पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को दर्दनाक मामला सामने आया है. स्कूल की छत गिरने से 32 छात्रों और एक महिला टीचर समेत 33 लोगों की मौत हो गई. स्थानीय अस्पताल के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है. अस्पताल के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि इस घटना में घायल हुए एक दर्जन से अधिक लोगों के साथ-साथ, छात्रों और शिक्षक को मृत अवस्था में लेडी रीडिंग अस्पताल लाया गया. द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्राइवेट स्कूल पेशावर की दिर कॉलोनी में था. पेशेवर के डीसी अफाक वजीर ने 'डॉन' को बताया कि 'अल खैर स्कूल' की छत गिर गई, जिससे छात्र मलबे के नीचे दब गए. बयान के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब छात्र कक्षाओं में मौजूद थे.
मरने वाले बच्चों की उम्र 7-16 साल के बीच बताई जा रही है. इससे पहले 'रेस्क्यू 1122' के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने स्टूडेंट्स और टीचर सहित 20 से ज्यादा लोगों को अस्पतालों तक पहुंचाया है. मौका-ए-वारदात पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. पाकिस्तान में छत और इमारतों का गिरना एक आम बात है, जिसका मुख्य कारण सुरक्षा मानकों की कमी और निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होना है. जुलाई में, उमरकोट के पास एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की बाहरी दीवार का एक हिस्सा गिरने और उसका मलबा बच्चों पर आ गिरने से 3 से 13 साल की 3 लड़कियों की मौत हो गई थी. उसी महीने, लाहौर के बागबानपुरा इलाके में एक निर्माणाधीन प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई और कम से कम 5 अन्य लोग घायल हो गए थे.
The tragic loss of innocent children in the school roof collapse in Peshawar’s Dir Colony is deeply heartbreaking. I have instructed the Education Advisor to submit a detailed report on the incident and directed the relevant authorities to ensure that the injured children receive the best possible medical care. I have also directed a province-wide structural safety audit of all educational institutions to identify potential risks and ensure that immediate corrective measures are taken wherever necessary. We cannot allow the safety of our children to be compromised. My heartfelt condolences are with the bereaved families, and I pray for the swift recovery of the injured children.
— Faisal Karim Kundi (@fkkundi) October 15, 2026
जून में, लाहौर के काहना इलाके में एक प्राइवेट ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी. यह घटना उस हादसे के दो महीने से भी कम समय बाद हुई थी, जब डेरा गाजी खान के एक प्राइवेट स्कूल में क्लासरूम की छत गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हो गए थे.
डेरा गाजी खान की घटना की जांच से पता चला था कि ट्यूशन सेंटर की इमारत को बढ़ाने का काम चल रहा था, तभी क्लासरूम की छत गिर गई. पिछले हफ्ते, पाकपट्टन में भारी बारिश और आंधी के दौरान एक घर की छत गिरने से दो लोग मारे गए थे.
वहीं, जून में पाकिस्तान के गुजरात के लालामूसा के खवासपुर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई थी और तीन अन्य लोग घायल हो गए थे. उसी महीने, लाहौर के निश्तार इलाके में एक घर की छत गिरने से दो लोग चोटिल हो गए थे. अगस्त में, इस्लामाबाद के शहजाद टाउन में तीन दिनों की भारी बारिश के बाद एक घर की छत गिर गई, जिसमें एक दंपति की मौत हो गई और उनकी बेटियां घायल हो गईं थीं.