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भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के मिलिट्री अपग्रेडेशन में मदद दिए जाने का मामला अमेरिका के सामने उठाया है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान वायु सेना के F-16 बेड़े के रखरखाव और आधुनिकीकरण उसके लिए चिंता की बात है. इसकी वजह ये है कि इन विमानों का इस्तेमाल केवल आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ भी किया जा सकता है. जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ये बातें कह रहे थे, तब अमेरिका के युद्ध सचिव हेगसेथ गंभीर होकर उनकी बात सुनते नजर आए.
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 बेड़े के रखरखाव और आधुनिकीकरण के लिए 686 मिलियन यानी लगभग 68.6 करोड़ डॉलर का पैकेज मंजूर किया है. इस पैकेज में विमानों के एवियोनिक्स अपग्रेड, क्रिप्टोग्राफिक सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का काम होगा. ऐसा करके पाकिस्तान के F-16 विमानों की उम्र बढ़ाई जाएगी.
भारतीय सैन्य अधिकारियों का आकलन है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ संघर्षों में अमेरिका की ओर से डिलीवर किए गए F-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है, जिसमें 2019 के बालाकोट के बाद की हवाई झड़प भी शामिल थी. ऐसे में अगर भविष्य में फिर से कोई जंग होती है तो पाकिस्तान इन विमानों का इस्तेमाल भारत पर बम बरसाने के लिए कर सकता है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान को की जा रही इस सैन्य मदद से उसकी तकनीक तीसरे पक्ष (चीन) के हाथ में भी जा सकती है. राजनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक समुदाय को उन राष्ट्रों के प्रति अडिग और जीरो-टॉलरेंस विजन बनाए रखना चाहिए, जो आतंकवादी संगठनों का समर्थन, प्रशिक्षण या फंडिंग करते हैं.
सूत्रों के मुताबिक, हेगसेथ ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति एकजुटता और पूर्ण समर्थन की पुष्टि की. राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर अमेरिका के लगातार समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त किया.
बैठक में दोनों पक्षों ने वर्ष 2025 में हुए डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की. दोनों देशों ने युद्ध से जुड़ी परिचालन तैयारियों, तकनीक को शेयर करने और रक्षा उद्योगों के एकीकरण में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया. उन्होंने संयुक्त युद्धाभ्यासों की संख्या बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत करने और रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं को एकीकृत करने के प्रयासों की भी समीक्षा की.
बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट शेयर करके मीटिंग के फायदेमंद बताया. उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच मजबूत साझेदारी एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए आधारशिला बनी हुई है. वहीं अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने बयान जारी करके कहा कि बैठक शानदार रही और सहयोग को लगातार मजबूत करने के नए तरीकों की तलाश पर उपयोगी चर्चा की गई.