)
किसी महिला ने घूंघट की ओट से ईवीएम का बटन दबाकर गांव की सरकार चुनी, तो कोई बुजुर्ग लाठी के सहारे मतदान केंद्र पहुंचा. कोई व्हीलचेयर पर आया तो किसी ने परिजनों का सहारा लेकर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभाई. पहली बार मतदान करने पहुंचे युवाओं में भी खासा उत्साह नजर आया. जयपुर जिले की पांच पंचायत समितियों के 81 वार्डो और जिला परिषद के 11 वार्डो में दूसरे चरण में गांव की सरकार चुनने के लिए मतदान केंद्रों पर कुछ ऐसी ही तस्वीरें दिखाई दीं. सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चले मतदान में 3 लाख 78 हजार 364 मतदाताओं में से 2 लाख 62 हजार 641 ने वोट डाले. अंतिम मतदान प्रतिशत 69.41 रहा, जो पहले चरण के 68.29 प्रतिशत से 1.12 प्रतिशत अंक ज्यादा है. जिले की आमेर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी, शाहपुरा और अमरसर पंचायत समितियों के 81 वार्डों में मतदान हुआ. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई.
घरेलू कामकाज निपटाकर मतदाव करने पहुंची महिलाएं
ग्रामीण महिलाएं घरेलू कामकाज निपटाकर मतदान करने पहुंचीं. कई मतदान केंद्रों पर घूंघट में महिलाओं की कतारें दिखाई दीं. बुजुर्गों ने भी उम्र और शारीरिक परेशानियों को मतदान के आड़े नहीं आने दिया. युवाओं में पहली बार ईवीएम का बटन दबाने को लेकर उत्साह रहा. दूसरे चरण में शाहपुरा पंचायत समिति मतदान प्रतिशत के मामले में सबसे आगे रही. यहां 57 हजार 160 मतदाताओं में से 41 हजार 200 ने मतदान किया. मतदान प्रतिशत 72.08 रहा. जालसू में 71.95 प्रतिशत, आमेर में 68.33 प्रतिशत, रामपुरा डाबड़ी में 67.98 प्रतिशत और अमरसर में सबसे कम 67.89 प्रतिशत मतदान हुआ. सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान वाली पंचायत समितियों के बीच 4.19 प्रतिशत अंक का अंतर रहा.
मतदान के आंकड़ों दिलचस्प तस्वीर आई सामने
मतदान के आंकड़ों में भी दिलचस्प तस्वीर सामने आई. सुबह 10 बजे तक जिले में महज 15.02 प्रतिशत मतदान हुआ था. दोपहर 1 बजे तक यह आंकड़ा 33.12 प्रतिशत और दोपहर 3 बजे तक 49.45 प्रतिशत पहुंचा. यानी आठ घंटे में आधे मतदाताओं ने भी वोट नहीं डाला था. लेकिन इसके बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ी. दोपहर 3 बजे तक 1 लाख 87 हजार 109 वोट पड़े थे, जबकि अंतिम आंकड़ा 2 लाख 62 हजार 641 पहुंचा. इस तरह दोपहर 3 बजे के बाद अंतिम आंकड़ों तक 75 हजार 532 अतिरिक्त वोट दर्ज हुए. सुबह 10 बजे तक जालसू में सबसे ज्यादा 16.45 प्रतिशत मतदान हुआ. दोपहर 1 बजे तक शाहपुरा 37.03 प्रतिशत के साथ आगे निकल गया. दोपहर 3 बजे भी शाहपुरा में सबसे ज्यादा 52.02 प्रतिशत वोटिंग हुई. शाम 6 बजे की रिपोर्ट में शाहपुरा 71.87 प्रतिशत पर था. अंतिम आंकड़ों में यह बढ़कर 72.08 प्रतिशत हो गया. वहीं जालसू का मतदान 70.10 से बढ़कर 71.95 प्रतिशत पहुंचा.
ईवीएम में तकनीकी खराबी भी आई सामने
मतदान प्रक्रिया के दौरान ईवीएम की तकनीकी खराबी भी सामने आई. मॉक पोल और वास्तविक मतदान के दौरान कुल 14 कंट्रोल यूनिट और 6 बैलेट यूनिट बदलनी पड़ीं. मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल के दौरान 11 कंट्रोल यूनिट और 3 बैलेट यूनिट बदली गईं. वही वास्तविक मतदान के दौरान भी 3 कंट्रोल यूनिट और 3 बैलेट यूनिट बदलनी पड़ीं. जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक और जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली. जिला प्रशासन की टीमें भी मतदान प्रक्रिया की निगरानी में जुटी रहीं.
क्या अगले पांच सालों में ग्रामीणों की उम्मीदें होंगी पूरी?
बहरहाल,घूंघट की ओट से निकला वोट हो या कांपते हाथों से दबाया गया ईवीएम का बटन, हर मतदाता की उम्मीद अपने गांव की तस्वीर बदलने की है. किसी को घर तक पानी पहुंचने का इंतजार है, तो कोई टूटी सड़कों की मरम्मत और गांव में बेहतर सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठा है. मतदाताओं ने कतारों में लगकर लोकतंत्र के प्रति अपना फर्ज निभा दिया. अब चुनाव जीतकर आने वाले जनप्रतिनिधियों के सामने अगले पांच साल गांव के विकास और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी होगी. सवाल यही है कि ईवीएम में दर्ज ग्रामीणों की उम्मीदें क्या अगले पांच साल में जमीन पर विकास बनकर दिखाई देंगी.