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पाकिस्तान का 'इमरजेंसी कार्ड'! PTI के इस्लामाबाद कूच से पहले शहबाज-मुनीर का KP पर बड़ा फैसला?

पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी और सरकार के बीच तनातनी अब नए मोड़ पर पहुंच गई है. PTI के प्रस्तावित मार्च से पहले खैबर पख्तूनख्वा को लेकर केंद्र की सख्ती बढ़ी है। ऐसे में प्रांत की सियासत और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर सबकी नजर है.

पाकिस्तान का 'इमरजेंसी कार्ड'! PTI के इस्लामाबाद कूच से पहले शहबाज-मुनीर का KP पर बड़ा फैसला?
Image Credit: (इस्लामाबाद कूच फाइल फोटो: Reuters)

पाकिस्तान में सेना के सुप्रीम कमांडर आसिम मुनीर के डायरेक्शन पर शहबाज शरीफ की बैसाखियों वाली गठबंधन सरकार बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा (KP) में इमरजेंसी लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. दावा किया जा रहा है कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद में प्रस्तावित विरोध मार्च यानी 'इस्लामाबाद कूच' के मद्देनजर यह कदम उठा सकती है. पाकिस्तानी अखबार डॉन की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक सत्तारूढ़ गठबंधन ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अगर KP की पीटीआई सरकार इस्लामाबाद में प्रस्तावित मार्च को रद्द नहीं किया तो उसके खिलाफ गवर्नर रूल या इमरजेंसी लगाने का रास्ता अपनाया जा सकता है. 

आपको बताते चलें कि यह मार्च PTI के संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है. इस मुद्दे ने केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है.

सरकार गिराने की धमकी

बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति के नाम पर ये फैसला लेने को लगभग तैयार दिख रही शहबाज शरीफ की सरकार में संघीय संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने संसद भवन में कहा, ' KP में आतंकवाद पर काबू पाने में PTI की सरकार नाकाम रही है. ऐसा लगता है उनकी आतंकवाद खत्म कराने में कोई दिलचस्पी नहीं है, इसलिए संविधान के अनुच्छेद 232 के तहत इमरजेंसी लगाने पर चर्चा हो रही है. 

डॉन के मुताबिक, फजल चौधरी को भरोसा है कि केपी की सरकार गिराने के फैसले का समर्थन सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) की प्रमुख सहयोगी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) भी करेगी.

इस घटनाक्रम पर PPP के महासचिव नय्यर हुसैन बुखारी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार KP में गवर्नर रूल लगाने को लेकर उनकी पार्टी से सलाह लेती है तो PPP संविधान और कानून के मुताबिक अपनी राय देगी.

केपी से छिड़ेगा गृह युद्ध!

बुखारी ने प्रांत की कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राजनीति की आड़ में राज्य पर हमला करना पूरी तरह अस्वीकार्य है.

उन्होंने कहा कि सरकार को कानून का शासन सुनिश्चित करने के साथ शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए. बुखारी ने यह भी कहा कि PPP राजनीतिक संवाद में विश्वास रखती है और देश की बड़ी चुनौतियों का समाधान सार्थक राजनीतिक बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है.

इमरान खान के उलटफेर की टाइम लाइन

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का करीब पौने चार साल (अगस्त 2018 से अप्रैल 2022) का कार्यकाल नाटकीय उतार-चढ़ाव से भरा रहा.

2018: इमरान खान की पार्टी PTI सबसे बड़ी पार्टी बनी. 18 अगस्त 2018 को इमरान खान ने PAK के 22वें PM बनें.

2020: कोविड के दौरान पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बिगड़ने से महंगाई चरम पर पहुंची तो पहली बार विवाद में आए.

2021: आईएसआई चफी की नियुक्ति को लेकर इमरान खान और तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष जनरल बाजवा के बीच गहरे मतभेद हुए. सैन्य नेतृत्व ने उनके पतन की स्क्रिप्ट लिख दी.

2022: देश में बेलगाम महंगाई और आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए विपक्षी गठबंधन ने संसद में 8 मार्च को इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश हुआ.

2022: डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव खारिज किया तो इमरान की सलाह पर राष्ट्रपति ने 3 अप्रैल को संसद भंग कर दी.

7 अप्रैल 2022: SC डिप्टी स्पीकर के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए संसद बहाल कर दोबारा वोटिंग का आदेश दिया.

10 अप्रैल 2022: इमरान खान की सत्ता का अंत उस वक्त हो गया तब मिडनाइट वोटिंग में अविश्वास प्रस्ताव सफल रहा. इस तरह इमरान खान पाकिस्तान के इतिहास में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए जाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने और उनकी 3 साल 7 महीने की सरकार गिर गई. इसी दौरान उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तब से वो जेल में बंद हैं.

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About the Author

Shwetank Ratnamber

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श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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