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Pakistan Mosque Blast: पाकिस्तान में बीते दिन शुक्रवार ( 18 सितंबर 2026) को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में जुम्मे की नमाज के दौरान एक मस्जिद के पास बड़ा विस्फोट हुआ. इस हादसे में अबतक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 100 लोग घायल बताए जा रहे हैं. पाकिस्तानी समय के मुताबिक, दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर कोहाट शहर में एक विस्फोटक से भरी गाड़ी मस्जिद के एंट्री गेट से टकरा गई, उस समय मस्जिद के अंदर जुम्मे की नमाज चल रही थी और वह नमाजियों से खचाखच भरी हुई थी.
विस्फोट करने के बाद बंदूकधारियों ने पुलिस के इलाके के अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे हमलावरों और सुरक्षाकर्मियों के बीच फायरिंग होने लगी. धमाकों के 21 घंटे बाद भी काउंटर टेररिज्म डिविजन (CTD) कंपाउंड के अंदर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच लड़ाई जारी है. उन्होंने कंपाउंड पर कब्जा कर लिया, अपने करीब 20 साथियों को छुड़ा लिया और CTD के हथियार भी ले लिए. कहा जा रहा है कि करीब 25 उग्रवादी अभी भी अंदर मौजूद हैं और पाकिस्तानी बलों के साथ गोलीबारी कर रहे हैं.
विस्फोट के बाद सामने आई मस्जिद की तस्वीरों में इमारत को पहुंचा भारी नुकसान दिखाया गया, इसके सामने वाला हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया था और पूरी जगह मलबे से ढक गई थी. 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में से 15 की पहचान पुलिस अधिकारियों के रूप में हुई है. मस्जिद एक पुलिस हेडक्वार्टर में स्थित थी, जिसके चलते यहां पुलिसकर्मी और उनके परिवार नमाज पढ़ने आए थे. इस घातक हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की ओर से ली गई है.
तालिबान कमांडर हाफिज गुल बहादुर से जुड़े इत्तेहादुल मुजाहिदीन (मुजाहिदीन गठबंधन) ने आत्मघाती बम हमले को अंजाम देने का दावा किया है. हमले के दौरान कम से कम 7 हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस परिसर में घुसने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों के साथ गोलीबारी की. पुलिस के मुताबिक, 6 हमलावर मारे गए, जबकि एक आत्मघाती हमलावर ने पास ही स्थित एक खुफिया एजेंसी के कार्यालय पर हमला किया. आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि हमले के घंटों बाद भी गोलीबारी जारी रही.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की निंदा की और पुलिस अधिकारियों की मौत पर दुख जाहिर किया. उन्होंने अधिकारियों को बचाव अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया. बता दें कि यह हमला कोहाट शहर में हुआ, जो अफगान बॉर्डर के करीब है और बन्नू-डेरा इस्माइल खान के लिए मुख्य मार्ग के तौर पर काम करता है. इस इलाके में हाल ही में कई बड़े हमले हुए हैं. बता दें कि TTP ने पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में पुलिस और नागरिकों पर हमले तेज कर दिए हैं. यह समूह अफगानिस्तान के तालिबान से अलग है, लेकिन उसका सहयोगी है, जो साल 2021 में सत्ता में वापस आया था.