पाताल से चांद तक बिछेगी जंग की बिसात: दुश्मनों की खड़ी होगी खाट; क्या है अमेरिका का सुपरप्लान
अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ने फ्यूचर वॉरफेयर के लिए 'प्रोजेक्ट मेरिडियन' की घोषणा की है. टेक दिग्गज एलन मस्क की अगुआई में पेंटागन की यह स्टडी धरती के नीचे से लेकर चंद्रमा तक जंग की रणनीतियों की जांच करेगी.
पाताल से लेकर चांद तक फ्यूचर वॉरफेयर के लिए अब अमेरिका बड़ी रणनीति बनाने जा रहा है. अमेरिकी रक्षा विभाग ने ऐलान किया है कि एलन मस्क, पामर लकी और हाउस के पूर्व स्पीकर न्यूट गिंगरिच फ्यूचर वॉरफेयर पर पेंटागन की एक स्टडी की मिलकर अगुआई करेंगे. इस स्टडी की सार्वजनिक रिपोर्ट 120 दिनों के भीतर आने की बात कही गई है.
क्या है अमेरिका का 'प्रोजेक्ट मेरिडियन'
अमेरिका के इस मिशन का नाम है 'प्रोजेक्ट मेरिडियन'. इससे उन क्षमताओं की पहचान हो पाएगी, जिनसे अमेरिकी सेना लंबे वक्त तक दुनिया की बाकी मिलिट्री से ज्यादा ताकतवर रह पाएगा. इस स्टडी में धरती के नीचे होने वाले ऑपरेशन से लेकर चांद समेत कई इलाकों में जंग के मैदान की संभावित जरूरतों के बारे में पता लगाया जाएगा.
इस प्रोजेक्ट को विभाग के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एमिल माइकल आगे बढ़ा रहे हैं. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इसके तीन को-डायरेक्टर को एकेडेमिया, पॉलिसी और इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का सहयोग मिलेगा.
इस प्रोजेक्ट में क्या होगा?
विभाग ने कहा, 'प्रोजेक्ट मेरिडियन के तहत फ्यूचर वॉरफेयर के सभी क्षेत्रों की जांच की जाएगी, जिसमें जमीन के नीचे की गहराइयों से लेकर चंद्रमा के आसपास के इलाके तक शामिल होंगे.' हेगसेथ ने आदेश दिया कि प्रोजेक्ट शुरू होने के 120 दिनों के भीतर पूरा हो जाना चाहिए. फाइनल रिपोर्ट सीक्रेट नहीं होगी और इसे लोगों के सामने रखा जाएगा. हालांकि, इसके साथ एक अलग गोपनीय हिस्सा भी होगा.
विभाग ने कहा कि रिपोर्ट में भविष्य के संघर्षों के लिए जरूरी एडवांस्ड सिस्टम के बारे में जानकारी और सुझाव होंगे. इसे तकनीकी जरूरतों की पहचान करने और उन सिस्टम को सेना में शामिल करने की प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश के तौर पर पेश किया गया. विभाग ने कहा, 'अगर दुश्मन को रोकने की कोशिश नाकाम रहती है, तो हमारे सैनिकों को भविष्य की किसी भी लड़ाई में फ्यूचर थिकिंग और तैयारी से हासिल तकनीकी बढ़त के साथ उतरना होगा.'
'प्रोजेक्ट मेरिडियन' उन छह कदमों में से एक था, जिनके बारे में हेगसेथ ने वर्जीनिया में मरीन कॉर्प्स बेस क्वांटिको में एक भाषण के दौरान बताया. उन्होंने उन एक्टिव-ड्यूटी अधिकारियों और नॉन-कमीशंड अधिकारियों से बात की, जो इन बदलावों को लागू करने में शामिल होंगे. अन्य पहलों में ऑटोनॉमस वॉरफेयर, अफसरों की ट्रेनिंग, घरेलू सप्लाई चेन, सैन्य ठिकाने और धार्मिक सहायता शामिल हैं.
विदेशों पर निर्भरता कम करेगा अमेरिका
हेगसेथ ने 1 अक्टूबर, 2027 तक 'ऑटोनॉमस वॉरफेयर कमांड' को फोर-स्टार फंक्शनल कॉम्बैटेंट कमांड के तौर पर स्थापित करने की योजना का ऐलान किया. विभाग ने कहा कि इस पहल से संयुक्त सेना में ऑटोनॉमस सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ेगा. एक अलग प्रोग्राम, 'फोर्ट्रेस अमेरिका', का मकसद सैन्य ठिकानों को रुकावटों से बचाकर मजबूत करना और अहम सामान व पुर्जों के लिए विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करना है.
इसकी तय प्राथमिकताओं में बड़े ठिकानों पर स्वतंत्र बिजली उत्पादन, रेयर अर्थ और सेमीकंडक्टर के लिए घरेलू सप्लाई चेन, जरूरी सामान का रणनीतिक भंडार, और साइबर हमलों, तोड़फोड़ व ड्रोन से सुरक्षा शामिल हैं.'नेक्स्ट ग्रेट अमेरिकन बेस' प्रोजेक्ट के तहत एक नया मिलिट्री बेस बनाया जाएगा, जिसमें बिजली बनाने की अपनी व्यवस्था, ऑटोमैटिक सिस्टम और एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम होंगे. अलग-अलग राज्य जमीन और दूसरी मदद का प्रस्ताव देकर इस बेस को अपने यहां बनवाने के लिए एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे.
विभाग ने 'अमेरिकाज कॉर्प्स ऑफ कैडेट्स' का भी ऐलान किया, जिसमें पांच यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में एक्स्ट्रा फुल-टाइम प्रोग्राम शामिल होंगे. साथ ही, एक 'ऑफिस ऑफ रिलिजियस अफेयर्स' भी बनाया जाएगा, जो सीधे हेगसेथ को रिपोर्ट करेगा.
जनरलों की संख्या में आएगी कमी
वहीं, हेगसेथ ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना अपने 20% जनरलों और एडमिरलों की संख्या कम करेगी. उन्होंने अपने 'स्टेट ऑफ द फोर्स' संबोधन में एक नए ड्रोन कमांड और अन्य चीजों के बारे में कई ऐलान किए.