India-US Relation: अमेरिका और भारत के बीच रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर तनाव बना हुआ है. अमेरिका ने इसके लिए अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है. अब इस तनातनी के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इसी महीने भारत की यात्रा पर हैं. इस दौरान वह मुंबई और जामनगर जाएंगे. रुबियो भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और ऊर्जा सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे.
मार्को रुबियो 17-22 अक्टूबर 2026 के बीच भारत और उज्बेकिस्तान का दौरा करने वाले हैं. अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से मंगलवार ( 13 अक्टूबर 2026) को जारी किए गए एक बयान के मुताबिक,रुबियो पहले उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे और उसके बाद भारत में मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे. रुबियो की इस साल यह दूसरी भारत यात्रा होगी.
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि भारत दौरे के दौरान रुबियो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मिलकर अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर विचारों का आदान-प्रदान करने और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री दोनों देशों के बीच कमर्शियल इन्वेस्टमेंट और आर्थिक सहयोग के मौकों को बढ़ावा देने के लिए बिजनेस लीडर्स से भी मुलाकात करेंगे.
बता दें कि मार्को रुबियो भारत आने से पहले उज्बेकिस्तान में C5+1 मिनिस्ट्रियल बैठक में हिस्सा लेंगे. वहां वे इस बात पर जोर देंगे कि कैसे डिप्लोमैटिक प्लेटफॉर्म के जरिए रणनीतिक सहयोग अमेरिका और सेंट्रल एशियाई देशों के लिए ज्यादा शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य को बढ़ावा देता है. उज्बेकिस्तान की इस यात्रा में रुबियो के साथ 200 से ज्यादा बिजनेस लीडर्स वाला एक अमेरिकी कमर्शियल डेलिगेशन भी शामिल होगा.
रुबियो की भारत यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब सोमवार ( 12 अक्टूबर 2026) को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच डिफेंस, इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी और हेल्थ सर्विस में बढ़ते सहयोग पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में बातचीत हुई थी. अमेरिकी राजदूत ने रक्षा सहयोग पर जोर देते हुए भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच हालिया सैन्य अभ्यासों और भारत में गतिविधियों में अमेरिकी डिफेंस प्लेटफॉर्म्स का जिक्र किया. उन्होंने कहा,'अगर रक्षा क्षेत्र की बात करें, तो सिर्फ पिछले 2 हफ्तों में हमने तरंग शक्ति अभ्यास किया है, जिसमें 500 से ज्यादा सैनिक शामिल थे. हमने पहली बार राजस्थान में F-35 विमानों को भी तैनात किया था.'