7 किलो का 'कमांडो'! हेलमेट, चश्मा और कैमरा पहनकर सेना में कर रहा ड्यूटी, जानिए इस नन्हे जवान की कहानी
मेक्सिको की नेशनल गार्ड में शामिल 7 किलो के नन्हे चिहुआहुआ कमांडो की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. हेलमेट, चश्मा और कैमरे के साथ साजो-सामान से लैस इस अनोखे फौजी का लुक हर किसी को पसंद आ रहा है.
जब भी सेना की बात आती है, तो जहन में छाती ताने खड़े किसी लंबे-चौड़े जवान की तस्वीर सामने आ जाती है. लेकिन सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है, जिसने हर किसी को हैरान तो किया है लेकिन चेहरे पर भी एक प्यारी सी मुस्कान भी ला दी है. सेना के साजो-सामान से लैस, आंखों पर चश्मा, सिर पर हेलमेट और शरीर पर भारी-भरकम कैमरे के साथ एक नया 'कमांडो' नजर आ रहा है, जो मात्र 7 किलो का है! आखिर कौन है यह नन्हा जांबाज और क्या है इसकी पूरी वायरल कहानी? आइए जानते हैं...
मेक्सिको की नेशनल गार्ड में इन दिनों एक ऐसा मेंबर चर्चा में है, जिसे देखकर शायद ही किसी को यकीन हो कि यह किसी सुरक्षा बल का हिस्सा है. यह कोई जर्मन शेफर्ड या लैब्राडोर नहीं, बल्कि सिर्फ 7 किलो वजन वाला चिहुआहुआ है. इसका नाम कमांडो है. छोटे से कद वाले कमांडो को इन दिनों खास ट्रेनिंग दी जा रही है और वह नेशनल गार्ड के प्रोग्राम में भी नजर आता है.
कमांडो की उम्र 13 महीने है और उसकी लंबाई लगभग 21 सेंटीमीटर है. ट्रेनिंग के दौरान उसे छोटे आकार का सुरक्षा जैकेट, हेलमेट, चश्मा और सिर पर लगाने वाला कैमरा पहनाया जाता है. अपनी छोटी कद काठी के बावजूद कमांडो ट्रेनिंग में सीढियां चढ़ने और कई तरह की बाधाओं को पार करने की कोशिश करता दिखाई देता है.
सिर्फ लोगों के एंटरटेनमेंट के लिए नहीं है कमांडो
कमांडो को नेशनल गार्ड में सिर्फ लोगों का ध्यान खींचने वाले के रूप में नहीं रखा गया है. अधिकारियों के अनुसार उसे खोज और बचाव से जुडे कामों के लिए भी तैयार किया जा रहा है. मेक्सिको सिटी में हुई एक ट्रेनिंग के दौरान कमांडो सीढियों और अलग अलग स्टेप्स को पार करता नजर आया. उसके साथ एक बडा और पहले से ट्रेनिंग लिया कुत्ता भी मौजूद थ. आम तौर पर सुरक्षा बलों में जर्मन शेफर्ड और लैब्राडोर जैसी नस्लों के कुत्तों को देखा जाता है. ऐसे में कमांडो की मौजूदगी अपने आप में काफी अलग है.
बुजुर्ग मालिकों ने नहीं रख पाया तो गार्ड ने अपनाया
कमांडो लगभग 6 महीने पहले नेशनल गार्ड का हिस्सा बना था. उसे उत्तरी मेक्सिको के चिहुआहुआ राज्य से लिया गया था. इसी राज्य के नाम पर इस नस्ल का नाम भी चिहुआहुआ रखा गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कमांडो के बुजुर्ग मालिक उसकी देखभाल करने की स्थिति में नहीं थे. इसके बाद नेशनल गार्ड ने उसे अपने साथ रख लिया. अब वह सुरक्षा बल के कई कार्यक्रमों का हिस्सा बनता है.
कमांडो स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों, पब्लिक प्रोग्राम और लोगों से जुड़े दूसरे कार्यक्रमों में भी दिखाई देता है. मेक्सिको के स्वतंत्रता दिवस की परेड में भी उसकी मौजूदगी रही है. उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है. यहां तक कि कमांडो का कार्टून रूप भी बनाया गया है और उसके नाम से कई मीम भी सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहे हैं.
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नेशनल गार्ड के लिए क्यों खास है कमांडो?
मेक्सिको की नेशनल गार्ड में लगभग 350 कुत्ते हैं. इनमें ज्यादातर ऐसे कुत्ते हैं जिन्हें सुरक्षा और दूसरे कामों के लिए लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है. चिहुआहुआ आम तौर पर अपने छोटे कद, बडे कान और तेज स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. इन्हें सुरक्षा बलों में काम करने वाले कुत्तों के तौर पर बहुत कम देखा जाता है.
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