या छिपा है. हाल ही में जब उन्होंने टीवी पर तस्मानियाई टाइगर के एक सिर की नीलामी की खबर देखी, तब उन्हें अपने डिब्बे का ख्याल आया और उन्होंने नीलामी घर से संपर्क किया. नीलामी घर के कर्मचारियों ने इस सिर को प्यार से 'ट्रेवर' नाम दिया. जब इसका एक्स-रे स्कैन किया गया, तो पता चला कि इसके अंदर जीव की असली खोपड़ी आज भी बिल्कुल सुरक्षित है.
यह नई खोज उस घटना के बाद हुई है, जब इसी नीलामी घर ने थायलासीन का एक और सिर बेचा था. वह पहला नमूना काफी अलग था. उसके पिछले मालिक ने उसमें प्लास्टिक की नकली आंखें लगा दी थीं. किसी ने उसे कबाड़ी या एंटीक मार्केट से महज 50 पाउंड में खरीदा था. बाद में जब उसकी नीलामी हुई, तो मशहूर संग्राहक जेम्स क्रैनफील्ड ने उसे 50,000 पाउंड में खरीदा. खरीदार की फीस और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद उसकी अंतिम कीमत 60,000 पाउंड (लगभग 64 लाख रुपये) तक पहुंच गई थी.
तस्मानियाई टाइगर या थायलासीन एक मांसाहारी मार्सुपियल (कंगारू की तरह पेट में थैली वाला जीव) था. यह जीव कभी ऑस्ट्रेलिया, तस्मानिया और न्यू गिनी में पाया जाता था. लगभग 2,000 साल पहले ही ये ऑस्ट्रेलियाई मुख्य भूमि से गायब हो गए थे, लेकिन तस्मानिया के द्वीपों पर इनकी आबादी बची रही. जब यूरोपीय लोग वहां पहुंचे, तो उन्होंने इनका अंधाधुंध शिकार शुरू कर दिया. सरकार की ओर से इन्हें मारने पर इनाम दिए जाते थे. इसके अलावा, जंगलों की कटाई और बाहरी जानवरों द्वारा फैलाई गई बीमारियों के कारण इनकी संख्या तेजी से घटने लगी.
दुनिया का आखिरी ज्ञात तस्मानियाई टाइगर 'बेंजामिन' था, जिसकी सितंबर 1936 में तस्मानिया के होबार्ट चिड़ियाघर में मौत हो गई. इसके साथ ही यह प्रजाति हमेशा के लिए विलुप्त हो गई. दुनिया भर के वैज्ञानिक संस्थानों के रिकॉर्ड के मुताबिक, आज पूरे विश्व में थायलासीन के केवल 756 शारीरिक अवशेष ही बचे हैं. इनमें से मात्र 101 ही 'टैक्सीडर्मी' (शरीर को संरक्षित करने की कला) रूप में हैं. पूरे बने हुए सिर की संख्या तो उंगलियों पर गिनने लायक है.
नकली आंखों वाले पिछले नमूने के विपरीत, यह नया सिर एकदम मूल स्थिति में है और इसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. नीलामी करने वाले अधिकारी एंड्रयू स्टोव का कहना है, 'ब्रिटेन के आम घरों में ऐसी दुर्लभ वस्तुएं मिलना बहुत हैरान करने वाला है. किसी जानवर का ऐसा पूरा और असली हिस्सा मिलना लगभग असंभव जैसी बात है.' उन्होंने बताया कि इस नए नमूने को बेचने से पहले इसकी पूरी वैज्ञानिक जांच की गई है. यह एकमात्र ऐसा सिर है जिसे कानूनी और वैज्ञानिक तौर पर सही प्रक्रिया से प्रमाणित करके डेटाबेस में शामिल किया गया है.
इस दुर्लभ सिर को 26 नवंबर 2026 को होने वाली नीलामी में रखा जाएगा. ऐतिहासिक जानवरों के अवशेषों की बिक्री और निर्यात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत कड़े नियम हैं. बाजार में ऐसे नमूनों की बेहद कमी है, इसलिए इस नीलामी को लेकर दुनिया भर के संग्रहालयों, वैज्ञानिकों और निजी संग्राहकों में भारी उत्साह है. नीलामी घर को पूरी उम्मीद है कि इसकी बोली अनुमानित कीमत (30,000 से 50,000 पाउंड) को भी पार कर जाएगी.