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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में Nvidia और उसके सीईओ जेन्सन हुआंग एक बेहद बड़ा नाम हैं. उनकी कंपनी के बनाए एडवांस्ड चिप्स पूरी दुनिया के AI सिस्टम को शक्ति दे रहे हैं. इसी वजह से वे अमेरिका और चीन के बीच चल रहे टेक्नोलॉजी युद्ध के केंद्र में भी आ चुके हैं. हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने इस पूरे मामले में हलचल मचा दी है. दावों के मुताबिक, जेन्सन हुआंग अनजाने में एक ऐसी महिला के साथ रोमांटिक रिश्ते में आ गए, जिसे चीन ने उन पर निगरानी रखने और जासूसी करने के लिए भेजा था. अमेरिका की खुफिया एजेंसियों के पास इससे जुड़े कुछ सबूत होने की बात कही जा रही है.
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' (NYT) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष नीति निर्माताओं को एक खुफिया मेमो भेजा गया था. इसमें बताया गया था कि सिंगापुर की कंपनी 'मेगास्पीड' में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर तैनात एलिस हुआंग (Alice Huang) नाम की महिला असल में चीन की खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रही थी.
चीनी एजेंसी का मुख्य मकसद Nvidia के एडवांस्ड चिप्स से जुड़ी अंदरूनी जानकारियां हासिल करना और संभवतः जेन्सन हुआंग को इस बात के लिए प्रभावित करना था कि वे अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित चिप्स किसी तरह चीन को उपलब्ध करा सकें. अमेरिकी संसद की तीन प्रमुख कमेटियों के नेताओं ने इस मामले में जेन्सन हुआंग से बंद कमरे में बात करने की मांग की है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलिस को चीन की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी 'मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी' (MSS) ने इस मिशन पर लगाया था. वर्ष 1983 में बनी यह संस्था अंदरूनी राजनीतिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जासूसी, दोनों संभालती है. अमेरिका की CIA की तर्ज पर काम करने वाली इस एजेंसी पर पहले भी कई बड़े जासूसी मामलों के आरोप लग चुके हैं. कहा जाता है कि इस एजेंसी के पास लाखों एजेंट्स का नेटवर्क है और यह अपने टारगेट चुनने के लिए AI का भी इस्तेमाल करती है.
मामले में सिंगापुर की कंपनी मेगास्पीड की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है. व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार, जून 2024 से फरवरी 2026 के बीच मेगास्पीड की मलेशियाई कंपनी ने करीब 4.8 अरब डॉलर के AI उपकरण और Nvidia चिप्स खरीदे. यह कंपनी दक्षिण-पूर्व एशिया में डेटा सेंटर बनाकर चीन की दिग्गज कंपनी अलीबाबा (Alibaba) को कंप्यूटिंग पावर किराए पर दे रही थी. आशंका जताई जा रही है कि इसी रास्ते के ज़रिए चीनी कंपनियों तक Nvidia के वे एडवांस्ड चिप्स पहुँचाए जा रहे थे, जिन पर अमेरिकी सरकार ने सीधे बिक्री का प्रतिबंध लगा रखा है.
इन गंभीर दावों के बीच Nvidia के प्रवक्ता जॉन रिजो ने कहा है कि जेन्सन हुआंग की एलिस हुआंग से मुलाकात पूरी तरह से पेशेवर और सामान्य व्यावसायिक बातचीत का हिस्सा थी. कंपनी का कहना है कि वे ग्राहकों के साथ कोई भी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करते. वहीं दूसरी ओर, चीन के दूतावास ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. फिलहाल, एलिस हुआंग, अमेरिकी व्हाइट हाउस या CIA की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.