होर्मुज के पास हमला: ऑयल टैंकर पर ड्रोन अटैक, सवार थे 9 भारतीय क्रू मेंबर; कैसी है हालत?
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है. ताजा हमले में होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक एक और ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया है. इसमें कई भारतीय नागरिकों के होने की खबर आई है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नजदीक गुजर रहे एक ऑयल टैंकर पर भीषण ड्रोन अटैक हुआ है. तेल से लबालब भरे इस टैंकर के 19 सदस्यीय चालक दल में 9 भारतीय क्रू मेंबर भी मौजूद हैं. अब उनकी हालत को लेकर चिंता जताई जा रही है. शुरुआती खबरों के मुताबिक इस ऑयल टैंकर की बिजली और मेन इंजन अभी चालू हैं और यह जहाज फिलहाल खोर फक्कन में सुरक्षित रूप से खड़ा है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि हमले में सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं.
13 जहाजों में 145 भारतीय नाविक मौजूद
रिपोर्ट में कहा गया है कि फारस की खाड़ी में, होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में, भारतीय हितों वाले छह भारतीय-ध्वज (तिरंगा) लगे जहाज और सात विदेशी झंडों वाले जहाज मौजूद थे, जिन पर कुल 145 भारतीय नाविक सवार थे. इनमें सात फर्टिलाइजर कार्गो जहाज और दो अन्य जहा़ज शामिल हैं. फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में मौजूद इन जहाजों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई गई है. उस एक्शन प्लान पर काम चल रहा है.
अब तक 58 जहाजों से आ चुकी बुरी खबर
अब तक, भारतीय-ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी चार और भारतीय क्रू वाले विदेशी-ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी 58 चिंताजनक घटनाओं की सूचना मिली है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन घटनाओं में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, वहीं 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं. मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है. हालांकि बीते रविवार को भारतीय जहाजों या भारतीय नाविकों से जुड़ी सुरक्षा या संरक्षा संबंधी किसी नई घटना की सूचना नहीं मिली है.
होर्मुज के अलावा बाब अल-मंहेब में तेल का कारोबार प्रभावित हुआ है. यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही लगातारे सऊदी अरब की राजधानी रियाद में संवेदनशील ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं. इसके अलावा लाल सागर के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यानबू में अरामको की एक यूनिट को भी निशाना बनाया गया है. ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद सऊदी की सरकारी और सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको को अपनी पॉलिसी में बदलाव करना पड़ा है. कंपनी ने यानबू के जरिये कुछ शिपमेंट रोकने के बाद होर्मुज की खाड़ी से एक्सपोर्ट बढ़ा दिया है.
सऊदी की गुजारिश पर चीन ने ईरान से हूती विद्रोहियों को शांत करने को कहा है. दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच नई तकरार दि रही है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएनजीए के सत्र में शामिल होने न्यूयॉर्क आ रहे ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान से मिलने की इच्छा जताई है. इसी बीच, लगे हाथ मौके का फायदा उठाने के लिए ईरान ने भी अमेरिका के साथ बातचीत में फिर से शामिल होने के लिए अपनी शर्तों का पुलिंदा सौंप दिया है.