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मोकामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. जनता दल यूनाइटेड के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है. अब इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा है कि जनता दल यूनाइटेड की ओर से की गई शिकायत, उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा.
अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है. विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की ओर से बयान दिए जाने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई को लेकर फैसला हो सकता है. अब फैसला किसके पक्ष में जाएगा, यह साक्ष्यों की जांच और विधानसभा अध्यक्ष के विवेक पर निर्भर करता है.
इस मामले में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से शिकायत किए जाने के साथ ही वीडियो फुटेज और अखबारों की कटिंग सौंपी गई है. शिकायत के साथ अन्य दस्तावेज भी विधानसभा अध्यक्ष को उपलब्ध कराए गए है. उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए उन पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है.
बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव का ऐलान होने के साथ ही अनंत सिंह ने जनता दल यूनाइटेड से बगावत कर दिया था. उन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार का साथ न देने और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में जमकर प्रचार और रोड शो किया था. इसके अलावा वे रोजाना बयानबाजी कर जनता दल यूनाइटेड आलाकमान को निशाना बना रहे थे.
अनुज सिंह के नामांकन में 50 हजार लोगों के लिए उन्होंने मिठाइयां बनवाई थीं और मतगणना के दिन वे अनुज सिंह की जीत को लेकर इतने उत्साहित थे कि एक लाख लोगों के लिए मिठाइयां बनवा दीं. मतदान के दिन दोपहर में ही उनके घर पर अनुज सिंह की जीत की भविष्यवाणी करते हुए आतिशबाजियां की गई थीं. हालांकि, जब मतगणना हुई तो अनुज सिंह तीसरे नंबर पर हिचकोले खाते दिखे. अनंज सिंह के तमाम विरोध के बाद भी जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी नीरज कुमार ने पटना स्नातक सीट से जीत हासिल की.
इनपुट: जी बिहार टीम