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बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. मामले के मुख्य केंद्र में जेल में बंद रिशु श्री का नाम है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में ED ने राज्य के 6 मौजूदा और पूर्व IAS अधिकारियों को नोटिस जारी कर तलब किया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.
जांच का दायरा तब और बढ़ गया जब यह खुलासा हुआ कि जेल में बंद रिशु श्री अपनी पहुंच का किस तरह इस्तेमाल करता था. मुमुक्षु कुमार चौधरी के बयानों के मुताबिक, रिशु श्री तत्कालीन प्रधान सचिव आनंद किशोर को भैया कहकर संबोधित करता था. मुमुक्षु की सीतामढ़ी और सहरसा में बतौर नगर आयुक्त पोस्टिंग के पीछे भी इसी सिंडिकेट का हाथ बताया जा रहा है. रिशु श्री की कंपनियों- रिलायबल इंफ्रा और अर्बन एनवायरनमेंटल को नियमों को ताक पर रखकर बड़े-बड़े टेंडर दिलवाने के गंभीर आरोप हैं.
ED की तरफ से तलब किए गए 6 प्रमुख IAS अधिकारियों की फेरहरिस्त और उन पर लगे आरोपों को चलिए जानते हैं.
आनंद किशोर तत्कालीन प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, जो रिशु श्री के सिंडिकेट से नजदीकियों और नियमों की अनदेखी कर टेंडर दिलाने के आरोपों में घिरे हैं. वहीं, संतोष कुमार मल्ल तत्कालीन सचिव, नगर विकास विभाग पर सीवरेज ट्रीटमेंट, ड्रेनेज और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजनाओं में 5 फीसदी से 7 प्रतिशत कमीशनखोरी का सिंडिकेट चलाने और रोकने में विफल रहने का आरोप है.
योगेश सागर तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको इन पर जून 2024 में परिवार के 6 सदस्यों के साथ ऑस्ट्रिया यात्रा कुल खर्च 21.92 लाख रुपए का अधिकांश हिस्सा 17.65 लाख रुपए रिशु श्री के कर्मचारी और मेसर्स जेम्स इंजीनियरिंग द्वारा नकद चुकाए जाने के आरोप में घिरे हैं. धर्मेंद्र कुमार पूर्व एमडी, BMSICL एवं तत्कालीन नगर आयुक्त, सासाराम अस्पताल भवनों, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और स्वच्छता उपकरणों की खरीद में रिशु श्री की डमी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है.
अभिलाषा शर्मा तत्कालीन डीएम, सीतामढ़ी, इन्हें रिशु श्री की रिश्तेदार (मौसेरी/चचेरी बहन) बताया गया है. आरोप है कि रिशु श्री और मुमुक्षु ने इनकी पांच जिलों में डीएम के पद पर नियुक्ति के लिए गहरी पैरवी की थी. सुनील यादव तत्कालीन नगर आयुक्त पर नगर निकायों में कूड़ेदान, ई-गवर्नेंस गाड़ियों और सफाई उपकरणों की खरीद में GeM पोर्टल के नियमों की धज्जियां उड़ाकर चहेती कंपनियों को टेंडर दिलवाने और डिजिटल लेजर में रिश्वत के लेन-देन के आरोप हैं.
अभिलाषा शर्मा और सुनील यादव से ED पहले ही पूछताछ कर चुकी है. धर्मेंद्र कुमार से आज पूछताछ की जाएगी. वहीं, संतोष कुमार मल्ल को 29 अक्टूबर और आनंद किशोर को 30 अक्टूबर को ED के सामने पेश होना है.
इस पूरे मामले में 15 अक्टूबर को पटना हाईकोर्ट में रिशु श्री की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने ED के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा था कि रिशु श्री केवल एक मोहरा है, असली किंगपिन तो पर्दे के पीछे छिपा है. अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में कोर्ट की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी, जिस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं.
रिपोर्ट: प्रिंस कुमार कुशवाहा