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पनामा में फिर डोली धरती! 6.5 तीव्रता के भूकंप से सहमे लोग, शुक्रवार की तबाही के बाद दोबारा दहशत

पनामा में 6.5 तीव्रता के भूकंप ने लोगों को दहशत से भर दिया. अभी नुकसान की जानकारी सामने आना बाकी है.

पनामा में फिर डोली धरती! 6.5 तीव्रता के भूकंप से सहमे लोग, शुक्रवार की तबाही के बाद दोबारा दहशत
Image Credit: Earthquake (AI)

चार दिन पहले रिक्टर स्केल पर 7.7 तीव्रता का भूकंप झेल चुके पनामा पर कुदरत का कहर एक बार फिर से टूटा है. थोड़ी देर पहले रिक्टर स्केल पर 6.5 तीव्रता के भूकंप से सहमे लोग इधर-उधर भागते नजर आए. इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर दक्षिणी पनामा में रियो ग्रांडे से करीब 18 किलोमीटर दूर पश्चिम में था. इससे पहले शुक्रवार दोपहर भी दक्षिणी पनामा में 7.7 और 6.6 तीव्रता के दो बेहद शक्तिशाली भूकंप आए थे. इसके बाद कई और झटके भी महसूस किए गए थे. अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे ने भी पनामा में भूकंप के झटकों की पुष्टि की है, हालांकि जान-माल के नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं मिली है.

पनामा में फिर कुदरत का कहर 

इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीमों के हवाले से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक, किसी कैजुअलटी यानी मौत की खबर नहीं मिली है. हालांकि धरती डोलने से कुछ लोगों के घायल होने की खबर आ रही है. इसके साथ ही कई घरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी प्रशासन ने मीडिया से साझा की है. वहीं प्रशासन का ये भी कहना है कि दूर-दराज के इलाकों में नुकसान का आकलन जारी रहने के कारण घायलों या नुकसान की संख्या बढ़ सकती है.

शुक्रवार के भूकंप के बाद लगी थी इमरजेंसी

पनामा में शुक्रवार दोपहर आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान हुआ. इसके चलते आपातकाल का ऐलान करना पड़ा था. भूकंप का केंद्र राजधानी पनामा सिटी से करीब 200 किलोमीटर दूर अजुएरो प्रायद्वीप के नजदीक था. भूकंप के बाद 18 घंटे में 100 से ज्यादा आफ्टरशॉक यानी छोटे झटके महसूस किए गए. करीब 500 से ज्यादा रिहायशी और कारोबारी इमारतों को नुकसान पहुंचा. दहशत में मारे लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए थे.

भारत ने दिखाई थी एकजुटता

इन भूकंपों से केंद्र के पास कई इमारतें ढह गई थीं. चर्च का एक हिस्सा गिर गया था. सड़कों पर दरारें आ गई थीं. भूकंप के चलते कई गाड़ियों को दबने से नुकसान पहुंचा था. जान-माल का नुकसान के बीच कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी थी.

पनामा में तबाही

भूकंप के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पनामा के प्रति एकजुटता जताई थी. जयशंकर ने X पर लिखा था- 'भारत की संवेदनाएं घायलों और प्रभावित लोगों के साथ हैं. खासकर उन परिवारों के प्रति, जिन्हें इस आपदा में नुकसान और मुश्किलों का सामना करना पड़ा'. भारती विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी करके पनामा की सरकार और वहां के लोगों के प्रति एकजुटता जताई थी.

पनामा में भूकंप क्यों आते हैं?

धरती के नीचे की टेक्टॉनिक प्लेट्स टकराने पर भूकंप किसी भी देश में यानी कहीं पर भी आ सकता है. पनामा की बात करें तो सेंट्रल अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में स्थित इस देश में भूकंप आने की मेन वजह इसकी जटिल भौगोलिक स्थिति यानी टेक्टॉनिक कंडीशन और उसके पास मौजूद सक्रिय फॉल्ट सिस्टम हैं.

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About the Author

Shwetank Ratnamber

Shwetank Ratnamber

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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