मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित माधव नेशनल पार्क से प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है. रिजर्व के बलारपुर इलाके में एक बाघिन ने दो स्वस्थ नन्हे शावकों को जन्म दिया है. इनके आने से टाइगर रिजर्व में कुल बाघों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. शुरुआत में अलग-अलग समय पर 5 बड़े बाघ-बाघिन लाए गए थे. इसके बाद यहां बाघों का परिवार बढ़ना शुरू हुआ. पहले 4 शावकों के जन्म के बाद अब 2 और नए शावकों के आने से रिजर्व में जन्मे कुल बच्चों (शावकों) की संख्या 6 हो गई है.
रविवार शाम को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी साझा की. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि, माधव टाइगर रिजर्व में शावकों का आना वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी और उत्साहजनक उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के अब अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं. इसके साथ ही सिंधिया ने इस सफलता के लिए वन विभाग की पूरी टीम और संरक्षण कार्यों से जुड़े सभी कर्मचारियों को बधाई दी.
The roar grows louder in Madhya Pradesh! 🐅 3 new cubs + 6 tigers born in Madhav Tiger Reserve in our Shivpuri, taking the tiger population to 11 now! https://t.co/Lz8ykl6Bfz
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) October 25, 2026
माधव नेशनल पार्क में दो शावकों के जन्म के साथ यहां बाघों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. रिपोर्टों के अनुसार, अलग-अलग समय पर माधव टाइगर रिजर्व में पांच वयस्क बाघों (बाघ-बाघिन) को लाया गया था. इसके बाद यहां बाघों की आबादी बढ़ने लगी. पहले 4 शावकों के जन्म के बाद 2 और शावकों के आने से रिजर्व में पैदा हुए शावकों की कुल संख्या 6 हो गई है. इसके साथ ही पार्क में बाघों की कुल संख्या 11 हो गई है, जिनमें 5 वयस्क बाघ और 6 शावक शामिल हैं. हालांकि, वन विभाग की टीम उस बाघिन की तलाश कर रही है जो दो साल से लापता है.
माधव टाइगर रिजर्व में बाघ के नए शावकों के आने से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई है. पांच बाघों के साथ शुरू की गई यह पुनर्स्थापना पहल अब ग्यारह बाघों की एक फलती-फूलती आबादी में बदल गई है. यह वन विभाग के अथक प्रयासों और उनकी वैज्ञानिक संरक्षण रणनीतियों की सफलता का प्रमाण है. हालांकि एक लापता बाघिन की तलाश अभी भी जारी है, लेकिन बलारपुर क्षेत्र में इन नए शावकों के जन्म से यह भरोसा जागता है कि शिवपुरी का यह राष्ट्रीय उद्यान समय के साथ देश के प्रमुख और सबसे सुरक्षित टाइगर रिजर्व में से एक के रूप में स्थापित हो जाएगा.
पूनम पुरोहित की रिपोर्ट