पाकिस्तानी फौज ने गुरुवार सुबह करीब तीन बजे अफगानिस्तान के तीन शहरों पर एयरस्ट्राइक की. इनमें कंधार, पाकटिका और खोस्त शामिल हैं. कंधार में नौवें जिले में एक रेगिस्तानी इलाके को निशाना बनाया गया, जहां तालिबान के सर्वोच्च नेता रहते हैं. इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने टोलोन्यूज को बताया कि पाकिस्तानी सैन्य हमले में कोई हताहत या किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है. हालांकि, विस्फोट की आवाज तेज थी और पूरे कंधार शहर में सुनी जा सकती थी. सुरक्षा अधिकारियों ने निवासियों को भरोसा दिलाया कि चिंता करने की कोई बात नहीं है.
एएफपी के मुताबिक, कंधार शहर में रहने वालों ने एक जेट की आवाज सुनी, फिर जोरदार धमाका हुआ और शहर के बीचों-बीच आग लगी देखी. अफगानिस्तान की सेना और सरकारी अधिकारियों ने इस हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की. यह हमला सीमावर्ती इलाके में पाकिस्तान की घातक बमबारी के कुछ दिनों बाद हुआ है.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी अफगानिस्तान में हुए हमलों में कम से कम तीन आम नागरिक मारे गए, जबकि पाकिस्तान का दावा है कि इसमें 28 चरमपंथी मारे गए. हालांकि, सीमावर्ती इलाके में ऐसे कई हमले हुए हैं, लेकिन अफगान शहरों पर हमले कम ही होते हैं.
फरवरी के आखिर में जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लड़ाई हुई थी, तब कंधार और राजधानी काबुल दोनों पर हमले हुए थे. अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) के अनुसार, हफ्तों तक चली हिंसा में सैकड़ों अफगान नागरिक मारे गए थे.
हालांकि, मार्च में युद्धविराम पर सहमति बनी थी, लेकिन कई देशों की मध्यस्थता के बावजूद इन पड़ोसी देशों के बीच कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है.
सुरक्षा से जुड़े मुद्दे एक बड़ी बाधा साबित हुए हैं, खासकर पाकिस्तान की यह मांग कि अफगानिस्तान 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) चरमपंथी समूह पर लगाम लगाए. इस्लामाबाद तालिबान सरकार पर उन चरमपंथियों को पनाह देने का आरोप लगाता है, जो हमलों में तेजी के लिए जिम्मेदार हैं, खासकर TTP, जिसने सालों से पाकिस्तान के खिलाफ हिंसक अभियान चला रखा है.
अफगान अधिकारी इस आरोप से इनकार करते हैं और पलटवार करते हुए कहते हैं कि पाकिस्तान खुद ऐसे समूहों को पनाह देता है और उसकी संप्रभुता का सम्मान नहीं करता.
इस हफ्ते सीमावर्ती इलाके में पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले, उत्तरी पाकिस्तान में शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय पर हुए उस हमले के बाद हुए जिसमें कम से कम 31 लोग मारे गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी TTP से जुड़े एक समूह ने ली थी.