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Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले साढ़े 4 साल से लगातार जंग जारी है. दोनों ही देश युद्ध से पीछे हटने के लिए राजी नहीं है. वहीं, अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार ( 25 सितंबर 2026) को कहा कि यूक्रेन के साथ जंग के समाधान को लेकर सभी प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन मॉस्को को अभी भी यह आकलन करने की आवश्यकता है कि उसके लिए बेहतर क्या है.
पुतिन ने यह भी कहा कि पिछले हफ्ते हुए रूसी संसदीय चुनावों के बाद मॉस्को, कीव के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार था, लेकिन यूक्रेन ने रूस पर हमले किए और वोटिंग सेंटर्स को निशाना बनाया.
पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन ने ही उकसावे वाले हमले किए थे और अब उसे लगातार दवाबी कार्रवाई की कीमत चुकानी होगी. पुतिन ने कहा,'इसकी शुरुआत उन्होंने ही की थी. हर जगह, हर मोर्चे पर. क्या ये सब खिलौने हैं या बच्चों का खेल. इसलिए उन्हें रूस के जवाबी हमलों का एहसास कराया जाना चाहिए और यह समझना चाहिए कि कोई भी उकसाने वाली कार्रवाई, किसी भी तरह से परिणाम हासिल करने के लिए स्थिति को भड़काना, कारगर नहीं होगा. वे केवल अपने लिए ही स्थिति को बदतर बना रहे हैं.'
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस पर हमले उनके देश के नागरिकों और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों का सही जवाब था. इसके साथ ही उन्होंने जंग के समाधान के लिए रूस के साथ सीधी बातचीत करने की भी बात कही. पुतिन ने कहा कि रूस की जवाबी कार्रवाई यूक्रेन की ओर से युद्धविराम और बातचीत फिर से शुरू करने की मांग के पीछे की वजह थी. बता दें कि यूक्रेन ने महीनों से रूसी ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं, जिनमें ऑयल इंडस्ट्री और रिटेल स्टोर्स को निशाना बनाया गया, जिनमें से कुछ यूक्रेनी बॉर्डर से 3,000 किलोमीटर दूर तक स्थित हैं.
पुतिन ने कहा कि यूक्रेन की ओर से नई बातचीत का आग्रह करने की एक वजह वहां की सेना को जेट ऑपरेटेड ड्रोन का मुकाबला करने में आ रही कठिनाई भी थी. ये ड्रोन ज्यादा ऊंचाई पर उड़ते हैं और इन्हें रोकना बेहद कठिन होता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने जून 2026 में एक इंटरनेशनल समिट के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग और पिछले हफ्ते रूस के संसदीय चुनाव के मुख्य दिन मॉस्को पर बड़े पैमाने पर हमले करके टकराव को उकसाया था. उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने वोटिंग सेंटर्स पर हमला किया, जिसमें एक इलेक्शन ऑफिसर की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए.