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पाकिस्तान ने तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया के साथ किया 'बद्र समझौता', मक्का पैक्ट से कितना अलग? भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

पाकिस्तान ने 3 अन्य देशों के साथ मिलकर एक और बड़ा समझौता किया है. इसका नाम 'बद्र समझौता' रखा गया है. इस समझौते के तहत सदस्य एक दूसरे के साथ डिफेंस के क्षेत्र में एक दूसरे का सहयोग करेंगे.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 21, 2026, 10:04 PM IST | Updated: Oct 22, 2026, 07:00 AM IST
Image Credit: समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए सदस्य देश
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सऊदी अरब और तुर्किये के साथ 'मक्का पैक्ट' करने के बाद पाकिस्तान ने एक और बड़ा समझौता किया है. इस समझौते में पाकिस्तान, तुर्किये के अलावा कतर और इंडोनेशिया भी शामिल हैं. इस समझौते का नाम 'बद्र समझौता' बताया जा रहा है. तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने बताया, इस समझौते का मकसद चारों देशों के बीच डिफेंस प्रोडक्शन, सैन्य ट्रेनिंग और रिसर्च और डेवेलपमेंट के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है. ये समझौता कुछ महीनों पहले हुए 'मक्का पैक्ट' से अलग है.'

बद्र समझौते पर कतर की राजधानी दोहा में हस्ताक्षर हुए हैं. इस समझौते पर पाकिस्तान की तरफ से रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दस्तखत किए हैं. इसके अलावा इंडोनेशिया के उप रक्षा मंत्री यूसुफ जौहरी, तुर्किये के रक्षा मंत्री यासर गुलेर और कतर के उप प्रधानमंत्री व रक्षा मामलों के राज्य मंत्री शेख सऊद बिन अब्दुल रहमान बिन हसन अल थानी ने हस्ताक्षर किए.

'बद्र' शब्द का अर्थ 'पूर्णिमा का चांद'

तुर्किये के समाचार आउटलेट TRT ने बताया कि यह समझौता चारों देशों के बीच आपसी विश्वास को और मजबूत करने में मदद करेगा, साथ ही वैश्विक स्तर पर तुर्किये के रक्षा उद्योग की स्थिति को भी बेहतर करेगा. TRT के अनुसार, 'बद्र' शब्द का अर्थ 'पूर्णिमा का चांद' (पूरा चांद) होता है और इसी बुनियाद पर इस समझौते का नाम रखा गया है, क्योंकि 'इस समझौते के तहत, चारों देश एक-दूसरे की क्षमताओं को पूरा करेंगे.'

मक्का पैक्ट में क्या है?

पाकिस्तान का यह समझौता 'मक्का पैक्ट' से अलग है. क्योंकि मक्का पैक्ट की शर्तें अलग हैं. मक्का पैक्ट की शर्तों में एक दूसरे की रक्षा करने की बात दर्ज है. यानी एक देश पर हमले के मतलब है कि तीनों देशों में हमला. ऐसे में बाकी के दोनों देश उसकी रक्षा के लिए कदम उठाएंगे. साथ ही 'मक्का पैक्ट' में 'बद्र समझौते' वाली शर्त मौजूद है. मक्का पैक्ट के तहत आने वाले पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब, तीनों देश डिफेंस इंडस्ट्री, हथियारों की तकनीक, संयुक्त उत्पादन और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में सहयोग करेंगे.

इसके अलावा मक्का पैक्ट के तहत एक दूसरे को खुफिया जानकारी भी शेयर करने के साथ-साथ फौजियों की ट्रेनिंग, संयुक्त सैन्य अभ्यास और एक दूसरे की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बैठाने पर भी काम किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर एक दूसरे देश को सैन्य साजो-सामान भी देने की बात शामिल है.

यह भी पढ़ें: 'एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाने देंगे', बिचौलिया बनने चले मुनीर को ईरान ने हड़काया, जंगबंदी के लिए बता दी शर्तें

क्या भारत के लिए कोई चिंता की बात है?

अगर 'बद्र समझौते' का भारत से कनेक्शन ढूंढें, तो यह किसी देश के खिलाफ नहीं है, लेकिन इस समझौते से पाकिस्तान को कई बड़े फायदे हो सकते हैं. इस समझौते के तहत पाकिस्तान की हथियार बनाने की क्षमता बढ़ सकती है. इसके अलावा सबसे अहम यह कि पाकिस्तान को तुर्किये की रक्षा तकनीक तक पहुंच मिल जाएगी. तुर्किये के ड्रोन, सैन्य इलेक्ट्राॉनिक्स समेत कई मामलों में पाकिस्तान से बहुत आगे है. ऐसे में अगर उसे तुर्किये के सभी रक्षा तकनीक तक पहुंच मिलती है, तो बड़ी बात होगी, क्योंकि तुर्किये डिफेंस क्षेत्र के कई मामलों में बहुत आगे है, लेकिन ऐसा होना मुश्किल है. क्योंकि कोई भी देश पूरी तरह से अपनी तकनीक दूसरे देश को नहीं देता है. ऐसा भी मुमकिन है कि सिर्फ कुछ ही तकनीक एक दूसरे के साथ साझा की जाए.

बद्र के देश बनाम भारत, रक्षा उद्योग की मुख्य ताकत

देशरक्षा उद्योग की ताकत
भारतलड़ाकू विमान, मिसाइल, युद्धपोत, टैंक, रडार और रक्षा तकनीक का बड़े पैमाने पर उत्पादन.
तुर्कियेड्रोन, मिसाइल, बख्तरबंद वाहन, युद्धपोत और आधुनिक सैन्य इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने में विशेषज्ञता.
पाकिस्तानलड़ाकू विमान, मिसाइल, गोला-बारूद और सैन्य उपकरणों का उत्पादन, लेकिन कई आधुनिक प्रणालियों में विदेशी सहयोग पर निर्भरता.
कतरआर्थिक क्षमता और रक्षा उपकरण खरीदने में मजबूती, लेकिन घरेलू हथियार उत्पादन सीमित.
इंडोनेशियायुद्धपोत, सैन्य वाहन और कुछ रक्षा उपकरण बनाने की क्षमता; उन्नत प्रणालियों में विदेशी साझेदारियों का सहयोग.

स्रोत: भारत का रक्षा उत्पादन विभाग, भारत सरकार; SIPRI Military Expenditure Database; संबंधित देशों की आधिकारिक रक्षा एजेंसियां और सार्वजनिक रक्षा उद्योग रिपोर्टें.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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