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'PAK को मत दो सैन्य मदद, चीन तक पहुंच जाएगी अमेरिकी तकनीक?' राजनाथ ने यूएस को चेताया, गंभीर होकर सुनते रहे हेगसेथ

पाकिस्तान की सेना के आधुनिकीकरण के मुद्दे पर भारत ने यूएस के सामने अपनी चिंता जताई है. भारत ने कहा कि यूएस की यह गलती उसके लिए भारी पड़ सकती है और उसकी अत्याधुनिक तकनीक तीसरे देश यानी चीन के हाथों में जा सकती है.

'PAK को मत दो सैन्य मदद, चीन तक पहुंच जाएगी अमेरिकी तकनीक?' राजनाथ ने यूएस को चेताया, गंभीर होकर सुनते रहे हेगसेथ
Image Credit: फिलीपींस में राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ की हुई बैठक

भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के मिलिट्री अपग्रेडेशन में मदद दिए जाने का मामला अमेरिका के सामने उठाया है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान वायु सेना के F-16 बेड़े के रखरखाव और आधुनिकीकरण उसके लिए चिंता की बात है. इसकी वजह ये है कि इन विमानों का इस्तेमाल केवल आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ भी किया जा सकता है. जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ये बातें कह रहे थे, तब अमेरिका के युद्ध सचिव हेगसेथ गंभीर होकर उनकी बात सुनते नजर आए.

पाकिस्तान की दी जा रही सैन्य मदद पर भारत ने जताई चिंता

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान के  F-16 बेड़े के रखरखाव और आधुनिकीकरण के लिए 686 मिलियन यानी लगभग 68.6 करोड़ डॉलर का पैकेज मंजूर किया है. इस पैकेज में विमानों के एवियोनिक्स अपग्रेड, क्रिप्टोग्राफिक सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का काम होगा. ऐसा करके पाकिस्तान के F-16 विमानों की उम्र बढ़ाई जाएगी.

भारतीय सैन्य अधिकारियों का आकलन है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ संघर्षों में अमेरिका की ओर से डिलीवर किए गए F-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है, जिसमें 2019 के बालाकोट के बाद की हवाई झड़प भी शामिल थी. ऐसे में अगर भविष्य में फिर से कोई जंग होती है तो पाकिस्तान इन विमानों का इस्तेमाल भारत पर बम बरसाने के लिए कर सकता है.

राजनाथ ने हेगसेथ को समझाए PAK की मदद के खतरे

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान को की जा रही इस सैन्य मदद से उसकी तकनीक तीसरे पक्ष (चीन) के हाथ में भी जा सकती है. राजनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक समुदाय को उन राष्ट्रों के प्रति अडिग और जीरो-टॉलरेंस विजन बनाए रखना चाहिए, जो आतंकवादी संगठनों का समर्थन, प्रशिक्षण या फंडिंग करते हैं.

सूत्रों के मुताबिक, हेगसेथ ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति एकजुटता और पूर्ण समर्थन की पुष्टि की. राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर अमेरिका के लगातार समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त किया.

संयुक्त युद्धाभ्यासों की संख्या बढ़ाने पर बनी सहमति

बैठक में दोनों पक्षों ने वर्ष 2025 में हुए डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की. दोनों देशों ने युद्ध से जुड़ी परिचालन तैयारियों, तकनीक को शेयर करने और रक्षा उद्योगों के एकीकरण में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया. उन्होंने संयुक्त युद्धाभ्यासों की संख्या बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत करने और रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं को एकीकृत करने के प्रयासों की भी समीक्षा की.

बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट शेयर करके मीटिंग के फायदेमंद बताया. उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच मजबूत साझेदारी एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए आधारशिला बनी हुई है. वहीं अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने बयान जारी करके कहा कि बैठक शानदार रही और सहयोग को लगातार मजबूत करने के नए तरीकों की तलाश पर उपयोगी चर्चा की गई. 
 

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About the Author

Devinder Kumar

Devinder Kumar

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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