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US Mid-Term Election: अर्ली वोटिंग में दिखा जबरदस्त उत्साह, अब तक 4.3 करोड़ ने किया मतदान; टूट सकते हैं पुराने रिकॉर्ड्स

अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव के लिए अर्ली वोटिंग जारी है. इस चुनाव को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा इलेक्शन लैब के आंकड़ों के अनुसार, 4.3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अभी तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है.

Written By abhinav tripathi
Published: Oct 30, 2026, 03:01 PM IST | Updated: Oct 30, 2026, 03:08 PM IST
Image Credit: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए जारी है वोटिंग. (फोटो- एआई)
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US Midterm Elections 2026: अमेरिका में आगामी 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं. मध्यावधि चुनाव के लिए होने वाली वोटिंग में एक हफ्ते से भी कम का वक्त बचा है. अमेरिका की राजनीति और संसद के लिहाज से मध्यावधि चुनाव का अहम महत्व होता है. इस चुनावी नतीजों से ही तय होता है, आगे 2 साल पर कांग्रेस (अमेरिकी संसद) पर किस पार्टी का कब्जा रहने वाला है.  

मध्यावधि चुनाव को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. इस चुनाव के लिए अर्ली वोटिंग शुरू हो गई है और अभी तक करीब 4 करोड़ 30 लाख से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है. इस चुनाव को लेकर समय से पहले मतदान (Early Voting) के आंकड़े यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा इलेक्शन लैब ने जारी किए हैं. इसमें पता चलता है कि हर दिन 40 से 50 लाख लोग समय से पहले मतदान कर रहे हैं. आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि यह दर पिछले ज्यादातर चुनाव के मुकाबले काफी अधिक है. 

लोग कर रहे अपने मताधिकार का इस्तेमाल

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार जिस हिसाब से लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पुराने वोटिंग के रिकॉर्ड्स टूट सकते हैं. कुल मतदान के मामले में यह चुनाव साल 2020 के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ सकता है. यही नहीं साल 2018 का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है. बता दें कि साल 2018 में हुए मध्यावधि चुनाव के दौरान साल 1914 का रिकॉर्ड भी टूट गया था.  

इलेक्शन डेटाबेस को चलाने वाले प्रोफेसर माइक मैकडोनाल्ड का कहना है कि सबसे अधिक मतदान टेक्सास राज्य में देखने को मिल रही है. यहां साल 2022 के मुकाबले 17.5 लाख ज्यादा वोट पड़े हैं.यहां अभी तक 58 लाख से अधिक लोग मतदान कर चुके हैं. बता दें कि इस मध्यावधि चुनाव को लेकर टेक्सास काफी पहले अहम चुनावी राज्य बन चुका था. माना जा रहा है कि इस चुनाव के दौरान टेक्सास ही राज्य बनेगा, जो आने वाले समय में तय करेगा कि ट्रंप के बाकी बचे कार्यकाल में सीनेट पर किसका नियंत्रण रहेगा.

टेक्सास की वोटिंग अहम क्यों?

गौर करने वाली बात है कि टेक्सास में लोगों को अपनी पार्टी या नस्ल बताने की जरूरत नहीं होती है. बावजूद इसके मेक्सिको सीमा से लगे इलाकों में भारी मतदान हो रहा है. इन क्षेत्रों में 90 फीसदी से अधिक आबादी हिस्पैनिक समुदाय से आती है. माना जा रहा कि जिस गति से अर्ली वोटिंग चल रही है, उससे साल 2022 का कुल रिकॉर्ड टूट जाएगा.

क्या कहते हैं आंकड़े?

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के जिन राज्यों में वोटरों को अपनी राजनीतिक पार्टी बतानी होती है, वहां के आंकड़े भी काफी दिलचस्प होते हैं. इन राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी के वोटरों की संख्या भी बढ़ी है. इसके इतर, रिपब्लिकन पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 2022 के समान ही है.  

कोविड महामारी के बाद बदला माहौल

गौरतलब है कि कोविड महामारी के बाद अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में अर्ली वोटिंग का चलन तेजी से बढ़ा है. कोरोना काल के दौरान अमेरिका के काई राज्यों में डाक (मेल) और व्यक्तिगत रूप से मतदान की सुविधा दी गई थी.  इस कारण 2020 के चुनाव में दो तिहाई वोट अर्ली वोटिंग से पड़े थे. इनमें आधे वोट डाक से भेजे गए थे. मैकडोनाल्ड का कहना है कि अब वोटर सीधे पोलिंग बूथ पर जाकर वोट डालना पसंद कर रहे हैं. वहीं, ये वोटर पहले के चुनाव के मुकाबले जल्दी वोट डाल रहे हैं.  

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About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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