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AI, थर्मल विजन और 600 KM की रफ्तार... अमेरिका से जंग के बीच ईरान ने रूस से मांगे Geran-5 ड्रोन; ट्रंप की बढ़ेगी टेंशन!

इसी साल फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध के दौरान तेहरान ने रूस से आधुनिक गेरान-5 ड्रोन मांगे थे. ये ड्रोन काफी एडवांस है और इसमें 90 किलोग्राम तक का वारहेड लगाया जा सकता है. हाल में ही आई एक रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है.

AI, थर्मल विजन और 600 KM की रफ्तार... अमेरिका से जंग के बीच ईरान ने रूस से मांगे Geran-5 ड्रोन; ट्रंप की बढ़ेगी टेंशन!
Image Credit: ईरान ने मांगा था रूस से घातक ड्रोन (फोटो- आईएएनएस)

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है. पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच हमले देखने को मिले, जिसका सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा. अमेरिका ने तेहरान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, तो ईरान को ओर से अलग-अलग देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी गई थीं. इनमें जॉर्डन, कतर और कुवैत जैसे देश शामिल थे. इस बीच हाल में ही सामने आई एक रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा हुआ है.

दरअसल, फरवरी में शुरू हुए अमेरिका और ईरान युद्ध के दौरान तेहरान ने रूस से अपनी नई पीढ़ी के 'गेरान' (Geran) ड्रोन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था. फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है. इस रिपोर्ट में पश्चिमी सुरक्षा अधिकारियों और क्रेमलिन के करीबी के एक सूत्र का हवाला दिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान की ओर से ये डिमांड रूस के 'गेरान' ड्रोन सीरीज में बड़े सुधारों के बाद किया था. माना जा रहा है कि इस नई रिपोर्ट के सामने आने से अमेरिका की टेंशन बढ़ सकती है.

ईरान ने रूस से मांगे नए Geran ड्रोन

जानकारी दें कि रूस ने Geran ड्रोन को ईरान के डिजाइन किए गए शाहेद ड्रोन के आधार पर विकसित किया था. रूस ने साल 2023 में गेरान ड्रोन को बनाया था और इनका उत्पादन शुरू हो सका था. अब गेरान ड्रोन में काफी बदलाव हो चुका है. बताया जाता है कि गेरान ड्रोन में  Geran-4 और Geran-5 प्रमुख मॉडल हैं. बता दें कि ये दोनों मॉडल प्रोपेलर से नहीं चलते हैं, बल्कि इनमें जेट इंजन का इस्तेमाल किया गया है.

सबसे खास बात है कि नए गेरान ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध के दौरान किया गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, ये पुराने ड्रोन की तुलना में अधिक खतरा पैदा करने की क्षमता रखते हैं. सबसे बड़ी बात है कि दुश्मन की रक्षा प्रणालियां इन्हें नहीं पकड़ पाती हैं.

ईरान ने की थी ड्रोन की मांग

क्या है गेरान-5 ड्रोन की खासियत?

  • येरुशेलम पोस्ट की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पहली पीढ़ी के गेरान ड्रोन केवल 20 KG का वारहेड ले जा सकते थे. वहीं, इनकी अधिकतम रफ्तार 185 किमी प्रति घंटा तक हुआ करती थी. 
  • इससे इतर नए गेरान-5 की क्षमता काफी अधिक है और इसमें 90 किलोग्राम का वारहेड ले जाने की क्षमता है. इतना ही नहीं इस ड्रोन की अधिकतम रफ्तार भी करीब 600 किलोमीटर प्रति घंटा है.
  • रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि गेरान-5 ड्रोन दिखने में पारंपरिक शाहेद ड्रोन से काफी अलग हैं. इसका डिजाइन क्रूज मिसाइल के जैसा दिखता है.
  • हालांकि, गेरान-4 में भी पुराने मॉडल के मुकाबले काफी बदलाव किए गए हैं. गेरान-4 का डिजाइन ज्यादा एयरोडायनेमिक बनाया गया है. वहीं, दोनों नए मॉडल की रेंज भी काफी बदलाव किया गया, जिससे वह बढ़ी.

थर्मल विजन और एआई का इस्तेमाल

रूस की ओर से विकसित किए गए गेरान-4 और गेरान-5 ड्रोन में कई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. एआई आधारिक टारगेटिंग सिस्टम और थर्मल विजन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भी किया गया है. रूस ने इन दोनों मॉडल में एंटी-जैमिंग एंटीना तकनीक का भी इस्तेमाल किया है. इसके साथ ही चीन के Mesh Radio Network Modem का इस्तेमाल करते हुए इन्हें और आधुनिक बनाने का प्रयास किया गया है.

Sukhoi-25 लड़ाकू विमानों से किया जा सकता है लॉन्च

इस रिपोर्ट में प्रो-क्रेमलिन मीडिया के हवाले से बताया गया कि गेरान-5 को रूस के सुखोई-25 लड़ाकू विमानों से लॉन्च किया जा सकता है. ईरान ने साल 2025 में रूस से ये विमान खरीदे थे. इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि इसी साल मार्च के महीने में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाया था कि वह ईरान को शाहेद ड्रोन दे रहा है. जेलेंस्की ने कहा था कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले के लिए रूस में बने शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल किया है. 

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About the Author

abhinav tripathi

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अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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