भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /दुनिया
  • /'एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाने देंगे', बिचौलिया बनने चले मुनीर को ईरान ने हड़काया, जंगबंदी के लिए बता दी शर्तें

'एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाने देंगे', बिचौलिया बनने चले मुनीर को ईरान ने हड़काया, जंगबंदी के लिए बता दी शर्तें

यूएस और ईरान के बीच सुलह करवाने के लिए जबरदस्ती बिचौलिया बन रहे पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है. तेहरान पहुंचे पाकिस्तान आर्मी चीफ को ईरान के नेताओं और सेनाधिकारियों के कठोर रुख का सामना करना पड़ा.

Edited ByDevinder Kumar
Published: Oct 21, 2026, 03:38 PM IST|Updated: Oct 21, 2026, 03:48 PM IST
joinshare
'एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाने देंगे', बिचौलिया बनने चले मुनीर को ईरान ने हड़काया, जंगबंदी के लिए बता दी शर्तें
Image Credit: ईरान के स्पीकर गालिबाफ से मिलते आसिम मुनीर

About the Author

    Devinder Kumar

    Devinder Kumar

    अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
    Read More

    ट्रेंडिंग

    • न्यूज़
    • फोटो
    • वीडियो
    चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

    चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

    2

    PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: गजेंद्र सिंह शेखावत और अतुल भंसाली ने कांग्रेस को घेरा

    3

    SBI-PNB-HDFC में 16 दिन नहीं होगा काम! चेक करें नवंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

    4

    एटम बम का घमंड धड़ाम: भारत की परमाणु पावर से 'जिन्नालैंड' में हड़कंप; बिलबिला उठे सियासतदान

    5

    BJP vs Congress: 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली के जवाब में बीजेपी करेगी पदयात्रा

    logo
    • contact us
    • privacy policy
    • legal
    • investor info
    • advertise with us
    © 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

    खुद को महाशक्तियों का मध्यस्थ बताने वाले पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को तेहरान की धरती से वो फटकार पड़ी है, जिसकी गूंज इस्लामाबाद से लेकर वाशिंगटन तक सुनाई दे रही है. अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की आड़ में कूटनीतिक चाल चलने पहुंचे मुनीर की ईरान में घनघोर बेइज्जती हुई. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के जनरलों ने मुनीर को मिलने का वक्त तक नहीं दिया और साफ कह दिया कि अमेरिका के पिट्ठुओं के लिए तेहरान में कोई जगह नहीं है. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि एक ग्राम एनरिच्ड यूरेनियम भी ईरान से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा.

    आसिम मुनीर को ईरान ने दिया जोरदार झटका!

    तस्वीरें तेहरान की हैं, जहां पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर कतर के साथ मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने का ठेका लेकर पहुंचे थे. मुनीर को लगा था कि वो ईरान को डराकर या समझाकर वाशिंगटन की गुड बुक्स में आ जाएंगे. लेकिन तेहरान पहुंचते ही मुनीर का पाला ईरान के उस सख्त मिजाज से पड़ा, जिसकी उम्मीद इस्लामाबाद ने सपने में भी नहीं की थी..

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुनीर के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उनसे मुलाकात करने का वक्त नहीं दिया.

    'अपना एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाने देंगे'

    ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने तो आसिम मुनीर से मिलने तक से भी इनकार कर दिया. उन्होंने साफ कह दिया कि पाकिस्तान इस शांति वार्ता में निष्पक्ष नहीं है, बल्कि वो अमेरिका के एजेंट के तौर पर काम कर रहा है. मोहसिन रेजाई ने पाकिस्तान के साथ अमेरिका के लिए भी मैसेज क्लियर कर दिया कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का एक ग्राम भी देश से बाहर नहीं भेजेगा.

    वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ''अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दा महज एक बहाना है, जबकि वाशिंगटन का असली विरोध ईरान की इस्लामी व्यवस्था, उसकी विचारधारा और अमेरिकी प्रभुत्व को स्वीकार न करने के दृष्टिकोण से है. ऐसे हालात में ईरान किसी भी परिस्थिति में अमेरिकी शक्ति के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा.'

    पेजेश्कियान और गालिबाफ ने भी दिखाया कठोर रुख

    सूत्रों के मुताबिक मुनीर की ईरान यात्रा रविवार शाम तक लगभग टल गई थी, लेकिन सोमवार दोपहर इसे अचानक अंतिम रूप दे दिया गया और मुनीर सीधे तेहरान पहुंच गए. लेकिन ईरान बहुत अच्छी तरह जानता है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अमेरिकी डॉलर और IMF के कर्ज पर टिकी है. ऐसे में आसिम मुनीर अगर मध्यस्थ बनकर आ रहे हैं, तो वो कूटनीतिक रूप से न्यूट्रल नहीं हो सकते.इसीलिए आईआरजीसी ने मुनीर को सीधे तौर पर नो कह दिया.

    ये भी पढ़ें- दुश्मन के हमलों से बचने के लिए नई तकनीक जरूरी: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने बच्चों और शिक्षा पर दिया जोर

    बेइज्जती का सिलसिला यहीं नहीं रुका.जब आसिम मुनीर ने किसी तरह औपचारिक प्रोटोकॉल के तहत ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ से मुलाकात की, तो वहां भी उन्हें कड़े रुख का सामना करना पड़ा. दोनों नेताओं ने एक बार फिर अमेरिका के लिए अपनी 7 मुख्य शर्तों को याद दिला दिया.

    'जब तक यूएस नहीं झुकेगा, तब तक...'

    इन शर्तों के मुताबिक, अमेरिका तेल निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध हटाए. ईरान के बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी खत्म हो, सभी मोर्चों पर अमेरिका लड़ाई रोके और ईरान को युद्ध हर्जाने का भुगतान किया जाए. इसके साथ ही, विदेशों में फ्रीज ईरान के फंड को जारी किया जाए. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार और नियंत्रण को मान्यता दी जाए और किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई न करने की अमेरिका गांरटी दे.

    ये भी पढ़ें- शहबाज-मुनीर को लगेगा 'पुर्तगाली शॉक', अफसरों ने कर ली फरारी की तैयारी! पूर्व भारतीय अफसर बोला- कुछ बहुत गलत हो रहा है

    ईरान ने मुनीर को क्लियर कर दिया कि जब तक इन शर्तों को अमेरिका पूरा नहीं करता तब तक ईरान किसी भी कीमत पर समझौते या किसी बातचीत को तैयार नहीं है. पाकिस्तान जो अमेरिका की शर्तों का पुलिंदा लेकर गया था, उसे ईरान ने रद्दी की टोकरी में फेंक दिया. साफ है कि ईरान ने अमेरिका के साथ साथ पाकिस्तान को भी उसकी सही जगह दिखा दी. तेहरान के इस कड़े रुख ने ये भी साबित कर दिया कि आत्मसम्मान और कूटनीति में भीख और चाटुकारिता की कोई जगह नहीं होती.

    पाकिस्तान के गले की फांस बन गई ये बात

    जनरल आसिम मुनीर कतर के भरोसे जिस खेल को खेलने तेहरान गए थे, वहां मात खाकर वापस लौट रहे हैं. ईरान की इस 'नो एंट्री' कूटनीतिक नीति ने पाकिस्तान के उस गुब्बारे की हवा निकाल दी, जिसमें वो खुद को इस्लामिक दुनिया का लीडर समझता था. अमेरिका को खुश करने की पाकिस्तान की ये कोशिश खुद उसी के गले की फांस बन गई है.

    पाकिस्तान के लिए ईरान का 'नो' इसलिए भी रहा क्योंकि अमेरिका के साथ ही पाकिस्तान चीन का सगा भी बनता है और ईरान को भी साधने की कोशिशों में जुटा है. पाकिस्तान की धोखा देने की इस फितरत को ईरान पूरी तरह से समझ गया है. यही वजह है कि अब मीडिएटर मुनीर की ईरान में न सिर्फ इंटरनेशनल बेइज्जती हुई बल्कि कूटनीतिक रूप से भी पाकिस्तान का ये शो पूरी तरह से फ्लॉप हो गया.

    (ब्यूरो रिपोर्ट, ज़ी मीडिया)

    Add Zee News as a Preferred Source
    TAGS:
    Pakistan News